इस्लाम के अनुसार मरने के बाद क्या होता है

इस्लाम के अनुसार मरने के बाद क्या होता है

मरने का रहस्य बाद मे क्या होता है - मरने की घटना एक रहस्य जैसा ही है और इसलिए हर एक इंसान के दिमाग मे एक बात जरूर कभी न कभी आ जाती है कि मरने के बाद आखिरकार क्या होता है | आज हम इस मरने के रहस्य पर चर्चा करेंगे जैसे - मरने के बाद क्या होता है, मरने के बाद इंसान कहा जाता है इत्यादि | आप पढ़ रहे है मरने के बाद क्या होता है ??

कहा जाता है कि कि अगर किसी इंसान की मौत नजदीक हो तो उसे कुछ दिन पहले ही यह आभाष हो जाता है की अब मेरी जिंदगी खत्म होने वाली है | ठीक उसी तरह यह भी कहा जाता है कई यौनियों मे जन्म और मौत के चक्र को पूरा होने बाद इंसानी रूप मिलता है |


aatama tyag girl

मुस्लिम इस्लाम से मरने के बाद क्या होता है ?
इस्लाम धर्म से मानव जीवन मौज मस्ती के लिए नहीं मिली है बल्कि यह जीवन इबादत [ भगवान पूजा ] के लिए मिली हुई है | इस्लाम मे साफ बताया गया है अल्लाह या भगवान स्वय प्रत्यक्ष इंसान को दर्शन [ सामने न आना ] नहीं दे सकते है इसलिए समय समय पर फरिश्तों [ भगवान का रूप ] को भेजा गया है और इनके द्वारा उपदेश दिए कि दुनिया एक बुलबुला है इसके मौह माया मे न पढे असल जिंदगी मरने के बाद शुरू होगी इसलिए अपने आखिरत को देखो और मरने के बाद क्या होगा वह सोचो | जब तुम यह सोचेगे तो खुद ही मौज मस्ती छोड़ भगवान की इबादत या पूजा मे लग जाओगे |



इस्लाम के अनुसार मरने के बाद क्या होगा ??
यह एक ऐसा सवाल है जो इन्सानो को बहुत ही परेशान करता है आप किसी भी धर्म मे देखे तो सभी धर्म मे यही यकीन दिलाया गया है की मौत के बाद भी जिंदगी है लेकिन जो धर्म से प्रेय है उनका मानना है कि मौत के बाद इंसानी जिस्म सड़ गल जाती है तो दूसरे जिंदगी का कोई सवाल ही नहीं है |


इस्लाम कुरान हमे यकीन दिलाता है कि मौत के बाद भी जिंदगी है और एक फैसले का दिन तह [ तारीख fix है जिसे कयामत का दिन भी कहा जाता है ] है | इस दिन हर एक सख्स के अच्छे और बुरे काम देखे जाएँगे जो भी शख्स नेक काम इस दुनिया मे किया होगा उसे जन्नत मे डाल दिया जाएगा और बुरे काम करने वालो को जहन्नुम मे फेक दिया जाएगा |



जन्नत और जहन्नुम कैसा होगा ???
इसके बारे मे हम लोगो के द्वारा कोई कल्पना नहीं की जा सकती क्योकि इस दुनिया से मौत की दुनिया पूरी तरह अलग होगी | आप इसे इस तरह समझ सकते है - यहा की आग लाल या सफ़ेद होती है लेकिन जहन्नुम की आग काले रंग मे होगी | हम बस यह कह सकते है कि जन्नत इंसानी सोच से ज्यादा अच्छा बेहतर होगा और जहन्नुम इंसान से ज्यादा बदतर खराब होगा |


people in hell

इस्लाम के अनुसार मरने के बाद आखिरी फ़ैसला
इस्लाम के अनुसार कयामत के दिन [ मैदाने हस्र ] अच्छे और बुरे लोगो के कर्मो का फ़ैसला किया जाएगा साथ ही जहन्नुम को मैदाने हश्र की तरफ लाया जाएगा साथ ही जन्नमुम पर एक पुल बना या कायम रहेगा | पुल का नाम पूले सिरात है | इस पुल के ऊपर से हर एक इंसान को गुजरना होगा और साथ मे यह भी भी बताया गया है कि इस पुल को केवल अच्छे कर्म वाले लोग ही पार कर जन्नत मे दाखिल हो जाएँगे और बुरे कर्म के लोग पुल से नीचे गिर जहन्नुम की आग से घिर जाएँगे |




