Google का आविष्कार किसने किया जानिये पूरी जानकारी

Google का आविष्कार किसने किया जानिये पूरी जानकारी

Google का आविष्कार किसने किया जानिये पूरी जानकारी

गूगल क्या है और google का Avishkar किसने किया आज हम इसके बारे मे बात करने वाले है || पर उससे पहले जान लिया जाए Google Kya Hai ||

Google की खोज और इतिहास :


Google Search क्या है?

गूगल खोज या गूगल वेब खोज वेब पर खोज का एक इंजन है || जिसका स्वामित्व गूगल इंक के पास है || और Google Web पर सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला सर्च इंजन है || Google एक अमेरिकन मल्टीनेशनल कंपनी है || जो इन्टरनेट रिलेटेड सर्विसेज और प्रोडक्ट प्रोवाइड कराती है || हम जो भी इनफार्मेशन गूगल की मदद से सर्च करते है गूगल हमे इन्टरनेट पर जहा जहा पर वो इनफार्मेशन मौजूद है वो इकट्टा करके दिखा देता है ||



Google की खोज और इतिहास :

गूगल एक सर्च इंजन है जिसकी developement की सुरवात 1996 में Standard University में Sergey Brin और Larry Page ने एक प्रोजेक्ट के तौर पर की थी. ये प्रोजेक्ट पहले Backrub के नाम से जाना जाता था |लेकिन Sergey Brin और Larry Page ने बाद में इसका नाम गूगल रख दिया } गूगल का नाम googol इस शब्द के स्पेल्लिंग मिस्टेक के कारण रखा गया | गूगल का मतलब है की वो बढ़ी मात्रा में सर्च दर्शाता है |जिसका स्वामित्व गूगल इंक के पास है ||



  • लैरी पेज ने की गूगल की खोज – लैरी पेज google के संस्थापक लैरी पेज है। 1998 में लैरी पेज और उनके साथी ब्रेन ने google inc. कंपनी की स्थापना की। forbs के मुताबिक लैरी पेज दुनिया के 15 वे नंबर के अमीर आदमी है और उनके पास 39 billion संपति है। इन्हे “google guys” नाम से भी जाना जाता है। लैरी पेज का जन्म 26 मार्च 1973 को east lansing के michigan में हुआ। लैरी पेज का जन्म एक यहूदी परिवार में हुआ। लैरी पेज के माता-पिता मशिगन स्टेट univercity में प्रोफ़ेसर थे। लैरी पेज को बचपन से ही computer की तरफ आकर्षण था। जब लैरी पेज 12 साल के थे तो इन्होंने माता पिता से कहा की में आगे जा के खुद की कंपनी खोलूँगा।
  • लैरी पेज ने स्कूल एजुकेशन east lansing high school में किया। लैरी पेज ने computer engineering university ऑफ़ मशिगन में की और baichelr of science की degree भी ली। लैरी पेज ने stanford university में computer science में master of degree हासिल की। लैरी पेज को मशीन से इतना लगाव था की इन्होंने कॉलेज में इंकजेट प्रिंटर की मशीन बनाई। आज के टाइम लैरी पेज को बहुत पुरस्कार भी मिले है। लैरी पेज ने बहुत मेहनत करके अपने google कंपनी को दुनिया की success कंपनी बनाई है।

Google के बारे मे जानकारी -

Google क्या है और Google को किसने बनाया अब आपको जानकारी हो ही गयी है तो अब आप Google के कुछ Extra Services ओर Prodect के बारे मे भी जान लीजिए ||




गूगल का जो डोमैन है उसका रजिस्ट्रेशन सितंबर 15 1997 को किया गया था || और बाद मे गूगल ने अपनी Services को बढ़ाते हुए काफी और भी Prodect Provide की ||

Prodect Of Google :
  • Google Translate
  • Google News
  • GmAIL
  • Android
  • Google Crome
  • Google Wallet
  • Google+
  • Google Drive
  • Google Alerts

इनके अलावा Google की सबसे Best Prodect Blogger और Youtube है || और इनके अलावा भी गूगल के कई सारे प्रोडेक्ट है || लेकिन उनके बारे मे हम आपको फिर कभी पूरी जानकारी के साथ बाताएंगे || अब आपको गूगल के बारे मे अच्छी जानकारी हो चुकी होगी और अब आपको पता चल चुका ही है की Google की Khoj या आविष्कार Avishkar किसने किया ||
सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे

सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे

सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे ||

आपने बहुत बार सूक्ष्मदर्शी का नाम सुना होगा और प्रयोग भी किया होगा पर क्या आपको पता सूक्ष्मदर्शी की खोज या आविष्कार किसने किया || अगर नहीं तो आज हम आपको सूक्ष्मदर्शी क्या है और इसके क्या प्रयोग है और इसके खोजकर्ता कौन है के बारे मे बताने वाले है ||



सूक्ष्मदर्शी क्या है ?

