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गरमियों में ध्यान रखने वाली बातें सर्दियाँ जा रही है. और गरमियों का आगमन होने वाला है. हर एक मौसम का अपना महत्व होता है. परंतु गरमियों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. और यह भी सच है कि यह सब परेशानियाँ भी हमारे कारण ही है. पेड़ो की अंधाधुंध कटाई के कारण और गलोबल वामिृंग के कारण गरमियाँ अधिक, और अधिक समय तक पड़ती है. गरमियों में घर से बाहर निकल कर काम करना बड़ा कठिन होता है. चाहे बच्चे हो या बड़े सब परेशान हो जाते है. सुबह ७:३० बजे के बाद से ही धूप तेज़ हो जाती है. पसीने से बुरा हाल हो जाता है. दिन के १०:०० बजे से लेकर शाम ६:३० बजे तक बहुत गरमी रहती है. और इस भयंकर गरमी से कई परेशानियाँ होती है जैसे :- 
• फूड पॉयज़निग 
• डायरिया 
• नाक से खून आना 
• सनबृन 
• हीट-सटृोक आदि 



यह सब परेशानियाँ हमें गरमियों में होती है. जिसका सब पर असर होता है. मैंने यहाँ परेशानियों की बात की है तो साथ ही कुछ समाधान भी बता रही हूँ. 


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गंर्मी के मौसम मे बीमार होने से बचे समाधान 

१. फूड पॉयज़निग का सबसे बड़ा कारण गंदा व बासा खाना, खाना है. जब भी खाना खाए ताज़ा व साफ-सुथरा खाऐं अगर बाहर फलों की डायरिया का एकमात्र इलाज यही है कि खूब पानी पीऐ क्योंकि पसीना आने से शरीर का पानी खत्म हो जाता है इसलिए पानी अधिक पीयें. अगर आपका काम ज्यादा बाहर रहने का है तो आप पानी में नींबू व नमक मिला कर लें (पर हाई बी पी रोगी नींबू पानी में नमक न लें वह केवल पानी में नींबू का रस लें |
२. पानी में गलूकोस पाउडर डालकर भी ले सकते है. पर शूगर के रोगी न लें. 
३. चाट खाते हैं तो अपने सामने कटवा कर खाऐं साथ ही ध्यान दें कि मक्खियाँ व गंदगी न हो 
४.नींबू पानी, गनने का ताज़ा रस, जलजीरा, नारियल पानी का सेवन करें. तरबूज़, खीरा, ककड़ी, पयाज़ का सलाद लें. मौसमी फल खाऐं चाय और कॉफी का सेवन कम करें. 
६. अकसर गरमियों में नाक से खून आने लगता है ऐसे में रोगी को एक जगह बैठाऐं, सिर ऊपर करा दें और सिर पर ठंडे पानी का कपड़ा भिगो कर रखें 
७. अधिक गरमी व तेज़ धूप के कारण सनबृन हो जाता है. इसलिए जब भी बाहर जायें शरीर को ढक कर निकले, बाहर जाने से कुछ समय पहले सनसकृीम लगा लें. लेकटोकेलामाइन का उपयोग भी लाभदायक है.
८. हीट-सटृोक आने पर सिर घूमने लगता है, साँस लेने में कठिनाई होती है ऐसे में रोगी के कपड़े ढीले कर दें, छायादार स्थान पर बैठा दें, ठंडा पानी पीने को दें. 
९. सौंफ (कच्ची) और मिश्री को पीसकर रख लें. फिर हर रात थोड़ा सा यह पाउडर एक कटोरी पानी में डालकर रात भर रखे. और सुबह यह पानी छानकर पी लें और सौंफ खा ले. गुलकंद का सेवन करें. इससे सारे दिन शरीर में ताज़गी और ठंडक रहती है. 
१०. फिृज में ठंडा किया आम खाऐं . 
११. दही, छाछ, पुदीना व पयाज़ का सेवन करें. 
१२. मसालेदार व तला हुआ भोजन कम करें और अपनी भूख से थोड़ा कम खाऐं.

यह सब सावधानियाँ बरतें और जितना हो सके पानी पीयें. बाहर जाते समय पीने का पानी साथ लेकर निकलें क्योंकि हर जगह पीने का पानी नहीं मिल सकता. अगर आप इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो गरमियों में आपको कम परेशानी होगी.
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