ममी के बारे मे जानकारी हिन्दी मे -

ममी के बारे मे जानकारी हिन्दी मे -

ममी के बारे मे जानकारी हिन्दी मे || History Of Mummy

आपने ममी का नाम तो सुना होगा और ममी क्या होते है जानते भी होंगे लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है इन्हे ममी क्यू बोलते है और क्यो बनाया जाता है ममी और ममी कहा पाई जाती है ?

history of mummy


प्राचीन सात आश्चर्यों मे से एक है मिस्र का पिरामिड शायद आप इसके बारे मे जानते भी होंगे अगर नहीं जानते तो यहा क्लिक से पढे पिरामिड के बारे मे 15 रोचक तथ्य | ममी - किसी मृत शरीर पर लेप आदि लगाकर मृत शरीर को सालो तक सुरक्षित रखने के तरीको को ममी कहा जाता है और लोगो का ऐसा मानना है की मिस्र के पिरामिड के अंदर ममी को रखा गया है |



ममी की उत्पत्ति प्राचीनकाल मे मिस्र के लोगो द्वरा हुई | मिस्र के लोग और बाकी देशो मे लोग अपने करीबी रिसतेदार और प्रिय जानवरो की मृत्यु के बाद उनकी ममी बनाकर सालो तक उन्हे संभाल कर रखते थे | मिस्र मे लगभग एक मिलयन ममी है और भी ऐसे कई देश है जहा पर ममी आज भी पाई जाती है |

ममी का मतलब क्या है ||

क्या आपको मालूम है ममी का क्या मतलब है | ममी अरबी भाषा के मुमिया से बना बना हुआ है जिसका अरबी भाषा मे अर्थ होता है मोम या तारकोल के लेप से रखी गयी वस्तु | अगर आपको लगता है की मिस्र मे ममी बनाने की शुरुवात हुई थी तो ममी शब्द प्राचीन मिस्र के शब्द है तो आप गलत है | 

ममी क्यो बनाया जाता था |

प्राचीन मिस्र और भी कई देशो मे लोग पुनर्जन्म मे विश्वास रखते थे और उनका मानना था की मृत व्यक्ति के शरीर को संभालकर रखना चाहिए | ऐसा करने से मृत व्यक्ति अपने शरीर को पा सकता है | और इसी कारण प्राचीन समय के लोगो ने ममी बनाना चालू किया | ओर आज तक ममी बनाने की प्रक्रिया चल रही है |



कैसे बनाया जाता है ममी

पहले के समय एक ममी बनाने मे 70 दिन लग जाते थे और ममी को बनाने के लिए धर्मगुरु और पुरोहित के साथ साथ विशेसज्ञ भी होते थे | ममी बनाने के लिए सबसे पहले मृत शरीर की पूरी नमी को खत्म किया जाता है और ऐसा करने मे कई दिन का समय लगता था | जब शरीर की नमी खत्म हो जाती थी तो पूरे मृत शरीर पर परत दर परत काटन की पट्टिया लपेटा जाता था | 

जब पूरे शरीर पर पट्टी लपेट ली जाती थी तो शरीर के आकार से मिलते जुलते लकड़ी के ताबूत तैयार किए जाते थे और फिर इन ताबूत को रंगा जाता था | और यह सब जब पूरा हो जाता था तब धर्मगुरु के मतानुसार इस पर धार्मिक वाक्य आदि लिख दिया जाता था और एक धार्मिक समारोह करके ताबूत को शरीर सहित चबूतरे पर सम्मान के साथ रख दिया जाता था |


ममी का इतिहास काफी पुराना है | हम समय समय पर आपके लिए कई तरह की जानकारी लाते है अगर आपको जानकारी अच्छी लगी ममी के बारे मे तो आप हमारी सराहना कर सकते है |
रोचक तथ्य भारत के बारे मे - Intresting Fact About India

