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रोज डे का विरोधी नहीं हु मे - प्रधानमंत्री ने कहा कालेजों मे कई तरह के डे मनाए जाते है आज रोज डे, कल कुछ और डे | 
हमारे देश के प्रधान मंत्री ने सोमवार को कहा हम देश के नौजवानो को रोजगार मागने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनाना चाहते है | प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानन्द के शिकागो मे दिए गए भाषण की 125वी वर्षगांठ पर "युवा भारत नया भारत" विषय पर आयोजित समारोह को संबोधित किया | उन्होने छात्र और युवाओ मे नवोन्मेष, कोशल विकाश को बढ़ावा बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत की उन्होने कहा हम समाज, जीवन मे तभी प्रगति कर सकते है जब हम नए प्राणवान रहे और इसके माधायम से आधुनिक और 21वी सदी का भारत तैयार कर सकते है | उन्होने कहा हम स्टार्टटप योजना को आगे बढ़ा रहे है | हिदुस्तान के युवाओ मे बुद्धि और सामर्थ्य है | आज हम इस उद्देश से कौशल को महताव दे रहे है क्योकि सर्टिफिकेट से ज्यादा महत्व हुनर को दिया जाता है | उन्होने विवेकानन्द के शिकागो मे 11 सितंबर 1893 मे दिए गए भाषण का उल्लेख किया |
pm modi

भाषण मे मोदी द्वारा कही गई खास बाते

असफलता ही सफलता की सीढ़ी - प्रधानमंत्री ने कहा कई कोगो को यह लगता है की वे विफल हो सकते है लेकिन क्या पाने दुनिया मे कोई ऐसा इंसान देखा है जो फेल हुए बिना सफल हुआ हो | कई बार असफलता ही सफलता की सीढ़ी होती है | किनारे पर रहने वाला व्यक्ति डूबता नहीं है लेकिन सफल वही होता है जो लहरों को पार करने का साहस दिखाता है |



कालेज परिसर को स्वस्थ रखे - मोदी ने कहा हम मानते है गंगा मे डुबकी लगाने से पाप धूल जाते है | हर युवा चाहता है की एक बार माता पिता को गंगा मे डुबकी लगवाए लेकिन क्या कभी हमने उसकी सफाई के बारे मे सोचा है | प्रधानमंत्री ने कहा कि आज तक उन्होने नहीं देखा कि छात्र संघ चुनाव मे किसी उम्मीदवार ने कहा हो की वो केम्पस को साफ रखे |

रोज डे का विरोधी नहीं हु मे - प्रधानमंत्री ने कहा कालेजों मे कई तरह के डे मनाए जाते है आज रोज डे, कल कुछ और डे | कुछ लोग इसके विरोधी है लेकिन वह इसके विरोधी नहीं है | ऐसा इसलिए क्योकि हमे रॉबर्ट नहीं बनाने है | बल्कि रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देना है | प्रधानमंत्री ने कहा की हमे अपने कालेजो मे अलग - अलग राज्यो के दिवस मनाने चाहिए |

21वी सदी एशिया की होगी -
मोदी ने कहा सालो पहले स्वामी विवेकानंद ने वन एशिया का विचार दिया था | विश्व जब संकटों से घिरा हो तो उस समय समाधान का रास्ता निकालने की ताकत वन एशिया मे से होगी | आज पूरी दुनिया कह रही है 21वी सदी भारत की है | कोई कहता है चीन की है पर इसमे कोई संदेह नहीं की 21वी सदी एशिया की सदी है |



क्या युवा महिलाओ का सम्मान करते है -
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सम्मान पर कहा कि क्या अपने समाज मे हम बुराइयों से नहीं लड़ेंगे | उन्होने नौजवाने से पूछा क्या कि क्या हम लड़कियो के प्रति आदर भाव से देखते है | जो देखते है वह उन्हे सौ बार नमन करते है पर जो नारी के भीतर मानव नहीं देख पाते तो विवेकानद के ब्रदर्स एंड सिस्टर कहने पर ताली बजाने से पहले सोचना चाहिए |

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा -

  • 25 साल पहले भी एक 9/11 हुआ था जब स्वामी विवेकानंद जी विश्व को रास्ता दिखाया था | 1893 के 9/11 मे प्रेम सद्भाव और भाईचारा था |
  • मैंने जब कहा था पहले शौचालय फिर देवालय तो लोगो ने बुरा माना था लेकिन मुझे गर्व है कि देश मे ऐसी लड़कीया है जो कहती है शौचालय नहीं तो शादी नहीं |
स्वामी विवेकानन्द ने कहा था -
  • मुझे गर्व है मैं ऐसे धर्म से हु जिसने दुनिया भर के लोगो को सहनशीलता का पाठ पढ़ाया |
  • हम सार्वभौमिक सहनशीलता मे ही विश्वास नही रखते है बल्कि सभी धर्मो को सत्य रूप मे स्वीकारते है |

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