सूक्ष्मदर्शी (अंग्रेज़ी:माइक्रोस्कोप) एक वैज्ञानिक उपकरण है। सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार जेड. जानसेन (नीदरलैण्ड) ने वर्ष 1590 में किया था। यह छोटी वस्तुओं को आवर्धित करके बड़ा कर देता है,; अतः जिन वस्तुओं को आँखों से नहीं देखा जा सकता, उन्हें इस उपकरण से देखा जा सकता है।|



सूक्ष्मदर्शन के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है क्योंकि इसकी खोज के बाद वस्तुओं को उनके वास्तविक आकार से कई हजार गुना बड़ा करके देखना संभव हुआ था।.

सूक्ष्मदर्शी के कितने प्रकार || How Many types Of Microscope


सूक्ष्मदर्शी [ माइक्रोस्कोप ] के प्रकार आप नीचे देख सकते है -

  • प्रकाशकीय सूक्ष्मदर्शी
  • इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
  • परमाण्विक बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • घर्षण बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन अन्वेषिका सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन वोल्टता सूक्ष्मदर्शी यंत्र


सूक्ष्मदर्शी  के उपयोग  Use Of Microscope


  • सूक्ष्मदर्शी का उपयोग जीव विज्ञान मे मुख्य रूप से किया जाता है |  विश्व भर सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कई कार्यो के लिए किया जाता है || जैसे - रोगो के नियंत्रण, नई औषधियों की खोज के लिए || आज के समय मे बहुत ही आधुनिक प्रकार के सूक्ष्मदर्शी आ चुके है जोकि पहले के सूक्ष्मदर्शी से कई गुना अच्छे है ||


  • आज सूक्ष्मदर्शी का प्रयोग वस्तुओ को देखने के साथ साथ और भी छेत्रों मे इसका प्रयोग किया जाता है -  द्रव्यों के कणों के मापने, गणना करने और तौलने के लिए 
  • आज सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कायचिकित्सा (Medicine), जीवविज्ञान (Biology), शैलविज्ञान (Perology), मापविज्ञान (Metrology), क्रिस्टलविज्ञान (Crystallography) एवं धातुओं और प्लास्टिक की तलाकृति के अध्ययन में व्यापक रूप से ही हो रहा है||

सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार या खोज पोस्ट आपको कैसी लगी हमे बताना न भूले और अगर आपके पास कोई सवाल है तो पूछ सकते है - नीचे कमेनेट के माध्यम से ||
बिजली के बारे में अद्भुत तथ्य हिंदी में - Amazing facts About Electricity in Hindi

बिजली के बारे में अद्भुत तथ्य हिंदी में - Amazing facts About Electricity in Hindi

बिजली के बारे में अद्भुत तथ्य हिंदी में - Amazing facts About Electricity in Hindi

आज हम बात करने वाले है बिजली के अद्भुत तथ्य के बारे मे इससे पहले हमने आपको बताया था बिजली की खोज किसने की अगर आपने नहीं पढ़ी तो यहा क्लिक से पढे ||

Amazing facts About Electricity in Hindi

बिजली का हमारे जीवन मे क्या महत्व है आप भली भाति जानते होंगे पर क्या आपको बिजली से जुड़ी रोचक और अद्भुत तथ्यो के बारे मे पता है अगर नहीं तो चलिये जानते है बिजली के अद्भुत तथ्यो के बारे मे |

Top Amaging Fact About Electricity In Hindi 

  • थॉमस एडिसन ने 2 हजार से अधिक न्यू उत्पादो का आविष्कार किया जो हमारे घरो मे बिजली का उपयोग करने के लिए हमारे लिए आवश्यक है | जैसे स्विच, फ्यूज़ और मीटर आदि ||
  • आपको शायद पता ना हो लेकिन दुनिया मे 83% वायु प्रदूषण बिजली के उत्पादन और प्रयोग से होता है |
  • बिजली को उत्पन्न हवा पानी और जानवर की खाद से भी बनाई जाती है |
  • बिजली 30 हजार KM/S की गति से गतिमान होती है जो किसी भी चीज की गति से बहुत ज्यादा है | इसे आप ऐसे समझ सकते है - अगर आप अपने घर से एक तार द्वारा चाँद पर बल्ब लगा दे या दुनिया के आठ चक्कर लगा दे तो भी बल्ब के स्विच ऑन करते ही रोशनी देने लगेगा |
  • 2007 मे हवा ने दुनिया मे बिजली की 1.3 % का उत्पादन किया था |
  • आइसलैंड पहला और एकलौता देश है जहा बिजली के Renewal Source पर निर्भर रहती है |
  • एक Desktop कम्प्युटर 80 वाट पर आइडियल माना जाता है जबकि ओसत लैपटॉप 20 वाट पर आइडियल माना जाता है |
  • स्थिर बिजली एक एक चिंगारी 3 हजार वॉल्ट मापी गई है |
  • इलेक्ट्रिक ईल आत्मरक्षा और शिकार के लिए लगभग 5 सौ वोल्ट की मजबूत बिजली के झटके का उत्पादन कर सकती है | 
  • बिजली प्रयोग करने वाला पहला पल Brooklyn Bridge था जो न्यूयार्क मे स्थित है |
  • एक प्रकाश बल्ब मे ऊर्जा का केवल 10% प्रकाश बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है बाकी 90% ऊर्जा गर्मी पैदा करती है |
  • CFL बल्ब 80% कम ऊर्जा लेती है और 12 गुना ज्यादा चलती है |
  • गूगल दुनिया की ऊर्जा का लगभग 0.013 % ऊर्जा प्रयोग करता है और ऊर्जा इतनी है जिससे 2 हजार घरो मे बिजली आ सकती है |
बिजली से जुड़े कुछ सवाल

