सूचना का अधिकार english right to informatin एक्ट का मुख्य उद्देश्य सरकारी और अर्धसरकारी विभागो की कार्यप्रणाली मे पारदर्शिता लाना है | सुंचना का अधिकार एक्ट जम्मू कश्मीर समेत देश के सभी राज्यो मे प्रभावी है | यहा क्लिक से पढे वेब होस्टिंग बिज़नस की शुरुवात कैसे करे | 

इस एक्ट के तहत भारत का कोई भी नागरिक सरकारी या अर्धसरकारी विभागो से जुड़ी सभी सूचनाए हासिल कर सकता है | पर कुछ सूचनाए और विभाग भी निश्चित किए गए है, जिन्हे सार्वजनिक करने का प्रावधान नहीं है | इसके तहत देश की सुरक्षा एजेंसिया, देश के आर्थिक मुद्दे विज्ञान प्रोद्धकी विभाग से जुड़ी सूचनाए नहीं की जा सकती है | इसके अलावा उन सूचनाओ को भी सार्वजनिक करने का प्रावधान नहीं किया गया है, जिन पर विभाग का अपना कॉपीराइट है |
suchna ka adhikar up

सूचना का अधिकार अधिनियम की विशेष बाते - 

  • सूचना का अधिकार अधिनियम 12 अक्टूबर 2005 मे लागू हुआ |
  • कार्यक्षेत्र अधिनियम मे सभी सार्वजनिक प्राधिकरण को कवर किया गया है प्राधिकरण से तात्पर्य -
  1. संविधान द्वारा या संविधान के तहत
  2. संसद द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून द्वारा |
  3. राज्य विधानसभा द्वरा बनाए गए किसी अन्य कानून द्वारा |
  4. प्रशासन द्वारा बनाए गए कानून या जारी अधिसूचना द्वारा गठित या स्थापित कोई स्व - शासित प्राधिकरण या निकाय, इसमे शामिल है |

सूचना के अधिकार की प्रक्रिया - 

सूचना के अधिकार के अंतर्गत किसी भी विभाग से सूचना प्राप्त की जा सकती है, इसके लिए सरकार ने 10 रुपए का स्टाप या 10 रुपए के रसीदी टिकट द्वारा एक प्राथना पत्र देकर इस विभाग की सूचना अधिकारी से सभी प्रश्नो के विषय मे जानकारी प्राप्त की जा सकती है | यदि संबन्धित अधिकारी सूचना देने से मना करता है या 30 दिन के भीतर जानकारी नहीं देता है तो इस सूचना अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है | यह शिकायत सूचना, मुख्य सूचना आयुक्त के पास भेजी जाती है |

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  1. राइट टू इन्फॉर्मेशन पर एक बढ़िया लेख के लिए धन्यवाद

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