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EPF & PPF Full From - ईपीएफ जिसका पूरा नाम Employee Provident Fund है एंव पीपीएफ़ का पूरा नाम Public Provident Fund है | आपने कई बार कर्मचारी भविष्य निधि एंव सार्वजनिक भविष्य निधि का नाम सुना होगा | जिन्हे सुनकर आप थोड़े कनफ्यूज जरूर हो जाते होंगे | हालांकि यह दोनों एक सामन्य से लगते है लेकिन इन दोनों मे काफी कुछ अंतर है तो आज हम आपको EPF और PPF दोनों मे अंतर बता रहे है | तो चलिए जानते है ईपीएफ़ एंव पीपीएफ़ मे क्या अंतर है |

ऑनलाइन PF Balance कैसे पता करे


PPF के बारे मे खास जानकारी

  • यह एक सरकारी बचत योजना है जिसे बैंक एंव पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जाती है |
  • यहा पर अपनी इच्छा अनुसार जाकर खाता खुलवा सकते है |
  • इस खाते खुलवाने के लिए जरूरी नहीं होता कि आप किसी ऑफिस मे सैलरी बेस पर वर्क करे |
  • अगर आप सलाहकार या फ्रीलांसर एंव संविदा पर काम करते है तो भी यह खाता खुलवा सकते है |
  • पीपीएफ़ एकाउंट पर भी टैक्स छूट मिलती है |
  • इसमे मिलने वाली ब्याज दर कि हर तिमाही समीक्षा |

EPF के बारे मे खास जानकारी

  • यहा एकाउंट केवल नौकरी पेशा करने वाले के लिए होता है |
  • ईपीएफ़ नौकरी करने वाले कर्मचारी के खाते से एक निश्चित राशि काटकर [ 12% मौजूद समय मे ] पीएफ़ ऑफिस मे जमा किया जाता है | काटी जाने वाली राशि सरकार द्वारा फिक्स कि जाती है |
  • पीएफ़ पर इनकम टैक्स छूट प्राप्त होता है |
  • पीएफ में जमा की गई रकम, उस पर मिलने वाले ब्याज और खाते से निकाली गई रकम (Withdrawal) सभी टैक्स फ्री होते हैं |
  • इस पर मिलने वाली ब्याज दर की हर साल समीक्षा होती है |
  • ईपीएफ़ का पैसा आप जब भी नौकरी छोड़ते है फिर निकाल सकते है |
  • ईपीएफ़ को रिटायरमैंट फंड के तौर पर अच्छा माना जाता है |
  • पीएफ खाते में लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से अच्छा-खासा पैसा जमा जाता है |
PF पर मिलने वाली ब्याज दर की हर साल जबकि PPF पर मिलने वाली ब्याज दर की हर तिमाही में समीक्षा होती है। PF की सालाना ब्याज दर समीक्षा तो पहले से ही होती आ रही है लेकिन PPF पर मिलने वाली ब्याज दर की तिमाही समीक्षा अप्रैल 2016 से शुरू की गई है। PPF के अलावा दूसरी छोटी सरकारी बचत योजनाओं मसलन, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना,सुकन्या समृद्धि स्कीम,नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र, मंथली इनकम स्कीम्स, मासिक आय स्कीम, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम पर भी मिलने वाली ब्याज दर की समीक्षा अप्रैल 2016 से शुरू हुई है |
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