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kahani ram ravan laksman !! 
राम-रावण युध्द के बाद जब युध्दभूमि मे रावण मरणासन्न अवस्था मे था ! उस समय भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण से कहाँ की रावण नीति" राजनीति और शक्ति का महान पंडित है ! वह संसार से विदा ले रहा है ! यदि किसी भी विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करता है ! तो वह बड़ा ही महत्पूर्ण है ! तुम उसके पास जाकर जीवन की शिक्षा ग्रहण करो ! लक्ष्मण रावण के सिर के नज़दीक जाकर खड़े हो गये ! रावण ने कुछ नही बताया ! तब राम ने लक्ष्मण से कहाँ की यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो उसके चरणों के पास खड़े होना चहिये ना की सिर की और ! जब लक्ष्मण ने ऐसा किया तो महापण्डित रावण ने उन्हे तीन बाते बताई जो जीवन मे सफलता की कुंजी है :-

Ram And Ravan


1:- जितनी जल्दी हो अच्छे कार्यों को पूरा कर ले ! बुरे कार्य को यथासंभव टालते रहे ! मैं राम को पहचान नही सका और उनकी शरण मे आने मे देरी कर दी ! इसी से मेरी हालत हुई !

2:- अपने प्रतिद्वंदी को कभी कमतर नही समझना चहिए ! मैने जिसे सधारण वानर और भालू समझने की कोशिश की" उन्होने मेरी पूरी सेना को नष्ट कर दिया !


3:- अपने जीवन का कोई राज़ किसी दूसरे के साथ कभी साँझा ना करे ! मैने अपने मृत्यु का राज़ विभूषण को बताया था " जो जीवन की सबसे बड़ी गलती साबित हुई !
इन तीनो बातो को लक्ष्मण ने सदा के लिये गाँठ बाँध लिया !

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