शरीर पर तिल से जानिए अपने बारे मे मतलब body mole meaning hindi

शरीर पर तिल से जानिए अपने बारे मे मतलब body mole meaning hindi

body mole meaning hindi - ऐसे से बहुत से लोग है जिनके शरीर पर जन्म से अथवा जीवन काल के दौरान निशान होते है जिन्हे तिल या मस्सा के नाम से जाना जाता है | शास्त्रो मे शरीर पर आए हुए तिल के बारे मे मतलब बताया गया है जो इंसान के चरित्र के बारे मे बहुत कुछ बताते है | तो आज हम आपको शास्त्रो से बता रहे है तिल का मतलब क्या होता है ???
til mole matlab

शरीर पर तिल का मतलब अर्थ Meaning - 

  • माथे पर तिल का मतलब - आप बलवान है
  • माथे के दाहिने और तिल का मतलब - आपके पास धन हमेशा बढ़ता रहेगा
  • माथे के बायी और तिल का मतलब - आपके जीवन मे संकट बढ़ते रहने की अधिकता |
  • ठुडडी पर तिल का मतलब - आपका स्त्री से मतभेद या फिर स्त्री से मनमुटाव रहेगा |
  • दोनों भौओ पर तिल का मतलब - आप का अधिकांस समय यात्रा मे जाएगा |
  • होठ पर तिल का मतलब - कामुक है, विषय - वासना मे रमा हो |
  • दाहिनी गाल पर तिल का मतलब - आप धनवान है लेकिन घमण्डी |
  • बायी गाल पर तिल का मतलब - खर्च की अधिकता बनी रहेगी |
  • दाहिनी आँख पर तिल का मतलब - स्त्री से कलह, दुख एंव चिंता के आसार |
  • बायी आँख पर तिल का मतलब - पराई स्त्री से सम्बंध, प्रेम सम्बंध अच्छा है |
  • पेट के बाएं ओर तिल होना – ऐसे व्यक्ति अधिक भोजन नहीं कर पाते, ये पेट सम्बंधित रोगों का सूचक होता है,ऐसे व्यक्ति को चिकित्सक की सलाह लेने पड़ती है।
  • नाड़ी के बीचो बीच व नीचे तिल होना – अगर किसी के नाड़ी के स्थान पर तिल हो तो वह रोग का सूचक होता है।
  • बाएं जांघ पर तिल होना – ऐसे व्यक्ति ऐश्वर्यशली होने के साथ- साथ अपने धन का व्यय भोग-विलास में करता है तथा उनके पास नौकरों की कमी नहीं रहती है।
  • दाएं जांघ पर तिल होना -जिनकी दाएं जांघ पर तिल होता है ऐसे व्यक्ति विलासी व् भोगी होते है ऐसे लोग अपने से विपरीत व्यक्ति की ओर अधिक आकर्षित होते है।
  • पीठ पर तिल होना – अगर पीठ में तिल हो तो उस व्यक्ति का जीवन दूसरों के सहयोग से चलता है ये व्यक्ति के पीठ पीछे बुराई के लक्षण होते है।
  • कोहनी पर तिल होना – कोहनी पर तिल का पाया जाना विद्वत्ता के ओर इशारा करता है।
  • पीठ पर तिल या Mole Meaning - पीठ पर मौजूद त‌िल व्यक्त‌ि के रोमांट‌िक होने के साथ ही धनवान होने का सूचक होता है। ऐसा व्यक्त‌ि खूब कमाता है और खूब खर्चा करता है।
नाग पंचमी क्यो मनाया जाता है इतिहास दिन महत्व Nag Panchami Itihas Jankari

नाग पंचमी क्यो मनाया जाता है इतिहास दिन महत्व Nag Panchami Itihas Jankari

Nag Panchami Itihas Jnakri - हिन्दू धर्म मे नागपंचमी का विशेष महत्व है इसलिए हिन्दू धर्म को मानने वाले इस पर्व बड़ी ही धूम धाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाते है |

नाग पंचमी क्यो मनाया जाता है इतिहास दिन महत्व Naga Panchami is a traditional worship of snakes or serpents observed by Hindus throughout India, Nepal and other countries where Hindu adherents live.
nag panchami photo

नाग पंचमी - Nag Panchami पर हिन्दू धर्म के मान्यता के अनुसार भगवान शिव जी सर्पो की माला धारण करते है और विष्णु भगवान शेष नाग का शयन करते है इसलिए इनकी पुजा के लिए हर साल श्रावण महीने मे सुकल पंचमी को नाग पंचमी [ nag panchami ] त्योहार मनाया जाता है | हिन्दू धर्म मे नागो का अस्तित्व सदियो से और काफी पुराना है |



