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Keywords

1. Keywords in <title> tag:- टाइटल टैग में जो भी लिखा जाता हैं, वो आपके पेज के टाइटल के रूप में सर्च इंजन रिजल्ट्स में दिखाई पड़ेगा। इसलिए इसका सही प्रयोग करना बेहद आवश्यक हैं। याद रखिये कि टाइटल टैग कुल छह या सात शब्द का ही हो और उसमे कीवर्ड शुरुवाती हिस्से में ही प्रयोग किया गया हो।



2. Keywords in URL:- अपने पेज के मुख्य कीवर्ड का प्रयोग पेज के URL में जरूर करे। यह SEO के लिए बेहद फायेदेमंद रहता हैं। लेकिन, आपने पूरे पेज पर अगर कही भी कीवर्ड का प्रयोग नहीं किया हैं तो इसका कोई ख़ास फायेदा शायद आपको न मिले।


3. Keyword density in document text:- पेज के content में इस बात का भी ध्यान रखे कि कितने बार कीवर्ड का प्रयोग कर दिया हैं। 3 से 7 प्रतिशत का प्रयोग ही SEO के लिए लाभकारी हैं। Keyword Stuffing से बचे। याद रखे, गूगल के latest update के अनुसार यह आपके वेबसाइट के लिए बुरा साबित हो सकता हैं।

4. Keywords in anchor text:- आपकी वेबसाइट के लिए inbound links पर प्रयोग में लाये गए anchor text पर keywords का प्रयोग करे। याद रखिये, ये links आपकी वेबसाइट के favor में उस वेबसाइट के द्वारा दिए गये एक वोट की तरह काउंट किये जाते हैं।

5. Keywords in headings (< H1 >, < H2 >, etc. tags):- आपके पेज पर दी गयी Headings महत्वपूर्ण keywords का प्रयोग करने के लिए एक और महत्वपूर्ण जगह होती है। लेकिन यह भी ध्यान रखे कि आप उस हैडिंग के नीचे उपयोग में लाये गये keyword के बारे में भी जरूर कुछ valuable content शेयर करे।

6. Keywords in the beginning of a document:- अपने content के शुरुआत में keywords का प्रयोग करे। हालांकि ये पहले बताये गये तरीको जितना असरदार तो नहीं होता, परन्तु इसका भी अच्छा लाभ मिलता हैं।

7. Keywords in metatags :- अगर आपके पास कुछ ऐसे keywords हैं जो गूगल के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं हैं तो भी आप उनका प्रयोग यहाँ metatags में कर सकते है। याद रखिये कि वे keywords, गूगल के अलावा Yahoo और Bing पर आपको अच्छी rank पाने में मदद कर सकते हैं।

8. Keywords in tags :- गूगल सर्च इंजन के spiders आपके पेज पर लगी images को तो नहीं पढ़ सकते, परन्तु उनके textual description से उन images को जान पाते हैं। इसलिए images के alt टैग का प्रयोग जरूर करे।


9. Keyword proximity :- Keywords proximity एक ऐसा मानक हैं जिससे पता लगता है कि text में keywords कितने close है। ये ज्यादा अच्छा है कि वे तुरंत एक दुसरे के साथ हो, उनके बीच में कोई दुसरे शब्द न हो। उदाहरण के लिए, अगर आप “dog food” के बीच में कोई शब्द न लिखते हुए उसे साथ में लिखते है तो ये अलग अलग paragraph में लिखने से ज्यादा अच्छा रहेगा। Keywords proximity उन keywords phrases पर लागू होता है जो 2 या उससे अधिक words से मिलकर बने होते है।

10. Keyword phrases:- keywords का प्रयोग करते समय आप बहुत सारे शब्दों से मिलकर बनी keyword phrases के लिए optimize कर सकते है। उदाहरण के लिए, “SEO services”। ये ज्यादा अच्छा होगा कि जब आप keyword phrases के लिए optimize करे तो उन keywords का चयन करे जो popular है।