रोचक तथ्य भारत के बारे मे - Intresting Fact About India

रोचक तथ्य भारत के बारे मे - Intresting Fact About India

भारत के बारे मे कई ऐसे अज्ञात तथ्य है जिनके बारे मे बहुत लोगो को नहीं पता होगा | इस देश ने महान व्यक्ति जैसे आर्यभट्ट, शून्य के आविष्कारक को जन्म दिया यहा क्लिक से पढे | अगर आप भारत के इतिहास मे जाए तो आपको होश उड़ा देने वाले तथ्य मिलेंगे जिस पर आप गर्व से कह सकते है की आप भारतीय है | आइये जानते है भारत के बारे मे रोचक तथ्य -

bharat ke bare me

  • शायद आपको पता न हो लेकिन अभी हाल ही एक ऐसा पोस्ट ऑफिस बनाया गया है जो पानी मे तैरता है | पुरे विश्व मे भारत ही एक ऐसा देश है जहा पर सबसे बड़ी डाक वयस्था है | अभी हाल ही मे कश्मीर के डल लेक मे एक तैरने वाला पोस्ट ऑफिस शुरू किया गया है |

  • दुनिया मे किसी भी देश से ज्यादा मस्जिद [ 3,00, 000  ] भारत मे है और साथ मे भारत दुनिया का सर्वाधिक मुस्लिम जनसख्या वाला देश भी है |
  • मानव केल्कुलेटर शकुंतला देवी - आप इस गणना को बिना कैल्कुलेटर के कितनी देर मे हल कर सकते है [ 7,686,369,774,870 म 2,465,099,745,779 ] कम से कम 5 से 10 मिनट लग ही जाएँगे | लेकिन इस सवाल का जवाब बिना किसी कैल्कुलेटर के शकुंतला देवी ने 28 सेकंड मे हल केआर दिया था | इसलिए उनको मानव केलकुलेटर कहा जाता है |
  • चाइना और USA के बाद भारत के पास दुनिया की तीसरी सक्रिय आर्मी है |॥
  • भारत मे हर साल एक धार्मिक मेला का आयोजन किया जाता है जिसे कुम्भ मेला कहते है और यह विश्व का सबसे बड़ा मेला है |  और इस मेले को अंतरिक्ष से भी देख सकते है |

  • तक्षिला को दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी कहा जाता है जिसकी शुरुवात तकरीबन 700 BC ,मे की गयी |
  • भारत मे दुनिया की सबसे ज्यादा इंगलिश बोलने वाली जनसंख्या है |
  • भारत दुनिया मे दूध उत्पादित करने वाला सबसे बड़ा देश है |
  • मार्शल आर्ट भी भारत की ही देंन है |
  • भारत एकमात्र ऐसा देश है जहा 1986 मे आधिकारिक रूप से डायमंड की खोज की गयी थी |

यह थी हमारे महान भारत की टॉप 10 रोचक तथ्य अगर आपको पोस्ट अच्छा लगा हो तो आप हमारी सराहना कर सकते है |
हाथी के बारे मे 10 मजेदार बाते - Amazing Fact About Elephant

हाथी के बारे मे 10 मजेदार बाते - Amazing Fact About Elephant

हाथी के बारे मे मजेदार बाते - Amazing Fact About Elephant

हाथी एक बिशालकाय जानवर है यह तो आपको मालूम ही है पर क्या हाथियो के बारे मे मजेदार बातो को आप जानते है अगर नहीं तो चलिए आज जानते है मजेदार बात हाथी के बारे मे |

यह पढे - कोयल चिड़िया के बारे मे रोचक जानकारी

Amazing Fact About Elephant

  • हाथियो के सोने का जो तरीका - हाथी लेट कर नहीं खड़े होकर सोते है |

  • जिस तरह एक इंसान जी आवाज दूसरे इंसान के आबाज से भिन्न होती है ठीक उसी तरह से हाथी की आवाज दूसरे हाथी से भिन्न होती है | हाल के अध्ययन मे जानकारी प्राप्त हुई है की हाथी जिस आवाज को सुनते है उसकी नकल कर सकते है |
  • हाथियो के शरीर का सबसे मुलायाम हिस्सा उनके कान के पीछे होता है जिनहे Knule कहते है | हाथियो को संभालने वाले महंत अपने पैरो का उपयोग करके Knule के जरिए हाथियो को निर्देश देते है |
  • हाथी अपने पैरो का प्रयोग सुनने के लिए भी करते है जब हाथी चलते है तो जमीन मे एक विशेष प्रकार का कंपन्न उत्पन्न होता है और इस कंपन्न से हाथी दूसरे हाथी के बारे मे जान लेते है |
  • जवान अफ्रीकन हाथी की लंबाई 13 फिट तक हो जाती है जबकि भारतीय हाथियो की 10 फिट तक |
  • हाथी भी मनुष्यो की तरह Left और Right हैंडेड होते है |
  • हमने बचपन मे सुना हैगा की अगर एक चींटी हाथी की सूंड मे घुस जाए तो हाथी मरने के कगार पर पाहुच जाती है इसलिए हाथी फुक फुक कर कदम बढ़ाती है और बात बिलकुल सही है | लेकिन इसके आगे एक और तथ्य है की अगर हाथी को चींटी मच्छर या मखखी काट भर ले तो उसे घाव हो सकता है | हाथियों की चमड़ी एक इंच मोती होती है लेकिन हाथियो की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है यही कारण है की हाथी अपनी तवचा को सूर्य से निकालने वाली अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाने के लिए मिट्टी मे लेटता है |

