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त्यौहारों का देश भारत - independence day images 2018, independence day speech, flag of india, national flag, vande matram, independence day images 2019.

भारत, हिन्दुस्तान यह नाम है हमारे प्यारे देश का। और हम इसके निवासी है- भारतवासी। एक ऐसा देश जो कि अनेकता में भी एकता रखता है। सबसे ज्यादा त्यौहार यहीं मनाए जाते हैं। एक-दो महीनों को छोड़कर सभी महीनों में त्यौहार आते हैं। त्यौहार यानि कि खुशी के मौके। आज हम बात करेंगे अगस्त के महीने की। इस महीने में हमें चार त्यौहार मनाने का मौका मिलेगा। जैसे- तीज, १५ अगस्त, रक्षाबंधन, ईद और जन्माष्टमी। यह सभी त्यौहार बड़ी खुशी से बनाए जाते हैं। इन्हीं त्यौहारों में आता है एक ऐसा त्यौहार जो हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है और वो है हमारा स्वतन्त्रता दिवस, जिस दिन हमारे देश को आज़ादी मिली थी। आज़ादी क्या है, इसकी कीमत क्या है।


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यह हमारे पूर्वजों को बहुत अच्छी तरीके से पता है। क्योंकि हम तो किस्मत वाले है कि हमारा जन्म एक आज़ाद देश में हुआ है। अंग्रेजो ने कई सालों तक हम पर राज़ किया है। अपने ही देश में हम लोग औरों की गुलामी कर रहे थे।



वह समय याद करते ही पसीने छूट जाते हैं। १५ अगस्त १९४७ में हमारा देश आजाद हुआ था। अंग्रेजो को भारत से खदेड़ दिया गया। आप सब जानते है कि यह जो आज़ादी हमें मिली है वह बहुत कीमती है। बहुत अमूल्य है। इसे पाने के लिए पता नहीं कितने ही लोगों ने कुर्बानी दी हैं। हंसते-हंसते उन्होंने अपनी जान दे दी। किस लिए कि उनका देश आज़ाद हो जाए।


उन शहिदों की कुर्बानी का नतीजा है जो हम आजाद देश की आज़ाद हवा में सांस ले रहे हैं। इन लोगों की कोशिशों के कारण ही हम सन् १९४७ के बाद से हर १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस बनाते हैं।


आज एक सवाल मेरे मन में बार-बार आता है कि जो आज़ादी हमें मिली है क्या हम उसका सही इस्तेमाल कर रहे हैं। आप क्या कहेंगे इस बारे में। 


आज़ादी के बाद भारत में सिर्फ १७ राज्य थे। जो कि अब २९ राज्यों में बंट गया है। क्या यह सही है? क्योंकि मेरा मानना है कि बंटवारा हर हाल में बुरा होता है। भारत को आज़ाद कराने में हिंदू, मुस्लिम,सिख, बंगाली, मर्दासी आदि सभी थे। अगर यह सब लोग अपने-अपने राज्यों के लिए लड़ते तो क्या भारत आज़ाद हो पाता? नहीं हो पाता। अगर यह संभव हो पाया है इसीलिए हो पाया है कि सब धर्म और समुदाय के लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी। सब एक होकर लड़े और आज़ादी हासिल की।



independence day 2018

आज का समय में अगर देखा जाए तो करता हम इस कीमती आज़ादी का सही इस्तेमाल कर रहे हैं। देश के नेता करता अपना फर्ज निभा रहे हैं। एक उस जमाने के नेता थे जो अपने कर्तव्य के लिए अपनी जान भी देने में झिझकते नहीं थें। और एक आज के नेता है जिनके आगे अपना स्वार्थ सर्वोपरी है। 

अब कभी-कभी ऐसा लगता है कि हमने अंर्गेजों से तो आज़ादी ले ली परंतु अपनी बुराईयों से आज़ादी नहीं ले पाए हैं। दिन-ब-दिन उनके गुलाम होते जा रहे हैं। जैसे:- आज आदमी इतना लालची हो गया है। कि वह सिर्फ अपने ही बारे में सोचता है। मैं, मेरे अपने, मेरा परिवार, बस यहीं तक वह सीमित रह गया है। अगर कोई तरक्की कर रहा है तो वो अपनी मेहनत वह किस्मत से कर रहा है उससे जलने का कोई कारण नहीं बनता। जलना तो अलग बात है वो उसे नीचा दिखाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाता है। इसी तरीके से आता है भ्रष्टाचार, इसमें रिश्र्वत देना, भाई-भतीजावाद, आदि आता है। और आजकल तो एक के बाद एक ऐसी शर्मनाक घटनाएं सामने आती हैं। जिसे सुनकर सिर शर्म से झुक जाता है। और वो है औरतों और छोटी बच्चियों के साथ होने वाले रेप के केस। जिस पर जितना जल्दी हो सके रोक लगनी चाहिए।


यहां यह सब बताने का मेरा आशय यह है कि बहुत मुश्किलों से हमें आज़ादी मिली है। इसे इन तरीकों से बर्बाद न करें। मिल कर रहे। इन सभी त्यौहारों का मिलकर मज़ा उठाएं।और भारत की तरक्की को और गति दें।
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