11. Secondary keywords:- Secondary keywords को optimize करना एक सोने की खान के बराबर हो सकता है क्योंकि जब हर कोई ज्यादा popular keywords के लिए optimize कर रहा है, तो वहाँ इस तरह के keywords पर pages के लिए competition कम होता हैं।

12. Keyword stemming:- वैसे इंग्लिश के लिए, यह एक बड़ा factor नहीं हैं क्योंकि एक root से जुड़े सभी words को एक दुसरे से सम्बंधित समझा जाता हैं। अगर आपके पेज पर dog शब्द का प्रयोग हैं तो आपके पास dogs और doggy के लिए भी hits आयेंगे। लेकिन, दूसरी भाषाओ में keywords stemming एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता हैं क्योंकि एक stem से जुड़े भिन्न शब्दों को एक दुसरे से सम्बंधित नहीं माना जाता हैं। अतः आपको उन सभी keywords के लिए optimize करना होगा।

13. Synonyms:- मुख्य keywords के लिए optimize करने के साथ साथ target keywords के synonyms भी प्रयोग करने चाहिए। ये English में बनी websites के लिए अच्छा है क्योंकि जब sites की ranking करनी होती हैं तो search engines बेहद समझदारी से synonyms प्रयोग भी कर लेते है। लेकिन बहुत सारी अन्य भाषाओं में rankings की गणना के लिए synonyms को प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है।

14. Keyword Mistypes :- Spelling errors का होना भी बेहद सामान्य बात है और यदि आप जानते है कि misspellings या alternative spellings के रूप में आपके target keywords बेहद popular हो चुके है तो आपको उन रूपों के लिए भी optimize करने की कोशिश करनी चाहिए। हाँ, इस से आप ज्यादा traffic प्राप्त कर सकते है। लेकिन, याद रखिये कि spelling में गलतियों के होने से आपकी website का अच्छा impression नहीं बनता है। इसलिए, बेहतर होगा कि आप ये प्रयोग न करे या फिर इस को केवल metatags में ही उपयोग में लाये।

15. Keyword dilution:- जब आप उन keywords की अत्यधिक मात्रा के लिए optimize करेंगे जिनका आपके content से कोई सम्बन्ध नहीं हैं, तो ये आपके सभी मुख्य keywords से मिल सकने वाले लाभ को भी प्रभावित कर देता है।

16. Keyword stuffing:- Keyword stuffing कृत्रिम रूप से 10% या उससे ज्यादा keywords का content में प्रयोग करना हैं। याद रहे, ये आपको search engines से बैन होने का खतरा पैदा करता है !

Links – Internal, Inbound, Outbound


1. Anchor text of inbound links:- जैसे कि पीछे keywords section में बताया गया है, यह अच्छी rankings लाने के लिए important factors में से एक है। यह बहुत अच्छा होगा यदि आपका keyword, anchor text में हो, लेकिन नहीं भी है तो ठीक है। हालाकि, बार बार एक ही anchor text का प्रयोग मत करे क्योंकि Google इसके लिए penalize भी कर सकता है। Synonyms, keyword stemming या फिर अपनी site का नाम प्रयोग करे।

2. Origin of inbound links:- याद रखे, anchor text के अलावा ये भी जरुरी है कि जो साईट आप की site से जुडी है, वो reputable है या नहीं। साधारणतया जो sites बेहतर Google PR वाली होती है reputable मानी जाती है। Poor sites और link farms से प्राप्त links आपको बहुत हानि पहुंचा सकते है, इसलिए किसी भी तरह उनसे बचे।






3. Links from similar sites:- अक्सर links के लिए, ये समझा जाता हैं कि जितने ज्यादा उतना बेहतर हैं। लेकिन links की संख्या के मुकाबले, आप की site से जुडी sites की reputation ज्यादा जरुरी है। और उनका anchor text, उपयोग किये anchor text में keywords की कमी/उपस्तिथि, link की age आदि भी बहुत जरुरी है।

4. Links from .edu and .gov sites:- ये links बहुत कीमती है क्योंकि .com, .biz, .info आदि domains के मुकाबले .edu and .gov sites ज्यादा reputable मानी जाती है। हालाकि इस प्रकार के links प्राप्त करना बहुत कठिन है।