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ताजमहल के वह दरवाजे जिसमे दफन है कई रहस्य

ताजमहल के वह दरवाजे जिसमे दफन है कई रहस्य

ताजमहल क्या है और ताजमहल कहा है यह बात किसी से कहने या बताने की जरूरत नहीं है क्योकि शायद ही ऐसा कोई होगा जो ताजमहल के बारे मे नहीं जानता होगा लेकिन प्राचीन सात अजूबे मे शामिल ताजमहल से से ऐसे कई रहस्य है जिससे पर्दा उठना बाकी है | हमने अभी हाल ही मे आपको ताजमहल को तेजोमहालय होने के साक्ष्य दिये थे | इसी तरह से आज हम आपको ताजमहल मे स्थित एक ऐसा दरवाजे के बारे मे बताने वाले है जिसके खुलने से आपके सामने कई राज खुलकर सामने आ सकते है तो चलिये जानते है ताजमहल के उस दरवाजे के बारे मे जो आज भी एक रहस्य बना हुआ है |



ताजमहल और रहस्यमय दरवाजा

ताजमहल शिवमंदिर है या नहीं आज भी बहस का मुद्दा बना हुआ है लेकिन कहा जाता है कि ताजमहल के तहख़ानो मे बहुत सारे रहस्य छुपे हुए है | प्रोफेसर पुरुषत्तम नाथ ओक ने ताजमहल के शिवमंदिर होने की बात कही थी और अगर यह सही है लोगो के समझ इस सच्चाई को आना ही चाहिए |



यह जो दरवाजा आप देख रहे है यह ताजमहल का दरवाजा है और यह वही दरवाजा है जिससे मुगल बादशाह किले से ताजमहल पहुँचते थे | आज के समय मे यह दरवाजा ईटों से चुनवा कर बंद कर दिया गया लेकिन 1980 के दशक मे यह दरवाजा लकड़ी का दरवाजा हुआ करता था | इस दरवाजे के उचाई 8 फिट थी लेकिन आज के समय मे यह दरवाजा केवल 2 फिट ही बचा हुआ है ऐसा इसलिए क्योकि यमुना से 18 फिट तक सिल्ट यहा जमा हो चुकी है |

ब्रिटिश चित्रकार जिनका नाम विलियम एंड डेनियल था इन्होने ताजमहल के इन दोनों गेटो पर आधारित चित्र बनाए थे जबकि पूरातत्त्व विभाग भी 1960 तक डी - सिलटिंग कर ताजमहल के मूल फर्श और सीढ़ियो के साथ दरवाजे की रिपेरींग करता रहा है लेकिन आज के समय मे यह दोनों दरवाजे बंद कर दिये गए है |





यह यमुना किनारे दो दरवाजे जो नजर आ रहे अगर इन्हे खोला जाए तो हमारे सामने ताजमहल के तहख़ानो का रहस्य खुल कर आएगा ही साथ ही मे दीमक लगने, ताज की बुनियाद को नुकसान पाहुचने और कुओ पर मौजूद साल की लकड़ी के सूखने इत्यादि तथ्य भी सामने आएंगे |


1936 -1937 ताजमहल
ऊपर जैसा की image मे आपको दिख रहा है ताजमहल से डी-सिल्ट हटाते हुए लोग मौजूद है और यह तस्वीर 1936 - 37 सन मे खिची हुई है साथ ही आपको बता दे डी -सिल्ट का काम सन 1960 तक हुआ और आज के समय महताब बाग मे एएसआई 2 करोड़ खर्च कर डी- सिल्टिंग कर रहा है लेकिन ताजमहल के रहस्य को खोजने से पर्देदारी कर रहा है |