  • एक हाथी पानी की घनद को 4.5 KM की दूरी पर सूंघ सकता है |
  • अगर किसी झुंड का एक हाथी मर जाए तो सारा झुंड अजीब अजीब से गरज कर शौक मनाते है |
  • हाथी के डाट उसके जीवनकाल के दौरान बढ़ते रहते है और अफ्रीकी हाथियो के चार दाँत होते है |
यह थी हाथियो के बारे मे 10 मजेदार बाते आपको पोस्ट पसंद आए तो आप हमारी सराहना कर सकते है |
सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे

सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे

सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे ||

आपने बहुत बार सूक्ष्मदर्शी का नाम सुना होगा और प्रयोग भी किया होगा पर क्या आपको पता सूक्ष्मदर्शी की खोज या आविष्कार किसने किया || अगर नहीं तो आज हम आपको सूक्ष्मदर्शी क्या है और इसके क्या प्रयोग है और इसके खोजकर्ता कौन है के बारे मे बताने वाले है ||



सूक्ष्मदर्शी क्या है ?

सूक्ष्मदर्शी (अंग्रेज़ी:माइक्रोस्कोप) एक वैज्ञानिक उपकरण है। सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार जेड. जानसेन (नीदरलैण्ड) ने वर्ष 1590 में किया था। यह छोटी वस्तुओं को आवर्धित करके बड़ा कर देता है,; अतः जिन वस्तुओं को आँखों से नहीं देखा जा सकता, उन्हें इस उपकरण से देखा जा सकता है।|



सूक्ष्मदर्शन के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है क्योंकि इसकी खोज के बाद वस्तुओं को उनके वास्तविक आकार से कई हजार गुना बड़ा करके देखना संभव हुआ था।.

सूक्ष्मदर्शी के कितने प्रकार || How Many types Of Microscope


सूक्ष्मदर्शी [ माइक्रोस्कोप ] के प्रकार आप नीचे देख सकते है -

  • प्रकाशकीय सूक्ष्मदर्शी
  • इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी
  • परमाण्विक बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • घर्षण बल सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन टनलिंग सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन अन्वेषिका सूक्ष्मदर्शी यंत्र
  • अवलोकन वोल्टता सूक्ष्मदर्शी यंत्र


सूक्ष्मदर्शी  के उपयोग  Use Of Microscope


  • सूक्ष्मदर्शी का उपयोग जीव विज्ञान मे मुख्य रूप से किया जाता है |  विश्व भर सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कई कार्यो के लिए किया जाता है || जैसे - रोगो के नियंत्रण, नई औषधियों की खोज के लिए || आज के समय मे बहुत ही आधुनिक प्रकार के सूक्ष्मदर्शी आ चुके है जोकि पहले के सूक्ष्मदर्शी से कई गुना अच्छे है ||


  • आज सूक्ष्मदर्शी का प्रयोग वस्तुओ को देखने के साथ साथ और भी छेत्रों मे इसका प्रयोग किया जाता है -  द्रव्यों के कणों के मापने, गणना करने और तौलने के लिए 
  • आज सूक्ष्मदर्शी का उपयोग कायचिकित्सा (Medicine), जीवविज्ञान (Biology), शैलविज्ञान (Perology), मापविज्ञान (Metrology), क्रिस्टलविज्ञान (Crystallography) एवं धातुओं और प्लास्टिक की तलाकृति के अध्ययन में व्यापक रूप से ही हो रहा है||

सूक्ष्मदर्शी के आविष्कार या खोज पोस्ट आपको कैसी लगी हमे बताना न भूले और अगर आपके पास कोई सवाल है तो पूछ सकते है - नीचे कमेनेट के माध्यम से ||
साइकिल का आविष्कार किसने किया पूरी जानकारी