5. Number of backlinks:- अक्सर इस प्रकार के links के लिए भी, ये समझा जाता हैं कि जितने ज्यादा उतना बेहतर हैं। लेकिन links की संख्या के मुकाबले, आप की site से जुडी sites की reputation ज्यादा महत्वपूर्ण है। और उनका anchor text भी जरुरी है। ध्यान रखिये, उसमें एक keyword है या नहीं, वे कितने पुराने है, इत्यादि।

6. Anchor text of internal links:- ये भी जरुरी है, लेकिन इतना नहीं जितना कि inbound links का anchor text।

7. Around-the-anchor text:- Anchor text के ठीक आगे या पीछे का text भी महत्व रखता है क्योंकि ये दर्शाता है कि link किस प्रकार सम्बंधित हैं उस site से जिस से वो जुड़ा हैं। कही ये link कृत्रिम रूप से बनाया गया हैं या text के natural flow के अनुसार हैं।

8. Age of inbound links:- ज्यादा पुराना होना ज्यादा अच्छा है। बहुत सारे नए links एक साथ पा लेना उन्हें खरीदना समझा जाता है।

9. Links from directories:- ये tactics कार्य करेगी या नहीं, कहना जरा मुश्किल हैं क्योंकि ये पूर्ण रूप से निर्भर करता है कि किस प्रकार की directories से ये links मिले है। DMOZ, Yahoo Directory और इन जैसी directories में listed होना आपकी ranking के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, PR 0 directories के बहुत links बेकार है क्योंकि, यदि आपके पास ऐसे सैकडों या हजारों links है तो इसको link spamming भी माना जा सकता हैं।

10. Number of outgoing links on the page that links to you:- यह जितना कम हो उतना ही आपके लिए अच्छा है क्योंकि इस प्रकार आपके links ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई देते है।

11. Named anchors: - Internal Navigation के लिए Named anchors फायदेमंद माने जाते है। लेकिन, SEO के लिए भी ये काफी फायदेमंद है क्योंकि ये दर्शाते हैं कि एक विशेष page, paragraph या text महत्वपूर्ण है।

12. IP address of inbound link:- Google अक्सर इस बात से इनकार करता रहा है कि वह उन links में जो एक ही तरह की IP address या C class से आते है, कोई भेदभाव करता है। इसलिए माना जा सकता हैं कि Google, सभी inbound links के लिए प्रयोग में लाये IP address का कोई विशेष महत्त्व नहीं मानता। हालाकि, Bing और Yahoo एक ही IPs या IP classes से जुड़े links को discard कर सकते है। इसलिए हमेशा विभिन्न IPs से links प्राप्त करना बेहतर रहता हैं।

13. Inbound links from link farms and other suspicious sites:- मुमकिन है कि ये आपको प्रभावित नही करे जब तक, links का स्वभाव reciprocal नही है। यहाँ धारणा ये है कि link farm से प्राप्त links के बारे में कुछ भी वर्णन करना आप के लिए तो संभव नहीं हैं। इसलिए आपको इसकी सजा नहीं मिलेगी। जबकि Google algorithm में आये कुछ पिछले बदलाव इसके विपरीत सलाह देते है। इसलिए, आपको हमेशा link farm और अन्य संदेहजनक sites से दूर रहना चाहिए। यदि आप देखते है कि वे आपसे links रख रहे है तो उनके webmaster से संपर्क कर link हटाने के लिए बोले।

14. Many outgoing links:- Google बहुत सारे links वाले pages को पसंद नहीं करता है, इसलिए आपको प्रत्येक पेज पर 100 से कम रखने चाहिए। बहुत सारे outgoing links आपको ranking अच्छा करने में कोई लाभ नहीं पंहुचा सकते हैं बल्कि उनसे आपकी website की स्तिथि और बेकार हो सकती हैं।