ब्रिटिश कलाकार द्वरा बनाया गया
यह जो आप तस्वीर मे ताजमहल देख रहे है यह ब्रिटिश कलाकार डेनियल द्वारा सन 1801 मे बनाया गया था और इस ताजमहल की फोटो को देखने से हमे यही समझ आता है की ताजमहल मे 2 दरवाजे है और ताजमहल मे नाव के द्वरा प्रवेश हो सकता है | फिलहाल आज के समय मे इन दरवाजो को बंद केआर दिया गया है \\
ताजमहल यमुना दरवाजा
आज जिन रहस्यो से पर्दा उठना चाहिए उन्ही रहस्यो के प्रमाण को आज एएसआई खत्म करने की कोशिश कर रही है | जैसा की आप चित्र मे देख सकते है यमुना किनारे स्थित दरवाजा बिलकुल साफ नजर आ रहा है लेकिन आज के समय मे सिल्ट से ढकने के कारण या दरवाजा केवल 2 फिट ही बचा हुआ है और इस 2 फुट दरवाजे को ईटों से बंद कर दिया गया |

इस पेंटिंग मे नाव से उतरकर ताजमहल मे प्रवेश करते हुए लोग नजर आ रहे और यही वह दरवाजा है जिसे आज ईटों से बंद कर दिया गया है |

यह पढे - जलपरी क्या होती है जलपरी रहस्य 
समय यात्रा करना क्या संभव है अगर नहीं तो क्यो - Time Travel mystery

समय यात्रा करना क्या संभव है अगर नहीं तो क्यो - Time Travel mystery

Time Travel Mysteries Hindi - क्या समय यात्रा सम्भव है, समय यात्रा रहस्य, टाइम ट्रेवल कैसे करे, time Travel Macine, इत्यादि topic लोगो द्वरा Search इंजन पर सर्च किया जाता है | तो आज हम आपको समय यात्रा से जुड़े कुछ fact और रहस्य के बारे मे बताने वाले है |

टाइम मशीन का जिक्र सबसे पहले इंग्लैंड के मशहूर लेखक हर्बट जार्ज वेल्स की उपन्यास The Time Macine" मे मिलता है यह उपन्यास सन 1985 मे प्रकाशित हुआ था | इस उपन्यास के प्रकाशित होने से पूरे यूरोप मे तहलका मच गया | इस उपन्यास मे वेल्स ने टाइम मशीन की अद्भुत कल्पना की | यह कल्पना पर आधारित एक ऐसा आविष्कार था जिसे पूरी दुनिया मे आज भी विज्ञान लेखक उपयोग कर रहे है |



samay yaatra rahasy

समय यात्रा क्या है What Is Time Travel   ????

समय यात्रा पर एल्बर्ट आइस्टिन वैज्ञानिक का एक सिद्धांत मौजूद है और उसमे बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति टाइम का गुलाम है मगर व्यक्ति समय को अपना गुलाम बना ले मतलब यदि व्यक्ति प्रकाश की चाल से भी तेज यात्रा करे तो वह अपने भविष्य मे जा सकता है | टाइम मशीन से भविष्य और भूतकाल मे जाया जा सकता है


समय यात्रा क्या सम्भव है ?
अभी तक आपने जाना समय यात्रा क्या है अब बात आती है क्या समय यात्रा सम्भव है क्या हम एक समय से दूसरे समय मे जा सकते है | तो आइये जानते है इससे भी जुड़े रहस्यो के बारे मे |


समय यात्रा यानि की टाइम ट्रेवल एक ऐसा विषय जो केवल कल्पनाओ पर टीका है कई लोगो का मानना है समय यात्रा मुमकिन है और कई लोग इससे कोई ताल्लुक ही नहीं रखते है पर क्या सच मे उस जिंदगी मे जाना मुमकिन है जो हम जी चुके है या फिर जीने वाले है क्या हम परकृति के नियम तोड़कर आगे बढ़ सकते है |आज इस पोस्ट मे हम एसे ही कुछ सवालो पर नजर डालेंगे आखिर क्यो समय यात्रा मुमकिन है और अगर नहीं है तो आखिर क्यो ?? 


समय यात्रा मे विज्ञान के अनुसार आप भूत काल मे नहीं जा सकते है मतलब जो जिंदगी हमने जी ली है वहा पर हम जाकर उसमे कोई बदलाव नहीं कर सकते है क्योकि इसमे कई विरोधीवास है जैसे कि कोई लड़का अपने बीते कल मे जाकर अपने माता पिता की हत्या कर दे तो सवाल यह उठता है की वह लड़का वर्तमान मे आया कहा से |