आपने कभी सोचा है ? एक बिजली पर बैठे पक्षियों को बिजली का झटका क्यू नहीं लगता |

ऐसा इसलिए है क्योकि एक पछी सिर्फ एक बिजली लाइन पर बैठता है जिसके कारण वह Safe होता है लेकिन अगर पछि ने अपने पैर या पंख से दूसरी लाइन को छु लिया तो पछी के शरीर के माध्यम से धारा प्रवाह करने लगती है इसका कारण बिजली का सर्किट बनना है जिससे पछी को बिजली का झटका लगता है|



क्या आपको पता है ? बिजली आपके दिल के धड़कने मे भी महतव्पूर्ण भूमिका निभाती है |

बिजली के कारण दिल की मासपेंशिया सिकुड़ती है जिससे दिल धड़कता है | ElactroCardiogram Machine [ ECG Machine ] डॉक्टरो द्वारा दिल से गुजर रही बिजली को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है |
बिजली की खोज किसने की थी कब कैसे पूरी जानकारी

बिजली की खोज किसने की थी कब कैसे पूरी जानकारी

बिजली की खोज किसने की थी पूरी जानकारी हिन्दी मे

बिजली क्या है बिजली की खोज किसने की अगर आपको नहीं पता तो यहा आज हम जानेगे बिजली की खोज किसने की और बिजली का आविष्कार कैसे हुआ | दुनिया मे बिजली का प्रयोग होना एक सामान्य क्रिया हो हो गई है || आज के समय मे जीवन बिजली के बिना जीवन जीना मुश्किल सा हो गया है || क्या मोटर क्या हवाई जहाज क्या मोबाइल फोन क्या रेल सबमे बिजली का ही प्रयोग किया जाता है | बिजली के बारे मे आद्भूत तथ्य के बारे मे जानने के लिए यहा क्लिक करे ||


बिजली क्या है || What Is Electricity

इलेक्ट्रिसिटी एक ऊर्जा होती है जो प्रकृति मे पहले से मौजूद है तो आप यह नहीं कह सकते की बिजली का आविष्कार हुआ बल्कि आप इसे कह सकते है की बिजली की खोज हुई || 



बिजली शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के इलेक्ट्रान शब्द से हुई है || 600 ईसा. वर्ष पूर्व ग्रीक के लोगो को पता था की अम्बर को कपड़े से रगड़ने पर उसमे कोई ऐसी शक्ति पैदा होती है जिसके कारण वह कागज के छोटे छोटे टुकड़ो को आकर्षित करने लगता है | 


बिजली की खोज किसने किया |

वास्तव मे बिजली की खोज का श्रेय Benjamin Franklin को दिया जाता है | इसके बाद बहुत सारे Research के बाद 1930 मे तांबे के बर्तन पाए गए || जोकि प्राचीन बैटरी बनाने के काम आते थे और इनका प्रयोग प्राचीन रोमन स्थानो पर रोशनी करने के लिया किया जाता था | ऐसा ही एक उपकरण बगदाद मे खुदाई करते समय मिला था | ऐसा माना जाता है वो लोग इसका इस्तेमाल बैटरी के लिए किया करते होंगे |


17वी स्टाब्दी तक बिजली के बारे मे बहुत सारी खोजे हुई जैसे की इलेक्ट्रिसिटी मे Positive और Negative करेंट Electrostatic Generator, और Insulators का वर्गिकरण किया गया | 



1752 मे Ben Franklin ने एक पतंग, चाबी की मादा से शाबित किया की बादलो मे जो Lighting होती हैं वह और छोटी सी विधुत चिंगारी दोनों एक ही चीज है | फिर 1800 मे Italian Physicist Alessandro Volta ने एक प्रयोग मे पाया की विशेष रासायनिक प्रतीक्रियाओ की मदद से हम इलेक्ट्रिसिटी बना सकते है और फिर उन्होने सन 1800 मे ही Voltaic Pile का आविष्कार किया जोकि आज कल की बैटरी होती है || और यह लगातार इलेक्ट्रिसिटी पैदा कर सकती है |

1831 मे Micheal Faraday ने इलेक्ट्रिक डाइनेमो का आविष्कार किया || फिर इस इलेक्ट्रिसिटी को टेक्नोलोजी के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा || Micheal Faraday के इलेक्ट्रिसिटी डाइनेमो मे एक मैगनेट थी जो कॉपर वायर की Coil मे घूमती थी और थोड़ी मात्रा मे करेंट [ बिजली ] बनाती थी |