15. Excessive linking, link spamming:- यदि आपके पास एक जैसी sites से बहुत सारी links है, तो यह आपकी rankings के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि इससे ऐसा लगता है कि link खरीदी गयी है या तो फिर spamming की गयी है। सही मायने में, उनमे से केवल कुछ ही links आपकी website की SEO rankings के लिए consider की जाएँगी।

16. Outbound links to link farms and other suspicious sites:- link farms या किन्ही suspicious sites से प्राप्त inbound links से ज्यादा किसी पुरानी website को दिया गया outbound link, आपको हानि पंहुचा सकता हैं। इसलिए आपको समय समय पर उन sites के बारे में जानकारी लेनी चाहिए जिनसे आप के links है क्योंकि कभी कभी अच्छी sites भी bad neighbors साबित हो जाती है।

17. Cross-linking:- Cross-linking तब होता है जब site A, site B से जुडती है, site B, site C से जुडती है site C, site A से जुडती है। यह सबसे आसान उदहारण है लेकिन इससे ज्यादा complex schemes भी संभव है। Cross-linking को बिलकुल reciprocal link trading की तरह देखा जाता हैं और इसके लिए penality भी लग सकती हैं।

18. Single pixel links:- यदि आपके पास एक link है जोकि एक pixel है या बस इतना ही बड़ा है कि मानव नेत्र उसको देख ना सके, तो कोई भी इस पर click नहीं करेगा और जाहिर है कि ये links केवल search engines को manipulate करने के लिए प्रयोग किये जायेंगे।

Meta Tags


1. <Description> metatag:- metatags की जरुरत लगातार ख़तम हो रही है लेकिन यदि कही metatags है तो वहाँ वो महत्व भी रखते है, ये कुछ और metatags है। metatag का प्रयोग अपनी site का एक बेहतरीन description लिखने में कीजिए। लेकिन एक हकीकत यह है कि metatags, Bing और Yahoo पर अभी भी जरुरी है, metatag का एक और फायदा भी है- ये कभी कभी search results में आपकी site के डिस्क्रिप्शन के रूप में आ जाता है।

2. <Keywords> metatag:- टैग metatag भी जरुरी हैं। परन्तु, सभी metatags की तरह इस पर Google की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जाता और Yahoo तथा Bing भी थोडा ही ध्यान देते है। metatag को जरुरत के हिसाब से लगभग 10 से 20 keywords का ही रखे। tag में उन keywords का प्रयोग न करे जो आपने अपने पेज में प्रयोग ही नहीं करें, ये आपकी website की rankings के लिए बुरा होगा।

3. <Language> metatag:- यदि आपकी साईट language-specific है तो इस tag को खाली न रहने दीजिये। Search engines के पास एक पेज की भाषा को निर्धारित करने के लिए, metatag पर भरोसा करने के अलावा बहुत सारे प्रभावी रास्ते है, लेकिन वे इस पर भी विचार करते है।

4. <Refresh> metatag:- metatag, visitors को आपकी site से दूसरी site पर redirect करने का एक रास्ता है। ऐसा केवल तब कीजिए जब आपने हाल ही में अपनी site को एक नये domain में migrate किया हो और आप कुछ समय के लिए अपने visitors को redirect करने की जरुरत रखते है। ज्यादा समय के लिए प्रयोग में लेने के बाद, metatag का प्रयोग unethical practices में गिना जाता है। और ये आपकी website की ratings को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। किसी भी परिस्तिथि में 301 के द्वारा redirect करना ज्यादा उचित है।


Content

1. Unique content:- अधिक से अधिक ऐसे content का होना जो किसी अन्य website से भिन्न हैं, आपकी site की rankings को तेजी से बढाता है।

2 Frequency of content change :- बार बार content में परिवर्तन यक़ीनन पसंद किया जाता है। ये बहुत अच्छा होगा कि आप लगातार नये content जोड़ें। लेकिन, ये इतना भी अच्छा नहीं होगा अगर आप के द्वारा डाले गए content, पुराने content पर कुछ छोटे update करके ही बना दिए गये हैं।