भूत काल मे समय यात्रा सम्भव है या नही ??
कई लोगो का मानना है कि टाइम लुप्स होता है जैसे की जो जिंदगी हम जी रहे है वह समय काही न काही मौजूद है और आपने आप मे चल रही है अगर सीधी भाषा मे कहा जाए तो हम जो भी समय को जीते है वह हर समय रिकार्ड हो रहा है और उसके टाइम फ्रेम कुछ भी हो सकते है मिनट घंटो से लेकर दिनो तक तो क्या हम टाइम लोक मे प्रवेश कर सकते है कहते है हर एक लोक का दरवाजा है और यह केवल काल्पनिक है पहले हमे विरोधवास को सुलझाना होगा |तभी हम भू त काल मे ट्रेवल या यात्रा कर सकते है | जो की अभी के लिए असंभव है | 

भविष्य मे समय यात्रा सम्भव है या नहीं ?
अब बात आती है क्या भविष्य मे सफर करना सम्भव है या नहीं ?? तो इसके बारे मे कहा जाता है की भविष्य मे यात्रा करना बिलकुल संभव है लेकिन भविष्य मे यात्रा करने के लिए हमे हाई फाई टेक्नोलोजी की अवशकता पड़ेगी | जो जिंदगी हमने अभी तक जी ही नहीं है तो उसका किसी प्रकार का कोई रिकार्ड भी नहीं होगा तो कोइ डाइरेक्ट तो दरवाजा होगा नहीं | हा एक उपाय है अगर हम खुद के समय को धीमा कर दे मतलब हम इतनी गति से समय यात्रा करे की हमे लगे हमने केवल एक घंटा ही बिताया है पर धरती पर कम से कम 10 साल बीत गया हो तो ही हम भविष्य मे यात्रा कर सकते है |


इसे आप इस तरह समझ सकते है - मान लीजिए कोई इंसान गाड़ी चला रहा है और उसके 2 KM जाने के बाद रोड बंद हो या एक बड़ा गड्डा है पर गाड़ी चलाने वाला इंसान को इसकी जानकारी नहीं है पर एक इंसान जो प्लेन मे है वह गाड़ी मे बैठे इंसान का भविष्य देख पा रहा है तो आप इस तरह समझ सकते है कि हमे ऐसे हाई फ़ाई टेक्नोलोजी की जरूरत है जो समय को हरा दे फिर ही हम समय यात्रा Time Travel भविष्य मे कर सकते है
पुराणो के अनुसार दुनिया के अंत की भविष्यवाणी

पुराणो के अनुसार दुनिया के अंत की भविष्यवाणी

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ब्रह्मांड का इतिहास - पुराणों मे ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विनाश की बांतो को सर्गो मे विभाजित किया गया है |
ब्रह्मांड से जुड़े सवाल जैसे - Duniyaa Ka Ant, Duniya Ant Vidio hindi, Duniya ka Ant Movie, duniya ka Ant Kaise Hoga इत्यआदि अक्सर इंटरनेट पर search किया जाता है और उत्सुकता से जानने की कोशिश करते है | वैसे तो दुनिया का अंत कब और कैसे होगा कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन पुराणो मे दुनिया के विनाश के बारे मे कुछ बताया गया है जिसे समझना अत्यंत कठिन है | लेकिन यहा हम आपको संक्षिप्त मे कर्मबंध इसका विवरण देने की कोशिश की जा रही है |

word ka vinaash



पुराणो के अनुसार दुनिया का अंत कब होगा -
पुराणों के अनुसार दुनिया का क्रम विकाश इस कर्मअनुसार है -

गर्भकाल - करोड़ो साल पहले पूरी धरती जल से डूबी हुई थी और जल मे ही तरह तरह की वनस्पतियों की उत्पत्ति हुई और वनस्पतियों की तरह ही एक कोशकीय रूप जीवो की उत्पत्ति हुई |



शैशव काल - जब धरती पूरी तरह से पानी से डूबी हुई थी तब जल के भीतर ही अमदीज़, अंडज, जरायूज, सरीसृप, { रेंगने वाले } केवल मुख और वायु युक्त जीवो की उत्पत्ति हुई थी |

कुमार काल - इसके बाद पत्र ऋण, किटभक्षी, हस्तपाद, नेत्र श्रेवेन्द्रियो युक्त जियो की उत्पत्ति हुई इसमे मानव रूप बानर,  वामन, मानव इत्ययादी थे |