इसके बाद इलेक्ट्रिसिटी के क्षेत्र मे बहुत सारे प्रयोग किए गए और नई नई बिजली से चलने वाले उपकरण बनाए गए ||

सन 1878 के करीब थॉमस एडिसन और उनके साथियो द्वरा फिलामेंट प्रकाश बल्ब का आविष्कार किया ||
विषाणु की खोज किसने किया एंव खोजकर्ता

विषाणु की खोज किसने किया एंव खोजकर्ता

क्या आप जानते है विषाणु की खोज किसने किया विषाणु के प्रकार नहीं तो जानिए विषाणु के बारे मे खोज
विषाणु की खोज रूस के वैज्ञानिक इवानविस्की ने 1892 ई. मे किया था [ तंबाकू मे मोजेक रोग पर खोज के समय ] इनकी प्रकृति सजीव एंव निर्जीव दोनों प्रकार की होती है | इसी कारण इन्हे सजीव एंव निर्जीव की कड़ी भी कहा जाता है | विषाणु के बारे मे -

विषाणु के निर्जीव होने के लक्षण - 
  • यह कोशा रूप मे नहीं होते है
  • इनको क्रिस्टल बनाकर निर्जीव पदार्थ की भांति बोतलों मे भरकर वर्षो तक रखा जा सकता है |

विषाणु के सजीव होने के लक्षण - 
  • इनके न्युक्लिक अम्ल का दिवगुणन होता है |
  • किसी जीवित कोशिका मे पहुचते ही यह सक्रिय हो जाते है और एंजाइमो का संश्लेषण करने लगते है |

परपोषी प्रकृति के अनुसार विषाणु 3 प्रकार के होते है - 
  1. पादप विषाणु - इनका न्यूक्लिक अम्ल मे आर.एन.ए. होता है |
  2. जन्तु विषाणु - इनमे डीएनए या कभी कभी आरएनए भी पाया जाता है |
  3. वैक्ट्रीयोफेज जीवाणुभोजी - यह केवल जीवाणुओ पर आश्रित होते है साथ ही यह जीवाणु को मार भी देते है | इनमे डीएनए पाया जाता है जैसे - टी 2 फैज 
नोट - जिस विषाणु मे आरएनए आनुवंशिक पदार्थ होता है उसे रेट्रोविषाणु कहा जाता है |
आविष्कार किसने किसका किया आविष्कारक के नाम

आविष्कार किसने किसका किया आविष्कारक के नाम

आविष्कार - दुनिया आविष्कार से भरी पड़ी है लेकिन क्या आपको उन सभी आविष्कार के अविष्कारक के नाम पता है जिनके आविष्कार उन्होने किए अगर नहीं तो आज हम आपको कुछ महत्वपूर्ण आविष्कार के बारे मे बता रहे है कि किसका आविष्कार किसने किया | avishkar aur avishkarak ke naam, kiska avishkar kisne kiya


