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रोबर्ट कैसे बनाए क्या आप जानते है अगर नहीं तो आज हम रोबर्ट बनाने का तरीका और रोबर्ट कि दुनिया मे बनाने वाले 8 ह्यूमन के बारे मे जानेगे
टेक्नोलॉजी इस कद्र आगे बढ़ चुकी हे की जो चीज हम सपने में भी नहीं सोच सकते आज वो हकीकत हे. हमने कभी नहीं सोचा था की एक इंसान का काम मशीन करेगी. आज देख लो विदेशों में इंसान के काम भी रोबोट कर रहे हे. भारत के दिवाकर वैश्य ने भी ऐसा रोबोट बनाया था. दो महीने की मेहनत से उन्होंने रोबोट को मानव का रूप दिया. इसे Wifi और ब्लूटूथ से भी जोड़ा जा सकता हे. इस रोबोटिक मानव की बैटरी 1 घंटे तक चलती हे. इसमें कुल 21 सेंसर लगे हुए हे. यह रोबोट हमारी एक आवाज पर चल सकता हे. आज में आपको कुछ ऐसे ही ह्यूमन के नाम बता रहा हु जिन्होंने रोबोटिक्स की दुनिया में तहलका मचा दिया |

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रॉबर्ट कार कैसे बनाए घरेलू उपकरणो के प्रयोग से

8 ह्यूमन जिन्होंने बदली रोबोटिक्स की दुनिया

1. नेक्सी
MIT मीडिया लैब तथा मीका रोबोटिक्स ने 2008 में एक अनूठा मोबाइल एक्सपेरिमेंटल रोबोट बनाया जो ना केवल चेहरे पर हावभाव प्रकट कर सकता था बल्कि उंगलियों से भी चीजें उठा सकता था.
2. रीम-बी
2008 में एक ऐसा रोबोट बनाया गया जो ना केवल आवाज पर प्रतिक्रिया दे सकता था बल्कि चेहरे भी पहचान सकता था और खुद चल भी सकता था. यह रोबोट अपने वजन के 20% के बराबर भार भी उठा सकता था
3. कोबियन
जापान के वसेट्रा विश्वविधालय ने वर्ष 2009 में कोबियन ह्युमन रोबोट विकसित किया जो चलने और बोलने के साथ-साथ अलग-अलग भाव प्रकट कर सकता था |


4. रोबोनाट 2
नासा और जनरल मोटर्स कम्पनी ने टांगो वाला एक विकसित रोबोट बनाया जो स्पेस स्टेशन के अंदर चल सकता था और ऊंचाई पर भी चढ़ सकता था. यह 24 फरवरी 2011 को लोंच होए स्पेस शटल डिस्कवरी मिशन का हिस्सा था
5. असीमो
यह दूसरी पीढ़ी का रोबोट था जो 3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दोड़ सकता था और उछलने में भी सक्षम था. हौंडा कम्पनी द्वारा विकसित इस रोबोट में स्वतंत्र मूवमेंट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया था
6. शैफ्ट
टोक्यो विश्वविधालय द्वारा विकसित इस रोबोट ने 2013 में DARPA रोबोटिक्स चैलेंज जीता था. इसे बाद में गूगल कम्पनी में अपने स्वामित्व में ले लिया. यह एक ऐसा नवीन रोबोट था जो मानवीय कार्यों को करने वाली गतिविधियों पर नियन्त्रण रख सकता था
7. पेप्पर
जापान के सॉफ्टबैंक कारपोरेशन की सहायक इकाई एल्डेबेरेन रोबोटिक्स SA ने यह ह्युमन रोबोट विकसित किया को लोगो के साथ रह सकता था, भावनाओं को प्रकट कर सकता था और लोगों से बातचीत कर सकता था
8. मानव
भारत के अग्रणी कंप्यूटर संस्थान A-SET ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट के रोबोटिक्स एंड रिसर्च हेड दिवाकर वैश्य ने भारत का पहला थ्रीडी प्रिंटिंग रोबोट बनाया था जिसकी प्रोसेसिंग क्षमता इसे मनुष्य के बराबर बोलने और चलने योग्य बनाती हे. भारत का पहला रोबोट हे जिसमे थ्री दी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया

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  1. Tnx bro Mera article post karne kelpie. http://www.mynetsolution.in/?m=1

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