किशोर काल - इसके बाद भ्रमणशील, आखटेक, वन्य संपदाभक्षी, गुहावासी, जिज्ञासु अल्पबुद्धि प्राणियों का विकाश आरम्भ हुआ |

 युवा काल - फिर कृषि, गोपालन, प्रशासन, समाज संगठन की प्रक्रिया हजारो साल तक चलती रही और जो अभी भी चल रही है |



प्रोढ काल - वर्तमान मे प्रोढावस्था का काल ही चल रहा है जो लगभग विक्रम संवत 2042 ईसा पूर्व शुरू हुआ मान जाता है इस काल मे अतिविलासी, क्रूर, चरित्रहिन, लोलुप, यंत्राधींन इंसान एंव जानवर धरती का नाश करने मे लगे है |

वृद्ध काल - इस काल मे माना जाता है इस काल के बाद आगे तक केवल साधन भ्रष्ट, त्र्श्त, निराश, नीरूजमी दुखी जीव रहेंगे |

जीर्ण काल - इस काल मे जल, अन्न वायु, ताप सबका अभाव क्षीण होगा और धरती पर जीवो के विनाश की प्रक्रिया शुरू होगी |

यह पढे - दुनिया के 5 रहस्य जिसे आज तक कोई भी सुलझा नहीं सका

उपराम काल - इसके बाद करोड़ो वर्षो आगे तक ऋतु , अनियमित, सूर्य, चंद्र मेघ, सभी विलुप्त हो जाएँगे | धरती ज्वाला मुखी हो जाएगी | अकाल प्रकृति के बाद ब्रह्मांड मे अत्याधिक प्रलय होगा और धरती के अंत का समय आ जाएगा |
उत्तर कोरिया रहस्य और चौकाने वाली जानकारी

उत्तर कोरिया रहस्य और चौकाने वाली जानकारी

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उत्तर कोरिया के तानशाह किम जोंग के बारे मे सुना ही होगा उत्तर कोरिया के तानाशाह के बारे मे सुनने को आया था कि वह अपने चाचा को भूखे कुत्तो को खिलाकर मार दिया था या कुछ ऐसा ही |



यह पढेसेक्स से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जानकारी Amazing Fact About Sex

उत्तर कोरिया एक ऐसा देश है जहां पर इन्टरनेट प्रयोग के लिए सबसे ज्यादा पाबंदी है इसलिए उत्तर कोरिया की खबरे वहा से बहार आना बहुत मुश्किल है | वैसे तो इन्टरनेट पर रोक सभी देश मे अलग अलग होती है लेकिन उत्तर कोरिया इन्टरनेट प्रयोग के मम्म्ले मे बहुत ही ज्यादा शख्त है और साथ मे वाहा की मीडिया के ऊपर भी सख्ती है |



North Korea Fact In Hindi
  • उत्तर कोरिया मे लगभग 605 लोग ही इन्टरनेट चलाते है |
  • उत्तर कोरिया मे केवल 3 टेलीविज़न चैनल है |
  • उत्तर कोरिया मे आपको कम्प्युटर खरीदने के लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है और साथ ही कम्प्युटर लेना काफी मेंहगा पड़ता है जोकि आम आदमी इसे लेने के बारे मे सोच भी नहीं सकता
  • उत्तर कोरिया के तनाशाह किम जोंग के सख्ती के कारण कोरिया मे केवल 5500 वैबसाइट है जिसे सुना और देखा या पढ़ा जा सकता है | इन वैबसाइट को सरकार की इजाजत लेनी पड़ती है और इसे कई तरीके से कस्टोमाइज़ किया गया है |