आविष्कार और आविष्कारक

आविष्कार / खोजआविष्कारक / खोजकर्तादेशवर्ष
डायनामाइट अल्फ्रेड नोबेलस्वीडन1862
परमाणुरदरफोर्डइंगलैंड1939.
प्रकाश देने वाला बल्बएडीसनयू. एस. ए.1860
अन्धो के लिए छापालुई ब्रेलफ्रांस1828
रेडियममैडम क्यूरीफ्रांस1828
टेलीफोनग्राहम बेलयू एस ए 1876
सापेक्षिकता का सिद्धान्तए आइन्सटीनयू एस ए 1905
गुरुत्वाकर्षण का नियमसर आइजेक न्यूटनइंग्लैण्ड1687
एक्सरेडबल्यू. के. रोन्टेजनजर्मनी1895
वायरलैस [ रेडियो ]मारकोनीइटली1896
टेलीग्राफसैमुअल मोर्सयू. एस. ए.1832
एफ एम रेडियोएड्विन एच आर्मस्ट्रांगसंयुक्त राज्य अमेरिका
वायुयानराइट ब्रादर्सयू. एस. ए..1903
बाइसिकलमैकमिलनस्काटलैंड1842
डायनमोंमाइकिल फैराडेइंग्लैण्ड1831
फाउंटेन पैनवॉटरमैनसंयुक्त राज्य अमेरिका1884
माइक्रोस्कोपजैड. जानसननिदरलैंड1590
पावरलूमकार्टराइटइंगलैंड1785
पैराशूटलुइस एस. लेनोर्मांडफ्रांस1783
प्रिंटिंग प्रेसगुटेनबर्गजर्मनी1455
रबड़ टायरडनलपआयरलैंड1488
इलेक्ट्रिक मोटरमाइकल फैराडेइंग्लैण्ड1822
माइक्रोफोनचार्ल्स व्हीटस्टोनइंग्लैण्ड1827
रिवाल्वरकोल्टसंयुक्त राज्य अमेरिका1835
चेचक का टीकाएडवर्ड जेनरइंग्लैण्ड1796
तार (टेलीग्रॉफ)सैमुएल एफ. बी. मोर्ससंयुक्त राज्य अमेरिका1837
सिलाई मशीनएलियास होवेसंयुक्त राज्य अमेरिका1846
सेफ्टी पिनवाल्टर हण्टसंयुक्त राज्य अमेरिका1849
एलिवेटरएलिशा जी. ओटिससंयुक्त राज्य अमेरिका1852
प्लास्टिकअलैक्जेण्डर पार्क्सइंग्लैण्ड1855
बारूद (डाइनामाइट)अल्फ्रेड नोबलस्वीडन1867
इलेक्ट्रिक लैम्पए. ई. बेक्वेरेलफ्रांस1867
टाइपराइटरक्रस्टोफर शोलेज और कार्लोस ग्लिडनसंयुक्त राज्य अमेरिका1867
डीएनएफ्रिडरिक मेशरजर्मनी1869
मोटरसाईकलएडवर्ड बटलरइंग्लैण्ड1884
फाउण्टेन पेनलेविस ई. वाटरमैनसंयुक्त राज्य अमेरिका1884
इलेक्ट्रिक ट्रांसफार्मरविलियम स्टेनलेसंयुक्त राज्य अमेरिका1885
कोका-कोलाजॉन पेम्बर्टनसंयुक्त राज्य अमेरिका1886
इलेक्ट्रोकॉर्डियोग्राफीआगस्तुस वाल्टरब्रिटेन1887
डॉयनेमोनिकोला टेस्लासंयुक्त राज्य अमेरिका1892
डीजल इञ्जनरुडोल्फ डीजलजर्मनी1892
स्टोवहडावेसंयुक्त राज्य अमेरिका1896
इलेक्ट्रॉनसर जोसेफ जे. थॉम्पसनइंग्लैण्ड1897
रेडियोधर्मिता (एक्स रे)मैडम क्यूरी और पियरे क्यूरीफ्रांस1898
एस्पिरिनडॉ. फेलिक्स होफमेनजर्मनी1899
टेप रेकॉर्डरवाल्डेमर पौल्सेनडेनमार्क1899
क्वाण्टम सिद्धान्तमैक्स प्लैंकजर्मनी1900
रेज़रकिंग जिलेटसंयुक्त राज्य अमेरिका1901
मनोविश्लेषणसिगमण्ड फ्रॉयडऑस्ट्रिया1904
धुलाई मशीनएल्वा फिशरसंयुक्त राज्य अमेरिका1906
E=mc2अलबर्ट आइंस्टाइनस्विटज़रलैण्ड1907
एयरकण्डीशनिंगविलिस कैरियरसंयुक्त राज्य अमेरिका1911
अणुअर्नेस्ट रदरफोर्डइंग्लैण्ड1911
अभिकलित्र (कम्प्यूटर)वानेवर बुशसंयुक्त राज्य अमेरिका1928
कार रेडियोविलियम लीर और एल्मर वैवरिंगसंयुक्त राज्य अमेरिका1929
बॉल पाइण्ट पेनलाज़्लो बिरोअर्जेण्टीना1944
माइक्रोवेव ओवनपर्सी स्पेन्सरसंयुक्त राज्य अमेरिका1947
एकीकृत सर्किटजी.डब्लू.ए. डमरइंग्लैण्ड1952
एलसीडीहोफमन-ला रोशस्विटज़रलैण्ड1970
कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी)आरसीएसंयुक्त राज्य अमेरिका1972
टेलिस्कोपहेल्स लिपरशेनिदरलैंड1608
तो यह थे कुछ आविष्कार और आविष्करता के नाम, ऐसे ही ज्ञानवर्धक जानकारी की लिए आते रहे एंव पढ़ते रहे
भारत की देन 10 बड़े आविष्कार जो आपको नहीं पता

भारत की देन 10 बड़े आविष्कार जो आपको नहीं पता

आज की दुनिया खोज एंव आविष्कार से भरी हुई लेकिन ऐसे भी कुछ आविष्कार है जो भारतवासी नहीं जानते है | ऐसे कुछ आविष्कारों की बात आज हम कर रहे जिनका आविष्कार भारत मे हुआ है या भारत देश का हाथ रहा इसके परिणाम नजर आते है | आपको पता ही है यह आविष्कार ही है जो आप तक हम अपनी बात बहुत आसानी से पहुचा पा रहे है | कहने का मतलब है खोज एंव आविष्कार से हमारा जीवन इतना सरल हो चुका है कि हम कोई भी कार्य बहुत आसानी से कर सकते है | आइये जाने 10 आविष्कारों के बारे मे


khoj kisne aur kab kiya

भारत की देन है यह 10 बड़े आविष्कार

शतरंज - अगर आप भारत मे रहते है तो इस खेल का नाम तो जरूर सुना होगा क्योकि गुप्त साम्राज्य के समय बहुत ही प्रसिद्ध खेल चतुरंग रहा है | इसकी वजह से शतरंज खेल का विकाश हुआ |