3 Keywords font size :- जब document text में एक keyword का font size दुसरे texts के हिसाब से बड़ा होता है तो, वो ज्यादा आकर्षक लगता है, इसीलिए ये दुसरे text के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसा ही headings में भी कीजिए, जो साधारण रूप से बाकी text के मुकाबले बड़े font size में होनी चाहिए।

4 Keywords formatting :- Bold और Italic करके, इस प्रकार के शब्दों और phrases को ज्यादा important बनाना भी एक और तरीका है। हालाकि, Bold, Italic और बड़े font sizes का प्रयोग जरुरत के हिसाब से करे क्योंकि इसका विपरीत प्रभाव भी आपकी website पर हो सकता हैं।

5 Age of document:- सर्च इंजन recent documents को पसंद करते हैं। अगर ऐसा संभव नहीं तो regularly updated का प्रयोग करने का प्रयास करे।

6 File size :- साधारण रूप से, long pages ज्यादा पसंद नही किये जाते है। निश्चित ही आप ज्यादा अच्छी rankings पा सकते है यदि आप दिए गए topic पर एक long पेज की बजाय 3 छोटे पेज प्रयोग करते है। इसलिए, long pages को कई छोटे pages में convert कर ले और इस बात का भी ध्यान रखे कि text में 100-200 शब्द या उससे भी कम रखने वाले pages को Google नापसंद करता है।

7 Content separation:- Marketing नजरिये से देखने पर, content separation उचित हो सकता है लेकिन SEO के लिए ये गलत है क्योंकि जब आपके पास एक URL और उससे अलग content है तो सर्च इंजन confuse हो जाएगा कि पेज का वास्तविक content क्या है।

8 Poor coding and design :- Search engines के हिसाब से ख़राब design और poor coding style वाली sites सही नहीं होती। हालांकि, ऐसी बेहद कम sites है जो poor code या बुरे images की वजह से ban कर दी गयी है लेकिन जब एक site का design या coding ख़राब है तो वह site किसी भी तरह indexable नहीं हो सकती। इस प्रकार ख़राब design और code आपको बहुत हानि पहुंचा सकते है।

9 Illegal Content:-  दुसरे लोगों के copyrighted content को बिना उनकी इजाजत के प्रयोग करने से या ऐसे content का प्रयोग जो कानून के खिलाफ प्रचार करता हो, आपको search engines से बाहर निकाल सकता है।

10 Invisible text :- यह एक black hat SEO तरीका हैं और spiders इसका पता लगा लेते है कि आपने text मुख्य रूप से उनके लिए वहा रखा है नाकि लोगों के लिए। अगर ऐसा हैं तो penalty पर चकित होने की जरुरत नहीं है।

11 Cloaking :- Cloaking भी एक illegal तकनीक है, जिसमे आंशिक रूप से content विभाजन भी शामिल हो जाता है क्योंकि spiders एक पेज देखता है, और बाकी सब उसी पेज के दुसरे version होते है।

12 Doorway pages :- ऐसे Page बनाना जिनका लक्ष्य spiders को यह जताना होता हैं कि आपकी वेबसाइट एक highly-relevant साईट हैं जबकि वो हैं नहीं। जी हाँ, यह भी एक तरीका सर्च इंजन को चकमा देने का।

13 Duplicate content :- जब site पर बहुत सारे pages पर एक जैसा content होता है तो ये आपकी site को बड़ा महत्वपूर्ण नहीं बनाता है। याद रखिये, duplicate content के वजह से आपकी website पर penalty लग सकती हैं।

Visual Extras and SEO


1. JavaScript:- यदि इसका प्रयोग समझदारी से किया जाए तो ये हानि नहीं पहुँचाता। लेकिन यदि आपका मुख्य content, JavaScript के जरिये दीखता है, तो ये spiders के लिए बहुत कठिन बना देता है। यदि JavaScript code में कोई गड़बड़ है तो spiders उसे follow नहीं कर सकते है तो ये आपकी ratings को जरुर नुकसान पहुंचाएगा।