साइकिल का आविष्कार किसने किया पूरी जानकारी

साइकिल का आविष्कार किसने किया पूरी जानकारी

क्या आपको पता साइकिल के आविष्कार के बारे मे अगर नहीं तो आज हम चर्चा करने वाले है साइकिल के आविष्कारक कौन है ओर साइकिल के बारे मे ||

Cycle


अगर आपको लगता है साइकिल का आविष्कार आसानी से ओर सरल तरीके से आविष्कार हुआ होगा तो आप गलत है || क्योकि साइकिल का इतिहास बहुत ही विवादित ओर गलत सूचनाओ से भरा हुआ है || लेकिन साइकिल का आविष्कार बहुत लोकप्रिय आविष्कार मे से एक है ||



आप इस समय के साइकिल और उस समय के साइकिल को अगर देखेगे तो आपको बहुत ज्यादा अंतर मिलेगा || ओर सबसे बड़ी बात यह है की पहली साइकिल बनाने का दावा बहुत सारे लोग करते है || आप पढ़ रहे साइकिल का आविष्कार किसने किया ||


साइकिल का इतिहास ::

किसी भी चीज के आविष्कार की सफल कहानी के पीछे कई छोटी बड़ी कहानिया छिपी होती है || ओर ऐसा ही साइकिल के आविष्कार के बारे मे || तो चलिए जानते है साइकिल के आविष्कार से जुड़े कई अजीबो गरीब कहानिया || पहली मशीन जो कुछ कुछ साइकिल जैसी दिखती थी || उसका आविष्कार फ्रांस मे जिन थेसन ने किया था || जोकि चार पहिया वाली मशीन थी || 




दो पहिये वाली मशीन का आविष्कार 1816 मे जर्मनी मे हुआ || और इस मशीन को चलाने के लिए चालक को साइकिल की शीट पर बैठकर जमीन पर दौड़ना पड़ता था ||

आज के समय मे जिस साइकिल को चलाने के लिए हम प्रयोग करते है उसका आविष्कार 1839 मे स्काटलेंड लोहार कर्कपैट्रिक मैकमिलन ने किया था || और इस साइकिल मे आगे वाला पहिया 30 इंच ओर पीछे वाला 40 इंच का था || जिसमे चेन से जुड़े हुए पैडल्स नहीं थे बल्कि साइकिल के पीछे वाले पहिये मे  रॉड से जुड़ा हुआ दो पैडल लगाया गया था और इस पैडल को बारी बारी घुमाने पर साइकिल चलती थी || और यह साइकिल लोकप्रिय नहीं हो पाई जिसे आप कर्कपेट्रीक का दुर्भाग्य ही समझ सकते है ||


इसके बाद साइकिल को और बेहतर बनाते गए जिसमे बहुत सारे लोगो का योगदान रहा || सन 1863 मे Bone Shaker नाम से एक साइकिल आई जिसमे रबड़ के टायर नहीं थे तो आप समझ सकते है यह आरामदायक नहीं रहा होगा || और इस साइकिल का नाम Bone Shaker रखा गया ||


इसके बाद 1870 मे ordinary नाम से साइकिल आई जिसे खास तौर पर High Wheelers साइकिल नाम से जाना गया || और इसमे भी अगला टायर पिछले टायर के मुक़ाबले बड़ा था लेकिन इसमे रबड़ के टायर लगाए गए थे और इसको स्टील से बनाया गया था || इसलिए यह साइकिल काफी चर्चा मे रही || और इस साइकिल को सबसे पहला साइकिल कहा गया ||


इस तरह से समय के साथ धीरे धीरे साइकिल को बेहतर बनाते गए ओर सन 1890 मे एक और साइकिल Safety Bike नाम से आई जो दूसरी साइकिलों के मुक़ाबले बहुत ज्यादा चलने मे सुरक्षित थी || इसमे स्टील का प्रयोग बढ़िया ढंग से किया गया था ओर इस साइकिल की मजबूती अच्छी थी | और यह साइकिल उस समय के साइकिल मे से एक थी मतलब यह साइकिल बाकी की साइकलों से ज्यादा पोपुलर हुई ||


आज के समय मे गियर वाली साइकिल और अलग अलग कामो के लिए अलग अलग प्रकार की साइकिल बन रही है ||

