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क्या आपको बौद्ध धर्म के बारे मे पता है अगर नहीं तो आज हम आपको बौद्ध धर्म मे किस तरह महिलाओ को आने की अनुमति मिली पर जानकारी देने वाले है बौद्ध धर्म इतिहास परिचय या महात्मा बुद्ध जीवन परिचय 

महात्मा बुद्ध जीवन परिचय 

आज हम बात करेंगे महात्मा बुद्ध के बारे में। जी हाँ बौद्ध धर्म की संस्थापना महात्मा बुद्ध की थी इनका जन्म 563 ई नेपाल की तराई में स्थित कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी ग्राउंड में हुआ था। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था और इनका वह सत्य था। इनके पिता शाक्य पुल के क्षत्रिय राजा शुद्धोधन और उनकी माता का नाम महामाया था। इनका लालन-पालन उनकी मौसमी गौतमी द्वारा किया गया।




इनकी पत्नी का नाम यशोधरा था और इनके एक पुत्र था। उसका नाम राहुल था और उन्हें 35 वर्ष की आयु में उरुवेला में वटवृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया जो कि धर्म चक्र प्रवर्तक कहलाया। महात्मा बुद्ध ने सबसे ज्यादा उपदेश कौशल की राजधानी श्रावस्ती में दिए थे। उपाली महात्मा बुद्ध के प्रधान शिष्य थे। आनंद महात्मा बुद्ध के सबसे प्रिय शिष्य थे।




आनंद के कहने पर ही महात्मा बुद्ध ने महिलाओं को भी बौद्ध धर्म में प्रवेश करने की अनुमति दी थी। कमल दिखने का अर्थ है कि महात्मा बुद्ध का जन्म हो चुका है। शान शान देखने का अर्थ है कि उनमें योवन आ चुका है। सिंह का अर्थ है कि उनके जीवन में समृद्धि की वृद्धि हो रही है। हास्य अश्व का अर्थ है कि उन्होंने गृह त्याग दिया है। बोधि वृक्ष यानी कि पीपल इसका अर्थ है उनके जीवन में ज्ञान की प्राप्ति हो चुकी है। धर्मचक्र धर्मचक्र का अर्थ उन्होंने अपना प्रथम उपदेश दे दिया है। पद चिंह पद चिन्ह निर्माण का संकेत देते हैं। स्तूप स्तूप उनके जीवन में प्रमुख है क्योंकि स्तूप उनके महापरिनिर्वाण का निधन का संकेत था।

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