  • प्रयोक्ताओ द्वारा किए जाने वाले हर काम अर्थात ईमेल या ब्राउज़िंग जैसे डाटा पर सरकार की पैनी नजर होती है |
  • उत्तर कोरिया मे अपना अलग इन्टरनेट चलता है जोकि कोरियन भाषा मे होती है |
  • अगर आपको लगता है उत्तर कोरिया मे 2017 चल रहा है तो हम आपको बता दे उत्तर कोरिया 105वा चल रहा है |
  • इस देश के इतिहास की किताबों मे किम जोंग और केवल किम जोंग की वीर गथाए सुनाई जाती है |
  • अगर कोई नॉर्थ कोरिया मे अपराध करता है तो उसकी सजा अगले तीन पीढ़ियो तक मिलेगी |
  • नॉर्थ कोरिया के लोग अपने घर को अपने मन मर्जी के कलर से रंग भी नहीं सकते उन्हे सरकार के आदेश के अनुशार ग्रे कलर इमारत पर प्रयोग करना है साथ ही नेताओ की तस्वीर लगाने का नियम है |
  • अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है अमेरिका से 5 गुना बड़ी है |
  • यहा पर जींस पहनना की मनाही है 
  • यहा के भिखारियो की फोटो भी खिचने की मनाही है |
  • नॉर्थ कोरिया मे अगर आप बाइबल पढ़ते या Sexy फिल्म देखेते पकड़े गए तो समझिए अब आपका जीवन खत्म होने वाला है और यह आपके जीवन का आखिरी पल थे |
  • उत्तर कोरिया मे हर 5 साल मे चुनाव होता है लेकिन लोगो के पास ऊमीद्वार एक ही होता है | { इस चुनाव का क्या फायदा ) 
  • नॉर्थ कोरिया मे गाँजा करने के लिए कानूनी अनुमति है |
  • उत्तर कोरिया मे खुद के मर्जी से बाल भी नहीं कटवा सकते है यहा महिलाओ के लिए 28 और आदमियो के लिए 10 तरह के हेयर स्टाइल है |
दुनिया के 5 रहस्य जिन्हे आज तक कोई सुलझा नहीं सका

दुनिया के 5 रहस्य जिन्हे आज तक कोई सुलझा नहीं सका

Greatest Unsolved Mysteries

इंसान आज धरती से चाँद, मंगल जीआरएच तक जा पाहुचा है लेकिन अभी भी हमारे आसपास कुछ ऐसे रहस्य
की कहानिया प्रचलित है जो आज भी अबूझ पहेली ही बनी हुई है. तो आज ऐसे ही दुनिया की 5 रहस्यभरी कहानिया आपके बीच रखने जा रहे है. जिसे पढ़ने के बाद आपका माइंड चकरा जाएगा |

यह पढे भारत के 5 रहस्यमय मंदिर 5 mysterious temples of India

रहस्यमय दुनिया से जुड़े जानकारी - 


1. ताओस हम्म (गूंज) -
न्यू मेक्सिको के इस बेहद खूबसूरत मगर छोटे से शहर ताओश के बारे मे एक कहानी काफी पर्चलित है कि शहर के बहारी क्षेत्रो मे डीजल इंजन के चलने की आवाज आती है | इस आवाज को सभी साफ साफ सुन सकते है लेकिन इस आवाज को कई डिटेक्टिव मशिने भी यह आवाज कहा से आती है पकड़ नहीं सकी और इस आवाज को 1. ताओस हम्म के नाम से जाना जाता है |



2. वॉयनिश लिपि -
इंसान आज साइंस और टेक्नोलोजी मे इतना आगे बढ़ चुका है लेकिन एक ऐसी लीपी है जिसे आज तक नहीं पढ़ा जा सका | इस लिपि के बारे मे जो भी कंकारी मिल पाई है वह इन किताबों पर बनी हुई तस्वीरों की वजह से है |


3. शेफर्ड मॉन्यूमेंट इन्सक्रिप्शन
इंग्लैंड, स्टैफोर्डशायर में एक मूर्ति है जिस पर की गई लिखावट को अब तक तेज से तेज दिमाग भी नहीं डिकोड कर सके. हालांकि इस मॉन्यूमेंट को 18वीं सदी में ही बनाया गया था, मगर वहां पाये जाने वाली चिट्ठियों को आज 250 सालों के बाद भी कोई नहीं पढ़-समझ सका है.


4 .द लोक नेस मॉन्सटर -
इसके बारे में इतनी रहस्यमयी कहानियां प्रचलित हैं कि अब तक लोग यह भी मानते रहे हैं कि यह एक समुद्री जीव है. इसकी न जाने कितनी ही तस्वीरें और वीडियो बनाए जा चुके हैं, जिसे देख कर कोई इसे समुद्री सांप तो कोई डाइनासोर का वंशज बताता है. और यही नहीं आज भी लोग दावा करते हैं कि इसे इस इलाके में कभी पानी के ऊपर तो कभी भीतर देखा जाता है. मगर असल में यह क्या है, आज भी एक रहस्य ही बना हुआ है