बटन - लाल पीले नीले कई रंगो मे आने वाले बटन जिनके बिना हमारे वस्त्र हम पर टिक नहीं सकते इनका प्रयोग 2000 ईसा पूर्व मोहनदोजड़ो सभ्यता काल मे होता रहा है |

हीरे की खुदाई - आपको बताना चाहेंगे की ब्राज़ील मे 18वी सदी मे डायमंड माइनिंग की खोज हुई थी लेकिन इससे पहले ही दुनिया को हीरा भारत ने उपलब्ध करा दिया था |

साँप सीढी खेल - भारत देश मे यह खेल कितना प्रसिद्ध है इस बात का अंदाजा तो आपको होगा की | हमने भी यह खेल अपने बचपन मे बहुत खेला है इसलिए हम कह सकते है यह खेल हर बच्चे की जुबान पर होता है लेकिन आपको शायद यह न पता हो की साप सीढ़ी खेल का आविष्कार भारत मे हुआ फिर इंगलैंड, अमेरिका से होते हुए पूरे विश्व मे फैल गया |

काटन की खेती और कपड़े - अगर आपने इतिहास पढ़ा होगा तो आपने यह ज्ञान जरूर लिया होगा सिंधु घाटी सभ्यता मे प्रमाण मिलते है कि हजारो सालो पहले भारत मे कपास की खेती एंव इनसे बनाए हुए वस्त्र चलन मे थे | जबकि ग्रीसवासी जानवरो की खाल पहनते थे |

फिबोनैकी नंबर - गणित मे जादूई संख्याओ के नाम से प्रसिद्ध फिबोनैकी का नाम तो सुना ही होगा जिसका आविष्कारक है फिबोनैकी को माना जाता है | आपको बता दे इन संख्याओ का प्रतिपादन भारतीय गणितज्ञ विरहांडक ने कर दिया था |

रूलर [ स्केल ] - दूरी की सही एंव सटीक माप के लिए सबसे पहले भारत मे स्केल का प्रयोग किया गया था जिनका प्रमाण सिंधुघाटी सभ्यता से मिलता है - हाथी के दाँत से बना रूलर |

मोतियाबिन्दु की सर्जरी - सर्वप्रथम आयुर्वेदचार्य सुश्रुत ने मोतियाबिन्दु का सफल प्रयोग किया था जिसके बाद यह चीन एंव ग्रीस मे पहुचा|

फ्लश टॉयलेट - सिंधुघाटी मे इसके प्रमाण मिलते है कि फलश टॉयलेट जैसी सुविधा मौजूद थी जिसके सिवेज सुव्यस्तथित सिस्टम से जुड़ी हुई थी |

हवाई जहाज - हवाई जहाज के निर्माण की बात की जाए तो राइट ब्रदर के नाम सुनने को मिलेगा लेकिन कुछ साक्ष्य सामने आए है जिससे पता चलता है हवाई जहाज का आविष्कार एक महान वैज्ञानिक ने किया जिनका नाम "शिवकर बापूजी तलपडे" |
कागज की खोज - kagaj ki khoj in india

कागज की खोज - kagaj ki khoj in india

कागज का प्रयोग आपने किया तो है लेकिन क्या आप कागज के इतिहास के बारे मे जानते है जैसे - कागज की खोज किसने किया, कागज का इतिहास क्या है, भारत मे कागज का आरम्भ कब और कैसे हुआ | अगर आपको नही पता है तो आज इस लेख मे आपको कागज के बारे मे जानकारी प्राप्त होगी आइये जाने कागज के बारे मे |

कागज - कागज को बनाने के लिए घास फूंस, लकड़ी, कच्चे माल, सेलुलोज-आधारित उत्पाद का प्रयोग किया जाता है |  कागज की महत्वता क्या है इससे आप भली भाति परिचित है | कागज का प्रयोग शिक्षा, व्यापार, बैंक, इत्यादि मे किया जाता है | कागज का आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था मे महत्वपूर्ण योगदान है इसके बिना कार्यप्रणाली को पूरा कर पाना सम्भव नहीं हो पाता |

kagaj avishkar
कागज का सर्वप्रथम प्रयोग चीन मे किया गया साथ ही कहा जाता है हान राजवंस के [ 202 ई.पू. ] मुख्य शाशक हो - टिश के राज दरबार मे त साई लून द्वारा कागज निर्माण की कला को लोगो के सामने लाया | यह जो कागज बना था वह भांग, शहतूत, पेड़ के छालो तथा अन्य तरह के रेशो का प्रयोग करके कागज बनाया गया था | यह कागज काफी चमकीला, मुलायम, लचीला, और चिकना होता था | कागज बनाने का तरीका धीरे धीरे पूरे दुनिया मे फैलाया गया | "त- साई - लून को " कागज के संत " के रूप मे सम्मान किया जाता है |



