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आज भारत मे बड़े धूमधाम से 15 अगस्त की खुशी मे मनाया जा रहा लेकिन ऐसे बहुत से लोग है जिन्हे पंद्रह अगस्त पर अच्छी जानकारी है लेकिन बहुत लोगो को नहीं पता होता है 15th August क्यो मनाया जाता है तो चलिये भारत के 15 अगस्त पर जाने स्वतंत्रा दिवस के इतिहास के बारे मे

आज की तारीख 15th अगस्त की है और आज के दिन हमारे देश भारत मे स्वतंत्रा दिवस मनाया जाता है | लेकिन स्वतंत्रा दिवस पर जानकारी देने से पहले आप सभी को हमारी तरफ से भारत के 71वे स्वतंत्रा दिवस के शुभ अवसर पर बधाई हो !!

स्वतंत्रा दिवस [ 15 August ] क्यो मनाया जाता है ??
स्वतंत्रा दिवस हर एक भारतीय के लिए गर्व का दिन है आज ही के दिन हमारे देश को या हमे आजादी मिली थी क्योकि हमारे देश को ब्रिटिश शाशन द्वारा गुलाम बना लिया गया था लेकिन बहुत से आंदोलन और लड़ाईयो के बाद हमे ब्रिटिश राज से आजादी मिली |

ajadi ki photo india


आज का दिन सभी भारतीय नागरिकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है और इतिहास मे सदा के लिए उलेखनीय हो चुका है आज के दिन लालकिले से लेकर गाँव के छोटे छोटे मुहल्लों मे भी स्वतंत्रा दिवस बड़े धूम धाम से मनाया जाता है | आज का दिन सभी देशवासियो के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है क्योकि यह दिन हमे मौका देता है उन महान स्वतंत्र सैनिकों को याद करने का जिन्होंने हमे शांतिपूर्ण जीवन देने के लिए अपने प्राणो की आहुती दे दी | उन्ही के बलिदानो के वजह से आज हम स्वतंत्र है |


भारत की आजादी के पहले दिन को याद करने के लिए हम हर साल स्वतंत्रा दिवस मनाते है साथ ही हम उन महान लोगो को याद करते है जिनके कठिन संघर्ष के कारण हम अपनी आजादी को आज के दिन जी पा रहे है और अपनी इच्छा और अपनी मर्जी से खुली हवा मे सास ले पा रहे है | अंग्रेज़ो से आजादी पाना हमारे पूर्वजो के लिए बेहद असंभव काम था लेकिन हमारे पूर्वजो ने लगातार प्रयास करके आजादी प्राप्त कर लिया | हमे उनके द्वारा दिए गए योगदान और बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए | क्योकि आज हम अपने पूर्वजो के बलिदान के कारण ही स्वतंत्र है |

कैसे बना भारत एक गुलाम देश इतिहास

यह कहानी उन दिनो से शुरू होती है जब भारतवासी आराम से 1857 से पहले अपने देश मे शुरू शुरू मे रहते थे | इन्ही दिनो मे कुछ अंग्रेज़ मशाले की खेती के उद्देश से भारत देश मे या हिंदुस्तान मे आए थे | वैसे तो अंग्रेजो का उद्देश हिंदुस्तान मे मशाले की खेती का ही था लेकिन जब उन्होने हिन्दुस्तानियो को मार काट करते हुए या एक दूसरे की बुराई करते हुए या एक दूसरे का साथ नहीं देते हुए देखा तो वह समझ गए कि इस देश को भी बाकी देशो की तरह गुलाम बनाया जा सकता है और अंग्रेज़ो ने अपनी चाल यही से शुरू की और हिंदुस्तान पर अँग्रेजी हुकूमत का परचम लहराने की तैयारी शुरू कर दी |



अंग्रेज़ धीरे धीरे मशाले के व्यापार के नाम पर आते गए और आते समय खुद तो ज्यादा तादाद मे आते थे साथ ही अपने साथ हथियार गोला बारूद भी ले आते क्योकि हिंदुस्तान को गुलाम बनाने के लिए उन्हे फौज और हथियार की जरूरत थी और आखिरकार सबसे पहले बंगाल पर कब्जा जमा लिया |  जब बंगाल पर अंग्रेजो ने कब्जा जमाया उस समय बंगाल के नवाब सुलतान सिराजुदौला थे |



बंगाल पर कब्जा करने के लिए अंग्रेज़ एक योजना बनाई थी और वह योजना बंगाल के राजा सुल्तान सिराजुदौला के सेनापति मीरजाफ़र को अपनी और मिलाना था | मिरजाफ़र को अंग्रेज़ो ने लालच दिया कि जब हम बंगाल को जीत लेंगे तब आपको बंगाल का राजा बना दिया जाएगा | इस लालच मे मीर जाफ़र आ गए और अंग्रेज़ो से हाथ मिलाकर हाँ कर दिया फिर क्या अंग्रेज़ नवाब सिराजुदौला पर आक्रमण कर दिए और मीर जाफ़र सही मौके पर सेना की बड़ी टुकड़ी लेकर मैदान से कही और भाग गया | इसका नतीजा यह हुआ नवाब सिराजुदौला की हार हुई और उन्हे अंग्रेज़ो द्वारा बंदी बना लिया गया और समय अनुसार मीर जाफ़र को भी अंग्रेजो ने रास्ते से हटा दिया |


जब अंग्रेज़ो ने बंगाल पर कब्जा बना लिया तो अब वह कहा रुकने वाले थे और यही से अंग्रेज़ अपनी हुकूमत का पर्चा पूरे हिंदुस्तान मे धीरे धीरे महीने साल बीतते बीतते लहराने लगे समझिए हिंदुस्तान का नक्शा बदलने लगा और लोग अँग्रेजी हुकूमत के गुलाम बनते गए |

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