जॉर्जिया गाइडस्टोन्स
अमरीका के स्टोनहेंज के तौर पर जाना जाने वाले यह गाइडस्टोन्स जो एल्बर्ट काउंटी में स्थित है के इर्द-गिर्द भी कई रहस्यमयी कहानियां बुनी गई है, हालांकि इसे 1979 में ही बनाया गया है. इसकी दीवारों पर 10 नए कमांडमेंट्स अंग्रेजी, स्वाहिली, हिन्दी, हेब्र्यू, अरबी, चाइनिज, रसियन और स्पैनिश में लिखे गए हैं, मगर इसे अब तक नहीं समझा जा सका है कि ये क्यों और किसलिए यहां लिखे गए थे.



इन सब के अलावा भी दुनिया मे बहुत से रहस्यमय मौजूद है जिनहे हम आपके बीच समय समय पर लाते रहते है | अगर आपको रहसमय कहनिया पसंद आती है तो वैबसाइट पर आते रहे है | हम आगे भी लिखते रहते है |
भारत के 5 रहस्यमय मंदिर 5 mysterious temples of India

भारत के 5 रहस्यमय मंदिर 5 mysterious temples of India

भारत के 5 रहस्यमय मंदिर - प्राचीन काल के मंदिर वास्तु और खगोल विज्ञान को ध्यान मे रखकर बनाया जाता था | सूत्रो के मुताबिक पहले राजा महराजा अपना खजाना छुपाकर उसके ऊपर मंदिर बना देते थे | और खजाने तक पहुँच बनाए रखने के लिए अलग से रास्ते बनाते थे |

भारत मे कुछ मंदिर ऐसे भी है जिंका सम्बंध न तो वास्तु से है न खगोल विज्ञान से और न ही खजाने से लेकिन इन मंदिरो का रहस्य आज तक किसी ने भी पता नहीं लगा पाया | ऐसे ही 5 रहस्यमय मंदिर के बारे मे आइये जानते है |

mystry temple


तवानी मंदिर - हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से 25 KM दूर तवानी मंदिर स्थित है | धर्मशाला को गरम पानी के झरनो और कुंडो के लिए जाना जाता है | इस मंदिर के बाहर एक गरम पानी का कुंड है | इस कुंड मे स्नान के बाद कोई भी द्र्श्नार्थी अंदर प्रवेश कर सकता है | इस मंदिर का पानी गर्म कैसे होता है यह बात आज तक एक रहस्य बनी हुई है | मान्यता है कि यहा का गरम पानी शरीर के लिए लाभदायक है |



ज्वाला मंदिर - हिमाचल के कांगड़ा घाटी के दक्षिण मे 30 KM की दूरी पर ज्वालादेवी का मंदिर स्थित है | यह माँ सती के 51 शक्तिपीठो मे से एक है | यह माता के जीभ से गिरि थी | यह मां सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता की जीभ गिरी थी। हजारों वर्षों से यहां देवी के मुख से अग्नि निकल रही है। कहते हैं कि इस मंदिर की खोज पांडवों ने की थी। यहां एक तांबे का पाइपनुमा बना हुआ है, जिससे नेचुरल गैस निकलती रहती है। इनसे अग्नि की अलग-अलग 9 लपटें निकलती रहती हैं। कहते हैं कि ये अग्नि अलग-अलग देवियों को समर्पित हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मृत ज्वालामुखी की अग्नि हो सकती है 

करणी माता मंदिर - करणी माता मंदिर राजस्थान मे बिकानेर से कुछ दूर पर देशनोक स्थान पर है | इस स्थान को मूषक नाम से भी जाना जाता है | इस मंदिर की विशेषता है की यहा भक्तो से ज्यादा चूहे नजर आते है | काले चूहो के बीच अगर किसी भक्त को सफ़ेद चूहा दिख गया समझो मनोकामना पूरी हो गई | यह यहा की मान्यता है | इन चूहो को काबा भी कहा जाता है | इस मंदिर की आश्चर्यजनक बात यह है कि चूहे से पटे मंदिर से बाहर कदम रखते ही एक भी चूहा नजर नहीं आता है | इस मंदिर के भीतर कभी भी बिल्ली प्रवेश नहीं करती | यह भी कहा जाता है की जब प्लेग जैसी बीमारी ने अपना आतंक दिखाया था तब मंदिर ही नहीं पूरा इलका इस बीमारी से महफूज था |