2. Images in text :- केवल texts से भरी हुई site बहुत boring होती है. लेकिन, बहुत सारे images का होना और कोई text न होना तो Seo के लिए बहुत ज्यादा गलत है। हमेशा, टैग का प्रयोग करे और उसमे अपने images के लिए कुछ meaningful description जरूर दे।

3. Podcasts and videos:- Podcasts और videos बेहद ज्यादा लोकप्रिय हो रहे है। लेकिन जैसा सभी non-textual goodies के साथ होता हैं, search engines उन्हें नहीं पढ़ सकते हैं। इसलिए, यदि आपके पास podcast या video की tapescript नहीं है तो यह लगभग ऐसा होगा कि वहाँ podcast या movie हैं ही नहीं क्योंकि ये search engines में indexed नहीं होगा।

4. Images instead of text links:- text links के बजाय images का प्रयोग करना गलत होगा, खासतौर पर जब आप tag में भरेंगे। लेकिन फिर भी यदि आप tag में भरते है, तो यह बिलकुल वैसा नहीं होगा जैसे एक bold, underlined, 16-pt. link होने पर होगा, इसलिए images का प्रयोग केवल navigation के लिए करे यदि यह आपकी site के graphic layout के लिए सच में जरुरी है।

5. Frames:- Frames, SEO के लिए बहुत ज्यादा गलत है। उनके प्रयोग न करे जब तक कि बेहद जरुरी ना हो।

6. Flash:- Spiders, Flash movies के content को इंडेक्स नहीं करते है, इसलिए अगर अपनी site पर Flash का प्रयोग करे तो, इसको एक alternative textual description देना भी याद रखे।

7. A Flash home page:- सोभाग्य से ये बीमारी अब कम होती नजर आ रही है। एक Flash home पेज का होना और HTML version का न होना, SEO के नजरिये से बहुत खतरनाक है।

Domains, URLs, Web Mastery


1. Keyword-rich URLs and filenames:- यह बहुत जरुरी factor है खासतौर पर Yahoo! और Bing के लिए।

2. Site Accessibility:- एक और fundamental issue जो अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। Broken links, 404 errors, password protected areas और बहुत से ऐसे कारणों की वजह से, यदि आपकी वेबसाइट accessible नहीं होती हैं तो वह website आसानी से indexed नहीं हो सकती।

3. Sitemap:- एक पूरा और अपडेटेड sitemap होना बहुत अच्छा है। Spiders को यह पसंद है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये पुरानी तरह का HTML sitemap है या special format का Google का sitemap है।

4. Site size:- Spiders को बड़ी sites ज्यादा पसंद है इसीलिए site साइज़ में जितनी बड़ी होगी उतना ही फायदेमंद हैं। हालाकि, बड़ी sites अक्सर user-unfriendly हो जाती हैं। इसलिए, कभी कभी बड़ी sites को कुछ छोटी छोटी sites में बाँट देना बेहतर रहता हैं। दूसरी तरफ ये भी एक फैक्ट हैं कि ऐसी sites मुश्किल से ही होती है जो कभी penalize कर दी गयी क्योंकि उनमे 10,000 से ज्यादा pages है। इसलिए, एक बड़ी website को केवल pieces में सिर्फ इस वजह से न बाटें क्योंकि यह लगातार बड़ी होती जा रही हैं।

5. Site age:- Wine की तरह पुरानी sites भी ज्यादा respected होती है। यह माना जाता है कि एक नयी site के मुकाबले, एक पुरानी बनी हुई site ज्यादा विश्वासयोग्य होती है।

6. Site theme:- ऐसा नहीं हैं कि केवल URLs और पेज में प्रयोग किये गए keywords ही महत्व रखते हैं। इनसे ज्यादा, Site theme अच्छी ranking के लिए जरुरी है क्योंकि जब site किसी एक theme में fit हो जाएगी, तो ये इस theme से जुड़े अपने सभी pages की rankings को तेजी से बढ़ाएगी।

7. File Location on Site:- File की location भी महत्वपूर्ण होती है और जो files, root directory या उसके पास में स्थित है वो अच्छी rank पाती है उन files के मुकाबले जो 5 या उससे भी नीचे दबी हुई है।

