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दुनिया की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन का रिकार्ड जापान की एलओ सीरीज ट्रेन का है इसका परीक्षण जापान ने 21 अप्रैल 2015 को किया था | इसकी अधिकतम रफ्तार 603 KM/Hour है | 2027 तक इस ट्रेन को चलाने की योजना है | यह अत्याधिक चुंबकीय तकनीकी मैगनोटिक लेवीटेशन से चलती है | इसमे बिजली से चार्ज किए गए चुंबक ट्रेन को पटरी से चार इंच ऊपर रखते है | इससे शोर कम रफ्तार अधिक हो जाती है |

bullet train

हर देश की चाह, खुले हाई स्पीड की राह - Bullet Train In India

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिजों एबी के साथ गुरुवार को देश मे बुलेट ट्रेन या हाई स्पीड रेल [ एचएसआर ] की बुनियाद राखी | इसे भारतीय अर्थव्य्स्था के लिए बेहतर अवसर के रूप मे देखा जा रहा है | अपने आर्थिक सामाजिक और प्राकृतिक लाभ के चलते ही एचएसआर दुनिया के कई देशो को आकर्षित कर रही है | इसकी शुरुवात जापान से 1964 मे शिनक्नसेन ट्रेन के रूप मे हुई | चीन जर्मनी फ्रांस समेत करीब 15 देश इसे अपना चुके है | कई देशो मे इसके निर्माण की योजना है | विश्व की सर्वाधिक रफ्तार ट्रेन जापान के पास ही है | हाई स्पीड ट्रेन की न्यूनतम रफ्तार 200 KM/Hour होती है |
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विकास को गति, पर्यावरण सुरक्षित, रोजगार सहित देश को होंगे कई फायदे -



बढ़ेगी प्रति व्यक्ति जीडीपी -
समावेशी विकास को ध्यान रख जब जापान ने 1964 मे पहली बुलेट ट्रेन चलाई तो उसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी 825 डॉलर थी | अब यह 36 हजार डालर है चीन मे एचएसआर के बाद प्रति व्यक्ति जीडीपी 3500 से 8 हजार डालर पहुच गई है | 2022 मे जब भारत मे यह ट्रेन चलेगी तो प्रति व्यक्ति जीडीपी करीब 3 हजार डालर होगी | भारत को इसका फाइदा मिलेगा क्योकि इस रूट पर मुंबई, वापी, और ठाणे जैसे कई बड़े व्यावसायिक केंद्र है |

नए रोजगार - करीब 20 हजार लोगो को इसके निर्माण कार्य मे और 4 हजार से अधिक लोगो को निर्माण के बाद स्थायी नौकरी मिलेगी |

तकनीकी समझने मे मदद -
बुलेट ट्रेन चलने से देश की कंपनियो को इसकी तकनीकी को समझने मे मदद मिलेगी | इससे भविष्य मे स्वदेशी स्तर पर बुलेट ट्रेन चलाने का प्रयास होगा साथ ही भारतीय रेलवे को भी फायदा होगा |



शीर्ष एचएसआर और देश -
चीन - शंघाई मैगलेव ट्रेन -
431 किमी/घंटा रफ्तार विश्व की मौजूदा हाई स्पीड ट्रेन है | चीन मे 22 हजार किमी का एचएसआर ट्रेक है जो दुनिया का सर्वाधिक है |

चीन - हार्मोनी सीआरएच 380ए
अधिकतम रफ्तार 380 किमी/घंटा है | बीजिंग से शंघाई के बीच 2010 मे इसे शुरू किया गया था |

इटली - एजीवी इटालो
अधिकतम रफ्तार 360 किमी/घंटा है 2012 मे चालू हुआ |

स्पेन - सिमेंस वेलैरो ई/एवीई 103
अधिकतम रफ्तार 350 किमी/घंटा है बार्सिलोना और मेड्रिड़ के बीच 2007 मे शुरू हुई |

स्पेन - टाल्गो 350
अधिकतम रफ्तार 350 किमी/घंटा है 2005 से यह ट्रेन मेड्रिड़ - बार्सिलोना रेल लाइन पर चल रही है |

अन्य प्रमुख देश -
  • मोरकको - केनित्रा और टेंगीयर के बीच 2018 मे एचएसआर शुरू होगी 
  • इन्डोनेशिया - जाकार्ता से बांडुग के बीच एचएसआर चलाने की योजना
  • सऊदी अरब - मदीना से मक्का चलाने की योजना
  • उज्बेकिस्तान - छह सौ किमी ट्रैक पर टाल्गो 250 एचएसआर चलती है
  • दक्षिण कोरिया - सियोल से बूसान के बीच कोरियन ट्रेन एक्स्प्रेस चलती है
  • ताइवान - ताइपे रेलवे स्टेशन से जुओयिंग स्टेशन तक चलती है 
  • अमेरिका - कई रूटो पीआर चालू साथ ही कुछ अन्य रूट प्रस्तावित
  • फ्रांस - 1981 मे यूरोप की पहली एचएसआर पेरिस - ल्यान के बीच चली | 2647 किमी मौजूदा एचएसआर रेल नेटवर्क है इसके साथ ही जर्मनी और रूस मे कई रूटो पर एचएसआर चलती है |

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