हिन्दू धर्म के मानने वाले राम नाम को एक विशेष दर्जा देते है कहा जाता है तीन मर्तबा राम नाम का जप करने से 1000 हजार जप करने के बराबार होता है | आपने देखा होगा जब किसी को मृत्यु हो जाती है और जब उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है तो सुना होगा " राम नाम सत्य है " | लेकिन इस शब्द का प्रयोग खुशी के महोल मे नहीं किया जाता है | तो आइये जाने किसी के मरने के बाद " राम नाम सत्य है " क्यो कहा जाता है |
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जीव की मुक्ति - 
जब कोई व्यक्ति मर जाता है तो उसे मुक्ति प्राप्त हो जाती है मतलब मृत्य शरीर से आत्मा आजाद हो चुकी है अब और इसका संसार के मोहमाया से कोई मतलब नहीं है | राम नाम का यही असली मतलब है |

परिवार या रिश्तेदार को मिलती है शांति
हिन्दू धर्म को मानने वाले यह भी कहते है इस नाम को जपने से मृतक के घर परिवार ररिश्तेदार को शांति का एहसास होता है | जब किसी के परिवार मे कोई मृत हो जात है तो परिवार के लोग दुख एंव सदमे मे डूब जाते है | ऐसे समय मे राम नाम सत्य है कहने से उन्हे एहसास हो जाता है कि यह दुनिया व्यर्थ है |

यह दुनिया एक भर्म: है - 
इस शब्द को जपने से अहसास होता है कि मृत्य व्यक्ति इस दुनिया को छोड़ चुका है और अब मृत व्यक्ति का इस सांसारिक दुनिया से कोई रिश्ता नहीं बचा | मतलब सास है कि इस दुनिया मे भगवान को छोड़कर सब कुछ एक भर्म है |

बीज अक्षर : - 
हिन्दू शास्त्रो मे माना जाता है की राम नाम सत्य है एक बीज अक्षर है और इसको जपने से बुरे कर्म से मुक्ति मिल जाती है | यह परम सत्‍य है कि आत्मा अपने कर्मो के अनुसार एक दूसरे संसार में उत्पन्न होती है |


तो यह कारण है जिसके वजह से मृत हो जाने पर राम नाम सत्य है कहा जाता है | यह दुनिया एक बुलबुला है अच्छे कर्म करे और बुरे कर्मो से बचे |

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