घड़ी का आविष्कार किसने किया कब कैसे और कहा

घड़ी का आविष्कार किसने किया कब कैसे और कहा

घड़ी का आविष्कार किसने किया कब कैसे और कहा


क्या आपको मालूम है की घड़ी का आविष्कार किसने किया || अगर नहीं तो आज हम जानेगे की किसने किया घड़ी का आविष्कार ||

ghadi ka avishkar


घड़ी क्या है और घड़ी को किस प्रयोग मे लिया जाता है यह हम भली भाति जानते है पर क्या कभी हमने घड़ियो के इतिहास के बारे मे जानने की कोशिश की अगर नहीं तो चलिए आज हम घड़ी के इतिहास के बारे मे जानते है ||

घड़ी क्या है ??

घड़ी के ऐसा यंत्र है जो सम्पूर्ण स्वयचालित द्वारा किसी न किसी रूप मे वर्तमान समय को प्रदर्शित करता है || घड़ियो को कई सिद्धांतों से बनाया जाता है जैसे - धूप घड़ी, यांत्रिक घड़ी, एलेक्ट्रानिक घड़ी ||



प्राचीन काल मे धूप के कारण पड़ने वाले किसी पेड़ अथवा अन्य स्थिर वस्तु की छाया के द्वारा समय का अनुमान किया जाता था || ऐसी धूप घड़ी का का प्रयोग बहुत ही प्राचीन काल से प्रयोग होता रहा है || जिनमे आकाश मे सूरज के के भ्रमण कारण किसी पत्थर या लोहे के स्थिर टुकड़े की परछाई की गति मे होने वाले परिवर्तन के द्वारा गढ़ी या समय [ प्रहर ] का ज्ञान किया जाता था ||

बदली के दिनो मे अथवा रात मे समय जानने के लिए जल घड़ी का आविष्कार चीन देशवासियो ने लगभग 3 हजार साल पहले किया था ||

इंग्लैंड के एलफ़्रेड महान ने मोमबत्ती द्वारा समय का ज्ञान करने की विधि अपनाई थी || जिसमे उन्होने एक मोमबत्ती पर, लंबाई की और समान दूरियो पर चिन्ह अंकित कर दिये थे || प्रत्येक चिन्ह तक मोमबत्ती के जलने पर निश्चिंत समय का ज्ञान होता था ||  



घड़ियो का इतिहास

  • पहली घड़ी सन 996 मे पोप सिलवेसटेर दिवतीय ने बनाई थी || यूरोप मे घड़ियो का प्रयोग 13वी स्ताब्दी के उतरराध मे होने लगा था || इंग्लैंड के वेस्टमिस्टर के घंटाघर मे सन 1288 मे तथा अलबान्स मे सन 1326 मे घड़िया लगाई गयी थी ||


  • पहली घड़ी सन 996 मे आधुनिक घड़ी के आविष्कार का मामला कुछ पेचीदा है || घड़ी की मिनट वाली सुई का आविष्कार वर्ष 1577 मे स्विट्ज़रलैंड के जॉस बर्गी ने अपने एक खगोलशास्त्री मित्र के लिए किया || लेकिन उनसे पहले जर्मनी के न्यूरमबर्ग शहर मे पीटर हेनलेन ने ऐसी घड़ी बना ली थी || जिसे एक जगह से दूसरे जगह ले जा सके || इस तरह आज हम हाथ मे घड़ी पहनते है ||
  • सबसे पहली घड़ी जिसने पहनी वह आदमी थे जाने माने फ़्राँसीसी गणितज्ञ और दार्शनिक ब्लेज़ पास्कल जिन्हे कैलकुलेटर का आविष्कारक भी माना जाता है ||
  • घड़ियो को जेब मे रखने का चलन लगभग 1650 के आसपास हुआ || ब्लेज़ पास्कल ने एक रस्सी से इस घड़ी को हथेली मे बांध लिया ताकि वह काम करते समय घड़ी देख सके और उनके ऐसा करने पर उनके कई साथियो ने उनका मज़ाक भी उड़ाया लेकिन आज हम सब हाथ मे घड़ी पहनते है ||

घड़ी का आविष्कार किसने किया कब कैसे और कहा आपको कैसा लगा जानकारी हमे बताना ना भूले ||
घड़ी का महत्व क्या है वास्तु शास्त्र टिप्स