भारत मे कागज की खोज -
यह बात तो साफ है की कागज की खोज का श्रेय चीन को जाता है लेकिन चीन के बाद भारत मे कागज का निर्माण और प्रयोग का संकेत सिंधु सभ्यता से प्राप्त होता है |

कागज के बारे मे तथ्य -
  • कहा जाता है भारत मे कागज नेपाल के आर्ग से आया था लेकिन इस विषय पर कोई प्रमाण और विश्वाष के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलते है |
  • चीनी यात्री इत्सिंग द्वारा लिखी पुस्तक मे कागज का उल्लेख किया गया है जिसमे कहा गया है की कागज का प्रथमया आदान - प्रदान भारत से हुआ लेकिन इस बात का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं प्राप्त होता है |
  • अलबरुनी फारसी विद्वान लेखक ने यह साफ कर दिया की कागज का आविष्कार चीनीयो ने किया था और अरब देश के वाशियों ने चीनियो के केंप पर कब्जा बनाकर कागज निर्माण का फार्मूला प्राप्त किया | इस तरह से कागज बनाने की तकनीकी पूरे विशाव ए फ़ैली |


भारत मे कागज के उद्योग -
  • भारत मे कागज बनाने की शुरुवात मुगल काल मे हुआ |
  • कश्मीर के सुल्तान जैनुल आबिदीन द्वारा सबसे पहला कागज बनाने की मिल कश्मीर मे स्थापित किया |
  • आधुनिक कागज का उद्योग कलकत्ता मे हुगली नदी के तट पर बाली नामक स्थान पर स्थापित किया |
  • बंगाल मे सन 1887 मे टीटा कागज मिल्स को स्थापित किया गया लेकिन यह मिल कागज को बनाने मे सफल न हो पाई |
रॉकेट के आविष्कार की जानकारी कब और किसने

रॉकेट के आविष्कार की जानकारी कब और किसने

Rocket Ka Avishkar Kisne And Kab Kiya

रॉकेट का आविष्कार  - रॉकेट एक प्रकार वाहन है रॉकेट के उड़ने का सिधान्त न्यूटन के गति के तीसरे नियम क्रिया तथा बराबर एंव विपरीत प्रतिक्रिया पर आधारित है | आप पढ़ रहे है Rocket ka Avishkar Kisne And kab Kiya ..........रॉकेट की खोज और आविष्कार जानकारी |

रॉकेट एक ऐसा वायुयान है जिसे किसी भी वातावरण मे उड़ा सकते है | ऐरोप्लेन को उड़ान भरने के लिए हवा कि जरूरत होती है लेकिन रॉकेट को उड़ान के लिए हवा कि जरूरत नहीं होती | धरती पर एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए एरोप्लेन बनाया गया लेकिन धरती से बाहर के वातावरण मे जाने के लिए मतलब अन्तरिक्ष मे जाने के लिए रॉकेट का आविष्कार हुआ | रॉकेट का आविष्कार मानव के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होता रहा है क्योकि रॉकेट के आविष्कार से नई नई खोजे हुई और वैज्ञानिको को धरती से बाहर बहुत सारे रिसर्च किया और साथ ही अभी दूसरे ग्रह पर जीवन कि खोज करने के कोशिश कि जा रही है साथ ही रॉकेट यान ने मानव को धरती से चंद्रमा पर पहुचाया है |


Rocket Kya hai


रॉकेट का आविष्कार कि जानकारी - 
रॉकेट एक इंगलिश शब्द है जिसे हिन्दी मे मिशाइल कहा जाता है | रॉकेट का इस्तेमाल सबसे पहले चीन मे मे किया गया और उस समय रॉकेट को हथियार के रूप मे इस्तेमाल किया जाता था | उस समय का सबसे शक्तिशाली हथियार के रूप मे रॉकेट का प्रयोग किया जाता था | सन 1232 मे चीन और मंगलो के युद्ध मे रॉकेट का सबसे पहले इस्टेलाल किया गया |



ऐसा माना जाता है मंगलो द्वारा रॉकेट टेक्नोलोजी का यूरोप मे विस्तार हुआ और फिर यह धीरे धीरे यूरोप से एशिया तक फेल गया | इतिहास को खंगाला जाए तो पता चलता है कि टीपू सुल्तान द्वारा अंग्रेजी सेना से भिड़ंत के समय लोहे से बने रॉकेटो का इस्तेमाल किया |

दुनिया का पहला तरल ईधन सन 1926 मे रोबर्ट गोडार्ड द्वारा शुरू किया गया और 16 मार्च 1926 को आबर्न मैसाचूसेट्स पर दुनिया का पहला तरल ईधन रॉकेट प्रक्षेपण था |

यह पढेदूरबीन के आविष्कार की कहानी 

रॉकेट की कार्यप्रणाली -
रॉकेट इंजन क्रिया और प्रतिक्रिया सिद्धांत पर काम करता है इसे समझने के हम आपको कुछ उदाहरण दे रहे है |