यह भी पढे - सूक्ष्मदर्शी की खोज किसने की जानिए हिन्दी मे

साइकिल के बारे मे रोचक जानकारी - 
  • हम एक कार की जगह 15 साइकिल खड़ी कर सकते है | 
  • पूरी दुनिया मे लगभग 1 अरब साइकिल और इससे दुगुनी साइकिल की संख्या है | 
  • दुनिया मे सबसे तेज साइकिल चलाने वाला John Howard Olampic Cyclist है जो 250 KM/Hour की Speed साइकिल चला सकता है || 
  • 1 सप्ताह मे 3 घंटे या 30 किलोमीटर साइकिल चलने से दिल की बीमारी का आधा खतरा दूर हो जाता है | 
  • दुनिया की सबसे बड़ी Tandam Bycycle लगभग 20 मीटर लंबी है और जिस पर 23 लोग बैठ सकते है

तो यह थी साइकिल से जुड़े कुछ इकठ्ठा की हुई जानकारी || आपको कैसी लगी पोस्ट साइकिल का आविष्कार किसने किया पूरी जानकारी हमे बताना न भूले ||
पुरुषों के बारे में यह 14 रोमांचक बातें

पुरुषों के बारे में यह 14 रोमांचक बातें

क्या आप जानती है पुरुषों के बारे में यह 14 बातें Do You Know This Things About Men 
अक्सर कहा जाता है की लड़कियों और महिलाओं को समझना नामुमकीन है, लेकिन यही बात पुरुषों पर भी लागु होती है. बहुत सारी महिलाएं पुरुषों के बारे में बहुत कुछ नहीं जानती है. महिलाओं की तरह पुरुषों के भी बहुत से राज होते है, जो अक्सर राज ही रहते है. एक शोध में यह भी पाया गया है की बहुत सारी शादी-शुदा महिलाएं भी अपने पतियों के बारे में बहुत कुछ नहीं जानती है. चाहे पुरुषों की Lifestyle हो या उनका रहन-सहन, उनकी सोच और उनकी बातें बहुत कुछ महिलाओं की समझ से बाहर है. महिलाओं की तरह पुरुष भी बहुत सारी बातें अपने साथी से छुपाते है. कहते है ना कुछ राज खुद तक सीमित रहे तो अच्छा है. जिस तरह महिलाएं चाहती है की उनकी सारे राज बेपर्दा ना हो, उसी तरह पुरुषों की भी यही सोच रहती है. वैसे यह एक अच्छे और बुनियादी रिश्ते के लिए जरुरी भी है. आज की इस पोस्ट में हम आपको पुरुषों के कुछ ऐसे ही राज से रूबरू कराएँगे, जिससे आप पुरुषों के बारे में और अच्छे से जान पाएंगे. इस पोस्ट को पढ़कर आपकी बहुत पुरुषों को लेकर बहुत सारी गलतफहमियाँ भी दूर हो जाएगी. इसलिए इस पोस्ट को आखिर तक पढ़िए. क्या आप जानती है पुरुषों के बारे में यह बातें |
purush rochak

1. पुरुष भी भावना से भरे होते है अगर आप यह सोचती है की पुरुषों में भावनाएं नहीं होती तो आप गलत है. बस फर्क इतना है की वे लोगों के सामने अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं करते लेकिन उनके दिल में भी अपनों के लिए प्यार होता है और वे भी अकेले में रोते है. जिस तरह माँ अपने बच्चे से प्यार करती है उसी तरह पुरुष भी अपने बच्चों से बहुत प्यार करते है, लेकिन वे अपने प्यार को जल्दी दिखाते नहीं है. वक्त और जरूरत पर सबसे ज्यादा काम पिता ही आता है. पुरुषों में भी इमोशन होते है और वे भी भावुक होते है. 



2. पुरुष भी नरम दिल के होते है अगर आप सोचती है की सभी पुरुष एक जैसे होते है या वे पत्थर दिल होते है तो आप गलत सोचती है. पुरुषों में नरम दिल होता है, वे भी लोगों की मुश्किलों को समझते है. बस वे लोगों के सामने कमजोर नहीं दीखते और रोते नहीं है. जब वह अपना रोना किसी के सामने नहीं रोते या अपने दिल के हाल बयाँ नहीं करते तो आपको लगता है की वे कठोर दिल है, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है. पुरुषों का दिल भी महिलाओं की तरह नाजुक होता है. कहते है ना कोई हंस के दिल बहलाता है और कोई रोके गम छुपाता है. 

