कुश्ती के दांव पेंच नियम इतिहास

कुश्ती का इतिहास kushti के दांव पेंच कुश्ती का परिचय kushti नियम कुश्ती का मैदान कुश्ती खेल और नियम
kushti history - कुश्ती का खेल एक तरह का द्वंद्वयुद्ध है यह खेल बिना किसी शस्त्र के शारीरिक शक्ति के सहारे खेला जाने या लड़ा जाने वाला खेल है | कुश्ती की शुरुवात उस समय हुई जब मानव ने शस्त्रों का प्रयोग करना भी नही सीखा था | ऐसे टाइम मे ज्यादा शक्तिशाली व्यक्ति ही प्रधान हुआ करता था | यह एक प्रकार का युद्ध था और इस युद्ध मे विजय पाने के लिए मानव के कई तरीके अख्तियार किए जैसे दांव पेंच और इस तरह से मल्ल युद्ध अथवा कुश्ती का विकास हुआ होगा |

कुश्ती के नियम - 

कुश्ती खेलने के कुछ नियम चित्र मे निर्देशित किए गए है |


IMAGE SOURCE - भारतखोज

ओलम्पिक kushti फ्री स्टाइल के निम्न नियम बनाए है -

  • बाल या जाँघिया पकड़ना वर्जित है 
  • अंगुली और अगुंठा मरोड़ना भी वर्जित है |
  • शरीर या सिर पर कैंची का प्रयोग करना वर्जित है |
  • गले को दबाना या किसी प्रकार का ऐसा दांव पेंच लगाना जिससे सांस रुकने की संभावना है वर्जित है |
  • पाँव को कुचलना भी वर्जित है |
  • कुश्ती पहलवान का आपस मे बात करना वर्जित है |
  • हथेलियो के प्रयोग से धोबी पछाड़ मारना वर्जित है |
  • अंगुलियो से दांव पेंच खेलना जैसे अंगुली फसाना मना है |
ओलंपिक खेल मे शांबों नाम की भी एक कुश्ती होती है इस कुश्ती मे पहलवान मोटे कपड़े का जैकट पहनते है | इस जैकट को पहनकर पहलवान दांव पेंच लगाता है | 
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