कामाख्या मंदिर - यह मंदिर असम के गुहाहाटी मे स्थित है | पौराणिक मान्यता है कि साल मे एक बार अम्बूवाची पर्व के दौरान माँ भगवती की गर्भगृह स्थिति महामुद्रा [ योनित्रिथ ] से निरंतर तीन दिनो तक जल प्रवाह के स्थान पर रक्त प्रवाहित होता है
इस मंदिर के चमत्कार और रहस्यो के बारे मे किताबे भरी पड़ी है | हजारो ऐसे किस्से है जिससे इस मंदिर के चमत्कारिक और रहस्यमय होने का पता चलता है |

यह पढेरहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

खजुराहो का मंदिर - आखिर क्या कारण है कि उस काल के राजा ने सेक्स को समर्पित की एक पूरी श्रिंखला बनवाई ?? यह रहस्य आज भी बरकरार है |खजुराहो वैसे
भारत के मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले मे स्थित एक छोटा सा कस्बा है लेकिन फिर भी भारत मे ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा देखे और घूमे जाने वाले पर्यटन स्थल मे अगर कोई दूसरा नाम आता है तो वह खजुराहो
रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

रहस्यमय 130 साल पुरानी डेडबॉडी के बारे मे

राजस्थान की राजधानी जयपुर के अल्बर्ट मियूजियम मे रखी हुई 322 ईसा पूर्व की ममी इन दिनो चर्चा मे है | यह ममी है मिस्र राजघराने के पुजारी परिवार की महिला तूतू की | यहा बहुतों की तादाद मे लोग पाहुचते है और प्राचीन इतिहास एंव मौत के बाद के रहस्यो को जानकार हेरान हो जाते है | ममी से जुड़े जानकारी लोग बहुत ही उतसूक्ता से सुनते है और उतने ही उत्सुकता से सैकड़ों साल पुरानी डेडबॉडी का एक्सरे प्रिंट भी देखते है | यह मूजियम 130 साल पुराना है और इतना ही समय हो गया इस मूजियम मे रखे ममी को रखे हुए | यह ममी 19वी सदी के अंतिम दशक मे मिस्र के काहिरा से जयपुर लाया गया था | इस ममी की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए 6 साल पहले एक्सरे किया गया |

Mummi


130 साल से रखी है डेडबॉडी, रहस्यमय है इसकी कहानी |



  • इस म्यूजियम मे रखी ममी तूतू नामक महिला की है | और इस ममी को प्राचीन नगर पैनोपोलिस मे अखमीन से प्राप्त किया गया था | इस ममी को बताया जाता है 322 से 30 ईस्वी पूर्व के टौलोंमाइक युग की है | यह महिला खेम नामक देव के उपासक पुरोहित के परिवार की सदस्य थी |
  • ममी के देह के ऊपरी भाग पर प्राचीन मिस्र का पंखयुक्त भृंग [ गुबरैला ] का प्रतीक अंकित है जो  मृत्यु के बाद जीवन और पुनर्जन्म का का प्रतीक माना जाता है | इस ममी के पवित्र भृंग के दोनों और प्रमुख देव का शीर्ष तथा सूर्य के गोले को पकड़े श्येन पक्षी मे होरस देवता का चित्र है |
  • तूतू ने नीचे चोड़े मोतियो से सज्जित परिधान गर्दन से कमर तक कालर के रूप मे पहना हुआ है | इस बॉडी पर पंखदार देवी का अंकन डेडबॉडी की सुरक्षा के लिए किया गया है | ममी के नीचे के तीन हिस्सो मे से पहले हिस्से पर, चीता की चेय्या पर डेडबॉडी के दोनों ओर महिलाए बनी हुई है | दूसरे हिस्से पर पाताल लोक के निर्णायकों की तीन बैठी हुई छविया है | और ममी के तीसरे हिस्से पर होरस देव के चार बेटो जो चारो दिशाओ के रक्षक दिक्पाल है | और इनकी छविया कर्म से मानव, सियार और बाज के रूप मे दिखाए गए है |
ई जाती है. यह महिला खेम नामक देव के उपासक पुरोहितों के परिवार की सदस्य थी. (फोटो- म्यूजियम में रखी ममी

)