How To Start Automobail Business - ऑटो मोबाइल गैराज जहा पर टू व्हीलर वाहन से लेकर फोर व्हीलर वाहन की मरम्मत की जाती है | अगर आप सोच रहे है AutoMobail Business या कारोबार करना चाह रहे है तो पहले इस क्षेत्र मे तजुर्बा लेना होगा फिर ही इस बिज़नस मे आप सक्सेस हो पाएगे | तो यहा हम ऑटो मोबाइल बिज़नस शुरू करने के लिए कुछ टिप्स बता रहे जिन्हे आप पढ़ सकते है |

ऑटोमोबाइल कोर्स - अगर आप ऑटोमोबाइल की तकनीकी जानकारी हासिल करना चाहते है तो ऑटोमोबाइल मे डिप्लोमा कर सकते है | यह कोर्स 10TH के बाद किया जा सकता है | यह बिज़नस आप चाहे तो बिना किसी कोर्स के भी शुरू कर सकते है लेकिन अगर कोर्स करते है तो आप ऑटोमोबाइल से जुड़े टेक्निकल जानकारी प्राप्त कर पाएंगे | यह कोर्स करने के लिए आप प्राइवेट संस्था या फिर सरकारी संस्था से जुड़ सकते है |

How To Start Automobail Business

तजुर्बा हासिल करे - अगर आप बिना किसी डिप्लोमा के ऑटोमोबाइल बिजनस शुरू करना चाहते है तो आप किसी ऑटोमोबाइल गैराज पर हेल्पर और मैकेनिक के तौर पर काम कर सकते है | अगर आपने अच्छा तजुर्बा हासिल कर लिया तो बहुत ही आराम से Automobail Business शुरू कर सकते है | आप जब हेल्पर का काम सीखते है तो निम्न चीजे जानेगे - टूल किट कैसे चलाये, गाड़ी का कौनसा पार्ट कहाँ है और वो कैसे चलता है | आपके सीखने का जुनून एंव काबिलियत पर यह तह होता है आप कितने दिन मे हेल्पर का काम सीख पाएंगे | वैसे एक अच्छा हेल्पर 2 से 6 महीने मे बना जा सकता है |




मैकेनिक का काम सीखे - एक मैकेनिक गाड़ी की सर्विस से लेकर हाफ इंजन वर्क करता है तो अब जान लीजिए एक मैकेनिक के और कौन कौन से कार्य करने पड़ते है |

  • सर्विसिंग करना सीखे - गाड़ियो की 1st सर्विस,  टू व्हीलर की 2 हजार किलोमीटर एंव 4 व्हीलर की 5 से 10 हजार पर की जाती है | साथ ही 1st सर्विस पर मोटर वाहन की आयल बदलना, आयल फिल्टर चेंज करना, एयर फिल्टर साफ करना, ब्रेक आयल, गियर आयल, एंव कूलेंट का लेबल चेक करना इत्यादि काम किए जाते है |
  • सस्पेंसन चेक करना - यह चेक करने के लिए आपको गाड़ी का ट्रायल लेना होगा | जब गाड़ी चलते समय ससपेंशन मे से आवाज आए तो जरूरी पार्ट्स बदल दिया जाता है [ क्या क्या वर्क करना है या गाड़ी मे क्या सस्पेंशन है यह पता करने के लिए गाड़ी आपको चलाना पड़ेगा ]
  • गियर बॉक्स चेक करना - यह आसानी से खराब होने वाला पार्ट नहीं है लेकिन अगर कोई गाड़ी रफ तरीके से चलाया जाए तो गियर बॉक्स टूट फुट जाते है | ऐसे मे आपको गियर बॉक्स रिपेयर या रिप्लेस करना पड़ता है |
  • प्रोपेलर शाफ़्ट - पहियो तक शक्ति गियर बॉक्स से पहुचती है और यह काम प्रोपेलर शाफ़्ट करता है | रफ़ गाड़ी चली और बार बार गाड़ी को जर्क बैठा तो प्रोपेलर शाफ़्ट के जॉइंट में प्ले आता है. ऐसे वक्त प्रोपेलर शाफ़्ट रिप्लेस करना होता है |
  • ब्रेक पैड - यह ब्रेक पैड फ्रंट व्हील में होतें है. इन ब्रेक पैड की थिकनेस आपको चेक करनी होगी अगर स्टैण्डर्ड साइज़ से ये कम है तो आपको ब्रेक पैड रिप्लेस करने है |
ऐसे ही और भी कई काम एक मैकेनिक को आने चाहिए जैसे - हेड गैस किट समस्या ठीक करना, एक्सेल समस्या को ठीक करना, पिस्टन समस्या को ठीक करना इत्यादि |


कानूनी दस्तावेज़ बनवाए - कोई भी कारोबार शुरू करने से पहले उसके कानूनी जरूरी दस्तावेज़ तैयार कर लेना अच्छा होता है क्योकि इसी जरूरत आपको कभी भी पड सकती है | आपको बैंक मे करेंट बैंक एकाउंट खोलना है तो या फिर अगर आपकी गैराज सोसाइटी मे है तो आप सोसाइटी NOC ले |

ऑटोमोबाइल बिज़नस मे लगने वाली लागत -

एक छोटे तौर पर ऑटोमोबाईल सर्विस शुरू करने के लिए कम से कम 2 लाख का खर्च आता है जिसमे 30 से 40 हजार का खर्च केवल टूल किट मे हो जाता है | आप इस एमाउंट मे कोई मशीनरी तो नहीं खरीद सकते है लेकिन आप अपने कस्टमर को एक अच्छी सर्विस दे पाएनेग |

8 से 10 लाख रुपयोंकी लागत से अच्छा सर्विस सेंटर आप शुरू कर सकते है. इसमें आप रैंप ( टू पोस्ट ), न्यूमेटिक गन, एअर कॉम्प्रेसर, अलायलमेंट बैलेंसिंग, जनरेटर, PUC मशीन, लैपटॉप ( स्कैनर ), यह मशीनरी खरीद सकते है |

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