0
रुद्राक्ष ke fayde उपयोगरुद्राक्ष को हिन्दू धर्म मे बहुत ही महत्व है रुद्राक्ष के कई प्रकार होते है आज हम आपको रुद्राक्षो के बारे मे जानकारी देने वाले है जैसे -  रुद्राक्ष के प्रकार,  रुद्राक्ष के उपयोग लाभ इत्यादि |

रुद्राक्ष अगर आप पहनने की सोच रहे है तो आपको बता दे  रुद्राक्ष आप जब भी पहने तो  रुद्राक्ष को मंत्र और देवता जाप करके ही पहने | क्योकि ऐसा करके  रुद्राक्ष पहनने वाले को लाभ प्राप्ति होती है |

rudraksha the tears of lord shiva, rudraksha the divine power............................|

रुद्राक्ष की उत्पत्ति rudraksha Ki Utpatti

हिन्दू पुराणो के अनुसार rudraksha की उत्पत्ति के बारे मे कहा जाता है कि कई सालो कि तपस्या करने के बाद देवो के देव महादेव, भगवान शिव जी ने जब अपनी आंखे खोली तो उनकी आंखो से आँसू धरती पर गिरे और फिर रुद्राक्ष के पेड़ बन गए | आज हम आपको पुराणो से 14 प्रकार के रुद्राक्ष के बारे मे बताने वाले है |

rudraksh ki pahchan


आइये जाने 14 रुद्राक्ष प्रकार के बारे मे - 

एक मुखी रुद्राक्ष - इस रुद्राक्ष को शिव जी के सबसे करीब माना जाता है अगर किसी को धन, दौलत और भौतिक चीजों कि चाहत होती है तो वह लोग एक मुखी रुद्राक्ष को धरण करते है |
एक मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि नमः 

दो मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष अर्धनारिशवर देवता कहलाता है | इस रुद्राक्ष कि खास बात है यह इच्छाओ को पूरी करने कि शक्ति रखता है |
दो मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ नमः

तीन मुखी रुद्राक्ष - यह अग्नि देवता का रुद्राक्ष कहलाता है | अगर किसी को अपनी इच्छाए जल्दी पूरी करनी हो तो इस रुद्राक्ष को धारण कर सकते है |
तीन मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ क्ली नमः

चार मुखी रुद्राक्ष - इस रुद्राक्ष को ब्रह्मा का रुद्राक्ष कहते है अगर कोई इसे धारण करे तो उसे धर्म, अर्थ, काम मोक्ष कि प्राप्ति होती है | 
चार मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि नमः

पाँच मुखी रुद्राक्ष - यह कालग्नि रुद्राक्ष कहलाता है इसे धारण करने से व्यक्ति कि परेशानी से छुटकारा मिलता है |
पाँच मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि नमः

छः मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष कार्तिकेय का रुद्रक्ष कहलाता है | इसे पहनने से ब्रहमह्त्या के पाप से मुक्ति मिलती है |
छः मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि हुम नमः

सात मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष सप्तर्षि सप्तमातृकए रुद्राक्ष कहलाता है | अगर किसी को अधिकतम धन कि हानी हो गई हो और उस हानी से बाहर निकालने का रास्ता न मिल रहा हो ऐसे मे इस रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए |
सात मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ हूं नमः

आठ मुखी रुद्राक्ष - अगर कोई रोगी हो और रोग ठीक न हो रहा हो तो इस आठ मुखी रुद्राक्ष को उसे धारण करना चाहिए | यह रोगमुक्त करने के लिए फायदेमन्द है |
आठ मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ हुम नमः

नौ मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष देवियो का स्वरूप कहलाता है | अगर समाज मे प्रतिष्ठा कि चाहत हो तो आपको नौ मुखी रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए |
आठ मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि हुम नमः

दस मुखी रुद्राक्ष - इस रुद्राक्ष को विष्णु का स्वरूप माना जाता है इस रुद्राक्ष को पहनने से खुशियो कि प्राप्ति होती है |
दस मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि नमः

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष रुद्रदेव का स्वरूप कहलाता है | अगर आप जीवन मे सफल या सफलता पाने कि चाह रखते है तो इस रुद्राक्ष को धारण कर सकते है |
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि हुम नमः

बारह मुखी रुद्राक्ष - इस रुद्राक्ष को अन्य से भिन्न माना जाता है और इसे बालो मे पहना जाता है | 
बारह मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ऊँ क्रौ छौ रौ नमः

तेरह मुखी रुद्राक्ष - अगर सौभाग्य किसी को चमकाना हो तो उसे तेरह मुखी रुद्राक्ष को पहनना चाहिए |
तेरह मुखी रुद्राक्ष धारण मंत्र जाप- ॐ ह्रि नमः

चौदह मुखी रुद्राक्ष - यह रुद्राक्ष पापो से मुक्ति पाने के पहना जाता है इसके जाप ॐ नमः है |

कृपया जानकारी शेयर करे अधिक जाने नीचे कमैंट्स KMGWEB.IN पर साम्रगी ज्ञानवर्धन के लिए है यहाँ क्लिक से हमारे बारे में शारीरिक उपाय आजमाने से पहले चिकित्‍सक अथबा सलाहकार से मिले Kindly Share Article click icons⤵

Post a Comment