घड़ी का महत्व क्या है वास्तु शास्त्र टिप्स

घड़ी का महत्व क्या है इस जीवन मे इसस भली भांति परिचित होंगे क्योकि यह घड़िया ही है जो हमे सही समय का ज्ञान देती है | घड़ी के बिना हम हमारा जीवन सामान्य नहीं रह सकता है क्योकि अगर हमको किसी काम से कही समय से पहुचना हो तो घड़ी देखकर ही जाते है | लेकिन वास्तुशास्त्र म घड़ी का महत्व क्या है औ क्या कहता है वास्तुशास्त्र की घड़ी की दिशा किधर होनी चाहिए इत्यादि सवालो के जवाब |

वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी का महत्व -

वास्तुशास्त्र की मानिए तो पता चलता है की घड़ी की दिशा अगर गलत हो तो इसका बुरा प्रभाव हमारे जीवन मे पड़ता है |
ghadi ki disha

घड़ी गिफ्ट न करे - अगर आप किसी को घड़ी तोहफे मे देने जा रहे है तो ऐसा बिल्कुल न करे क्योकि वास्तुशास्त्र के अनुसार गहदी ही है जो हर किसी को समय म बांधती है और अगर आप किसी को घड़ी गिफ्ट करते है तो समझिए आप अपना बुरा और अच्छा समय किसी को तोहफे मे दे रही है | तो ऐसा कभी नहीं चाहेंगे |

घड़ी की दिशा किधर होनी चाहिए - वास्तु शास्त्र कहता है की घड़ी की दिशा कभी भी दक्षिणी दीवार पर नहीं होनी चाहिए | मतलब घड़ी दक्षिणी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए | दक्षिण दिशा मे यम देवता का निवास माना जाता है | यम का काम क्या है यह सबको पता ही होगा की यम प्राण हरण का काम करते है | इसलिए घड़ी दक्षिण दीवार पर नहीं लगाना चाहिए |
कहते है इस दिशा मे घड़ी टाँगने से घर के सभी सदस्यो पर बुरा असर पड़ता है और कैरियर पर बुरा प्रभाव भी छोड़ता है |



मुख्य द्वार भी न लगाए घड़ी - घर के मुख्य दरवाजे और दरवाजे के ऊपर घड़ी नहीं लगाना चाहिए | ऐसा करने से घर मे तनाव जैसी स्थिति बनती है साथ ही आसपास की ऊर्जा भी प्रभावित होती है | वास्तु शास्त्र के अनुसार बेकार या खराब पड़ी घड़ी भी घर के दीवार पर नहीं टांगना चाहिए | यह भी ध्यान रखे अगर घड़ी मे समय ठीक नहीं है जैसे घड़ी मे समय गलत बता रहा है तो उससे सही समय से मिला दे | क्योकि वास्तु शास्त्र मे यह बुरा होने का प्रतीक माना जाता है |

घड़ी की दिशा क्या होनी चाहिए - 

  • वास्तु शास्त्र की मान्यता है कि घड़ी हमेशा पूर्व, पश्चिमी या उत्तर दिशा मे होना चाहिए | ऐसा करने से घर मे सकारत्मक ऊर्जा का काम करती है |
  • वास्तुशास्त्र यह भी कहता है की जिस घर मे पेंडुलम वाली घड़ी होती है उस घर से जीवन मे आने वाली बधाए और बुरा समय दूर हो जाता है | ऐसी घड़ी को अपने कार्यस्थल या ड्राइंग रूम मे लगाना सही होता है |
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार गोल, चौकोर, अंडाकार या आठ या छः भुजाओं वाली घड़ी सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती है। तो घड़ी खरीदते समय आप आगे से आकार का जरूर ख्याल रखें
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दक्षिण दीवार पर घर के मुखिया का फोटो लगना सही रहता है | ऐसा करने से शास्त्र के अनुसार मुखिया का स्वास्थ अच्छा बना रहता है || घड़ी अगर आप दक्षिण दिशा मे लगाते है तो आपका ध्यान भी बार बार दक्षिण दिशा मे जाएगा और इससे आपको नकारात्मक ऊर्जा का एहसास होगा |