8. Domains versus subdomains, separate domains:- एक अलग domain होना ज्यादा अच्छा रहेगा- उदाहरण के लिए, blablabla.blogspot.com को छोड़ कर आपको एक अलग blablabla.com domain राजिस्टर करना चाहिए।

9. Top-level domains (TLDs):- सभी TLDs एक समान नहीं होते है। ऐसे भी TLDs ही है जो दुसरो से ज्यादा अच्छे है। उदाहरण के लिए, .ws, .biz, या .info domains से ज्यादा, चर्चित TLD .com ज्यादा अच्छा है लेकिन .edu या .org जैसे domains से ज्यादा अच्छा कोई नही है।

10. Hyphens in URLs :- एक URL में शब्दों के बीच में hyphens होने से readability बढ़ जाती है और SEO rankings में मदद मिलती है। ये दोनों hyphens में लागू होता है, फिर वो domains के नाम में हो और या URL के बाकी हिस्से में।

11. URL length:- साधारणत: ये ज्यादा महत्व नही रखता है। लेकिन, एक बहुत लम्बा URL है तो ये spammy सा दिखना शुरू हो जाता है। इसलिए URL में अधिकतम 10 शब्दों का ही प्रयोग करे।

12. IP address:- ये भी तीन परिस्तिथियों में महत्वपूर्ण हो सकता हैं; अगर shared hosting की स्तिथि है या जब एक site किसी मुफ्त में hosting देने वाले से host होती है और तब भी, जब IP या IP addresses की पूरी C-class, spamming या अन्य कारणों से blacklisted है।

13. Adsense will boost your Ranking Adsense किसी भी प्रकार से SEO ranking से नहीं जुड़ा है। Adsense ads की वजह से, Google आपको बिलकुल भी कोई ranking bonus नही देगा। Adsense शायद आपकी income तो बढ़ा सकता है लेकिन इसकी वजह से search rankings पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

14. Adwords will boost your ranking:- Adsense की तरह Adwords का भी आपकी search rankings को बढ़ाने में कुछ हाथ नहीं होता है। Adwords आपकी site पर ज्यादा traffic ला देगा लेकिन यह किसी भी तरह से rankings को नहीं बढ़ाता हैं।

15. Hosting downtime :- Hosting downtime सीधा accessibility से जुड़ा हुआ है क्योंकि यदि कोई site बार बार down हो जाती है, तो यह indexed नहीं हो सकती है। लेकिन आमतौर पर ऐसा नहीं होता, यदि आपका hosting provider वास्तव में विश्वसनीय नहीं है और उसका uptime 97-98% से कम है, तो ये आपके लिए परेशानी बन सकता है।

16. Dynamic URLs:- Spiders सामान्य रूप से static URLs को पसंद करते है, हालांकि आप बहुत सारे dynamic pages को भी top positions पर देखेंगे। Long dynamic URLs सच में बुरे होते है और आपको dynamic URLs को SEO-friendly तरीके से लिख सकने वाले किसी टूल का प्रयोग करके rewrite करना चाहिए।

17. Session IDs:- यह dynamic URLs से भी ज्यादा बुरा है, Session IDs का प्रयोग ऐसी जानकारी के लिए न करे जो आप spiders के द्वारा indexed कराना पसंद करते है।

18. Bans in robots.txt:- यदि site के काफी भाग की indexing बैन हो जाती है तो यह nonbanned part को भी उसी तरह प्रभावित करती है क्योंकि spiders एक “noindex” site पर बहुत ही कम बार आएगा।

19. Redirects (301 and 302):- जब आप redirects का ठीक तरह से प्रयोग नहीं करते हो तो ये बहुत नुकसान पहुंचा सकता है- शायद target पेज न खुले या इस से भी ख़राब हो जाए। जब visitor तुरंत ही कोई दूसरा पेज ले जाया जाता है तो किसी redirect को एक black hat technique के जैसे माना जा सकते है।

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  1. How to find back link..
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