  • आपने एक गुब्बारे मे हवा भरकर उसे छोड़ा ही होगा। गुब्बारा उसके अंदर की हवा के खत्म होने तक तेज गति सारे कमरे मे इधर उधर उड़ता फिरता है। यह एक छोटा सा राकेट इंजीन ही है। गुब्बारे के खूले सीरे से हवा बाहर उत्सर्जित होते रहती है, जिससे उसकी विपरीत दिशा मे गुब्बारा जा रहा होता है। हवा का भी भार होता है। विश्वास ना हो तो एक खाली गुब्बारे का वजन और उसके बाद हवा भरकर गुब्बारे का वजन लेकर देंखें। 
  • आपने अग्निशामक दल के कर्मियों को पानी की धार फेंकने वाले पाइप को पकड़े देखा होगा। इस पाइप को पकड़ने काफी शक्ति चाहीये होती है, कभी दो तीन कर्मी इस पाइप को पकड़कर रखते है। इस पाइप से तेज गति से पानी बाहर आता है, जिससे उसके विपरीत दिशा मे प्रतिक्रिया होती है जिसे अग्निशामन दल के कर्मी अपनी शक्ति से नियंत्रण मे रखते है। यह भी राकेट प्रणाली का एक उदाहरण है। 
  • किसी बंदूक से गोली दागे जाने पर बंदूक के बट से पीछे कंधे पर धक्का लगता है। यह पिछे कंधे पर लगने वाला धक्का ही गोली के सामने वाली दिशा के जाने की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप है। यदि आप किसी स्केटबोर्ड (पहीयो वाली तख्ती) पर खड़े हो कर यदि गोली चलायें तो तब आप उसके धक्के से विपरित दिशा मे जायेंगे। गोली का दागा जाना भी एक राकेट इंजन के जैसे कार्य करेगा। 
  • पानी मे नाव : जब आप चप्पू चलाते है, तब पानी को पीछे धकेलते है, प्रतिक्रिया स्वरूप नाव विपरीत दिशा मे बढ़ती है।
रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

राजस्थान की राजधानी जयपुर के अल्बर्ट मियूजियम मे रखी हुई 322 ईसा पूर्व की ममी इन दिनो चर्चा मे है | यह ममी है मिस्र राजघराने के पुजारी परिवार की महिला तूतू की | यहा बहुतों की तादाद मे लोग पाहुचते है और प्राचीन इतिहास एंव मौत के बाद के रहस्यो को जानकार हेरान हो जाते है | ममी से जुड़े जानकारी लोग बहुत ही उतसूक्ता से सुनते है और उतने ही उत्सुकता से सैकड़ों साल पुरानी डेडबॉडी का एक्सरे प्रिंट भी देखते है | यह मूजियम 130 साल पुराना है और इतना ही समय हो गया इस मूजियम मे रखे ममी को रखे हुए | यह ममी 19वी सदी के अंतिम दशक मे मिस्र के काहिरा से जयपुर लाया गया था | इस ममी की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए 6 साल पहले एक्सरे किया गया |

Mummi


130 साल से रखी है डेडबॉडी, रहस्यमय है इसकी कहानी |



  • इस म्यूजियम मे रखी ममी तूतू नामक महिला की है | और इस ममी को प्राचीन नगर पैनोपोलिस मे अखमीन से प्राप्त किया गया था | इस ममी को बताया जाता है 322 से 30 ईस्वी पूर्व के टौलोंमाइक युग की है | यह महिला खेम नामक देव के उपासक पुरोहित के परिवार की सदस्य थी |
  • ममी के देह के ऊपरी भाग पर प्राचीन मिस्र का पंखयुक्त भृंग [ गुबरैला ] का प्रतीक अंकित है जो  मृत्यु के बाद जीवन और पुनर्जन्म का का प्रतीक माना जाता है | इस ममी के पवित्र भृंग के दोनों और प्रमुख देव का शीर्ष तथा सूर्य के गोले को पकड़े श्येन पक्षी मे होरस देवता का चित्र है |
  • तूतू ने नीचे चोड़े मोतियो से सज्जित परिधान गर्दन से कमर तक कालर के रूप मे पहना हुआ है | इस बॉडी पर पंखदार देवी का अंकन डेडबॉडी की सुरक्षा के लिए किया गया है | ममी के नीचे के तीन हिस्सो मे से पहले हिस्से पर, चीता की चेय्या पर डेडबॉडी के दोनों ओर महिलाए बनी हुई है | दूसरे हिस्से पर पाताल लोक के निर्णायकों की तीन बैठी हुई छविया है | और ममी के तीसरे हिस्से पर होरस देव के चार बेटो जो चारो दिशाओ के रक्षक दिक्पाल है | और इनकी छविया कर्म से मानव, सियार और बाज के रूप मे दिखाए गए है |
ई जाती है. यह महिला खेम नामक देव के उपासक पुरोहितों के परिवार की सदस्य थी. (फोटो- म्यूजियम में रखी ममी

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