भूख और 2 बिल्ली की कहानी

मैं और मेरी बेटी रसोई में काम कर रहे थे। मैं सब्जी काट रही थी, और मेरी बेटी आटा गूंध रही थी। तभी हमारे पास एक बिल्ली आई वैसे तो यह दो बिल्लियाँ हैं जो रोज हमारे घर आती है और एक-एक रोटी खाती हैं। उन्हीं में से एक बिल्ली हमारे पास आई थी। और मयाऊँ-मयाऊँ कर रही थी। मैं अभी रोटी बनाने वाली थी कि तभी हमने देखा कि मेरी बेटी के हाथ से गूंधा हुआ थोड़ा सा आटा नीचे गिर गया था। हमें यह देखकर हैरानी हुई कि वह बिल्ली उस आटे को खा गई। इससे यह पता कि वह कितनी भूखी थी, तभी मैंने झटपट रोटी बनाई और उसे व दूसरी बिल्ली को खिला दी। 
bhukhe log

देखा जाए तो यह एक आम घटना थी। परंतु इसमें खास थी- भूख। भूख इंसान हो या जानवर सभी को लगती है, और जब भूख लगती है तो कुछ नहीं सूझता। एक कहावत है कि “भूख में किवाड़ भी पापड़ लगते है”। यही वह भूख है जो इंसान को सब कुछ करने पर मजबूर कर देती है। हर इंसान यह चाहता है कि उसे व उसके परिवार को तीनों टाइम का अच्छा खाना मिले और इसके लिए वह जी जान लगा डालता है। हम इंसान ही नहीं बलिक जानवर भी अपने बच्चों का पेट भरने के लिये पहले उन्हें भोजन देते है। बड़े प्यार से उनके मुँह में खाना डालते है। 

परंतु कितने ही लोग है जिन्हें दो टाइम का खाना भी बड़ी मुशकिल से नसीब होती है। कितने ही भूखे बच्चे सड़को पर भीख माँग रह होते है। कई बार अपने बच्चों का पेट भरने के लिए आदमी को अपना जमीर बेचना पड़ता है। और कई बार भूख मिटाने के लिए लोग बुरे कामों का भी सहारा लेते है। इसलिए हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिये कि खाना कभी भी बेकार नहीं करना चाहिये। क्योंकि यह बहुत कीमती है। 

कई लोग बाहर सड़कों पर, मंदिर में भंडारे व लंगर लगाते है। ताकि प्रसाद लोगों में बाँटा जा सके। पर इनमें होता क्या है कि प्रसाद का आधे से अधिक हिस्सा तो उन लोगों के घर पहँच जाता है। जिन लोगों ने इसके लिये दान दिया होता है। 

जरा सोचिए उन लोगों को खिलाने का क्या फायदा जिनका पेट पहले से भरा है। यह तो वही बात हुई “कि भरे हुए गिलास में, और पानी डाल दिया जाये। 

हमें कई बातों का ध्यान रखना चाहिये कि भंडारे और लंगर हमेशा उन लोगों तक पहुँचने चाहिये जिनको इनकी अधिक जरूरत है जैसे- गरीब बच्चे, मजदूर, माँगने वाले और रिक्शा व ठेले वाले आदि। इसका फायदा यह होगा कि उन्हें एक समय का पेट भरकर खाना मिल जायेगा। यदि वह साथ थोड़ा ले जाने के लिये भी माँगे तो दे देना चाहिये। 

वहाटसऐप के जरिए एक सूचना भी साझी की गई है कि एक हेलपलाइन नं 1098 दिया गया है इसकी मदद से आप अपनी पार्टी, शादी में बचे हुए खाने को इस फोन नं के जरिए गरीब व अनाथ बच्चों के आश्रम तक पहुँचा सकते हो। जिससे खाना बेकार भी नहीं होगा और किसी की भूख भी मिट जाएगी. इसलिए आप सबसे मेरा निवेदन है कि खाना बरबाद न करें। क्योंकि कई लोगों को यह बहुत मुशकिल से नसीब होता है।
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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