आप जो भी सोचे लेकिन एक बात इन्सानो का ही मानना है नाग और इंसान के बीच नकारत्मक प्रभाव होता है और हमारे पूर्वज का मानना या कहना है कि जब नाग अपने दिन की शुरुवात करते है तो उनकी भगवान से यही प्राथना होती है कि नागो का इंसान से सामना ना हो | इसका मतलब यह नहीं कि वह इंसान से घृणा करते है बल्कि वह इंसान से डरते है लेकिन आपको हम बता दे इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है |

नाग कथा - हिंदु धर्मो के पुरानो के अनुसार नागो के बारे मे आश्चर्य करने वाली सच्चाई सामने आती है महाभारत की कहानियो से पता चलता है की नाग भारत की जाती थी और इस जाती की आर्यों से संघर्ष चलता था और इस संघर्ष को आस्तिक ऋषिओ ने आर्यों और नागो के बीच सुलह कराने की बहुत कोशिश की थी |

अब आपको बता दे ऋषियों द्वारा सुलह नागो और आर्यों की बीच सफल हुई इसी कारण दोनों प्रेम सूत्र मे बंध गए और साथ ही दोनों मे वैवाहिक सम्बंध होने लगे | इस तरह दोनों जातियो मे संघर्ष समाप्त हुआ | सर्पभय से मुक्ति के लिए आस्तिक का भी नाम लिया जाता है |
नवरात्र मे मंदिर की सफाई करने का तरीका

नवरात्र मे मंदिर की सफाई करने का तरीका

नवरात्र मे मंदिर की सफाई करने की सोच रहे है तो आज आपको हम बताने वाले है कैसे कर सकते है मंदिर की सफाई | मंदिर को साफ सुथरा रखना बहुत ही जरूरी है | नवरात्र मे 9 दिन तक देवी माँ की पूजा होती है साथ नवरात्र मे लोग अपने घरो मे बहुत ही शुद्धि रखते है | वैसे तो अधिकतर लोग अपने घरो मे अलग कमरा मंदिर के लिए बना लेते है लेकिन कुछ घरो मे रसोई मे एक छोटा सा मंदिर होता है | मंदिर की साफ सफाई हर कोई रोजाना ई करता है लेकिन त्योहार मे कुछ खास ध्यान ही रखा जाता है और मंदिर की सजावट भी की जाती है |
गणेश चतुर्थी क्यो मनाई जाती है

मंदिर की साफ़ सफाई कैसे करे आइये जाने - 


  • सबसे पहले मंदिर के कमरे को साफ पानी से धोना चाहिए लेकिन बहुत से घरो मे छोटे मंदिर है और आपके घर मे छोटा मंदिर है तो आप उसे साबुन के पानी से अच्छी तरह धो दे |
  • अगर आपके घर मे धातु की बनी मूर्तिया है तो ऐसी मूर्तियो को नमक और टुथपेस्ट से धोना चाहिए | ऐसा करके आप अपनी मंदिर की मूर्तियो को एकदम चमका सकते है और मूर्ति बिलकुल नया सा दिखने लगेगा |
  • जोत और पूजा की जो थाली होती है वह लगभग सभी लोग पीतल की प्रयोग मे लेते है तो आप उन्हे नींबू और नमक से साफ कर सकते है | नींबू और नमक से थाली को रगड़ने पर उनमे चमक आ जाएगी |
  • मंदिर के कमरे और मंदिर मे जो पर्दा लगा हुआ है उन्हे नया खरीद कर ले आए और लगा दे और यह नहीं कर सकते है तो पुराने पर्दे को अच्छे से धोकर सूखा ले फिर लगा दे |
  • अगर आपके मंदिर मे पीतल की घंटी है तो उसे साफ करने के लिए इमली का प्रयोग करे इमली के गूदे मे घंटी को कुछ समय तक भिगाकर रख दे और फिर उसे रगड़ कर साफ करदे |
  • जब आपका मंदिर बिलकुल साफ हो जाए तो आप ताजे ताजे फूलो से मंदिर को सजा सकते है साथ ही मंदिर के द्वार पर फूलो की माला लगा सकते है फिर मूर्तियो पर ताजे फूलो की माला चढ़ाए और अगर आप अपने मंदिर को जगमागाता हुआ देखना चाहते है तो मार्केट से लाइट लाकर सजावट करके मंदिर मे लगा सकते है |