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 Power Of Attorney Kya Hai - पावर ऑफ अटार्नी जिसे मुख्तारनामा या अधिकार पत्र के नाम से भी जाना जाता है | यह एक लिखित दस्तावेज़ होता है जिसमे एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अधिकार देता है कि वह उसके पर्सनल कार्यो के लिए उसका साथ दे मतलब उसके कार्यो को करे | यह अधिकार जिसे दिया जाता है मतलब अधिकार पाने वाले को मुख्तार या अटार्नी [ Attorney ] कहा जाता है | Power Of Arrorney kya Hai Read ........|
power of attorney

Power Of Attorney के सम्बंध मे कानून, एजेंसी के अंतर्गत बनाया जाता है | अगर कोई व्यक्ति अपने कार्यो को करने मे अक्षम है तो वह व्यक्ति अपने कार्यो को करवाने के लिए दूसरे व्यकती को power Of Attorney के  द्वारा  अधिकार दे सकता है |

पावर ऑफ अटार्नी के प्रकार Power Of Atorney Two types

पावर ऑफ अटार्नी 2 प्रकार के होते है -
  • विशेष अधिकार पत्र [ Specific Power of Attorney ]
  • साधारण अधिकार पत्र [ General Power of Attorney ]
विशेष अधिकार पत्र [ Specific Power of Attorney ]
Specific Power of Attorney किसी विशेष कार्य के लिए किसी को अधिकार देता है उदाहरण के लिए कर अधिकारी के समक्ष कम्पनी के रजिस्ट्रार के समक्ष कागजात लेकर प्रस्तुत होने के लिए या दस्तावेजों के पंजीकरण करने हेतु उप-रजिस्ट्रार के सम्मुख प्रस्तुत करने हेतु |

साधारण अधिकार पत्र [ General Power of Attorney ]
  • विलेख पत्र जमा करने से सम्बन्धित सभी कार्यों के लिए जो कि नोटरी या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष हस्ताक्षरित किए जा सकते हैं और जमा किये जा सकते हैं |
  • ऐसा अधिकार पत्र पंजीकृत भी किया जा सकता है।
  • यदि कोई अपरिवर्तनीय अधिकार पत्र जिसमें एक एजेन्सी और भारतीय अनुबन्ध कानून, 1872 की धारा 202 के अनुसार हित (Interest) वाली एजेन्सी से सम्बन्धित है तो इसके पंजीकरण के लिए आवश्यक मुद्रांक कर देना होगा |
  • उपर्युक्त (ग) में वर्णित अधिकार पत्र के पंजीकरण के बाद इसे सार्वजनिक सूचना में और पुस्तक-I में दर्ज करना आवश्यक नहीं है। इसे बाद में भारग्रस्तता प्रमाण पत्र में भी नहीं दर्ज किया जाएगा।

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