3. शारीरिक संबध की में रूकावट पसंद नहीं पुरुष जब अपनी पत्नी के साथ बिस्तर पर निजी पलों में होते है तो वे चाहते है की उस दौरान उनकी पत्नी भी उनका साथ दे. उन्हें शारीरिक संबध के दौरान टोकना या इधर-उधर की बातें पसंद नहीं है. वे भी चाहते है की उनकी साथी उन्हें डामिनेटिंग (उत्सुक) करें. 

4. गुस्सा यह बात सही है की पुरुषों को गुस्सा बहुत आता है. अगर उन्हें कोई टोक दे तो वे चिल्लाने लग जाते है. कई बार वे किसी काम को करने का मन बना रहे है और या उसके बारे में बहुत सोचा हो और ऐसे में उन्हें कोई टोक दे तो वे अपना आपा खो देते है. 

5. पुरुष भी बहुत रोमांटिक होते है अगर आप सोचती है की पुरुष रोमांटिक नहीं होते या उन्हें रोमांस नहीं करना आता, तो मैडम आप गलत है. पुरुष भी बहुत रोमांटिक होते है बीएस मौका तो दीजिये, फिर देखिये कैसे वे अपने प्यार का इजहार करते है. हाँ यह बात सही है की इस मामले में मर्द थोड़े शर्म खा जाते है. लेकिन अकेले में वे बहुत रोमांटिक होते है. अगर यकीन ना हो तो एक बार आजमा के देख लीजिये. वो कहते है ना पहले इस्तेमाल करो फिर विश्वास करो. 

6. पुरुष ओर्गेज्म यह बात सही है की पुरुषों का ओर्गेज्म महिलाओं की तुलना में जल्दी होता है. पुरुषों को ओर्गेज्म यानी चरमोत्कर्ष तक पहुँचने में 10 से 15 सेकंड का टाइम लगता है जबकि महिलाओं में इससे 10 गुना ज्यादा समय लगता है. 

7. हस्तमैथुन पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा बार हस्तमैथुन करते है. एक शौध के अनुसार 70% महिलाएं हस्तमैथुन करती है जबकि 90 से 95 पुरुष हस्तमैथुन करते है. 

8. पुरुषों के चलने की स्पीड पुरुष अपनी पत्नी या Girlfriend के साथ धीरे-धीरे चलते है वहीं दूसरी और वे अपने पुरुष दोस्तों के साथ बहुत तेज स्पीड में चलते है. 9. सुसाइड केस में पुरुष अव्वल महिलाओं की तुलना में 3 से 4% ज्यादा पुरुषों के सुसाइड के केस मिलते है. इससे आप कल्पना कर सकती है की पुरुष कितनी बाते अपने दिमाग और दिल में लेकर चलते है. 

10. नर्वस होना जब पुरुष की महिला साथी से बात करते है तो नर्वस हो जाते है. यूँ तो दोस्तों के सात गप्पे हांकने में पुरुषों का कोई जवाब नहीं, लेकिन लड़की के साथ होते ही उनकी आवाज दब सी जाती है और वे नर्वस हो जाते है. 

11. तारीफ पुरुषों को महिलाओं की तरह अपनी तारीफ सुनने की कोई लालसा नहीं होती है. अगर आप तारीफ करो तो भी अच्छा और ना करो तो भी अच्छा. तारीफ पुरुषों की हिम्मत को बढाती है ना की उससे उनमे Ego आता है. 

12. बॉडी मेंटेन करना पुरुषों को अपनी Body मेंटेन करना बहुत अच्छा लगता है और इसके लिए वे Gym भी जाते है. ऐसा बहुत सारे पुरुष लड़कियों को अपनी और आकर्षित करने के लिए भी करते है, क्योंकि लड़कियों को Body Builder लड़के ज्यादा पसंद आते है. 

13. पैसों की लालसा महिलाओं की तुलना में पुरुषों में पैसों की लालसा ज्यादा होती है. जैसे-जैसे उन पर घर-परिवार की जिम्मेदारियां बढती रहती है पैसों को लेकर उनकी लालसा और बढ़ जाती है. 

14. पुरुषों के शौक पुरुषों के शौक बहुत ही निराले होते है. उन्हें Party में जाना, लड़कियों के साथ घूमना, शराब-बीयर पीना, सिगरेट के कस लगाना, खुद में जीना बहुत पसंद है. इसलिए महिलाओं की तरह पुरुषों के भी बहुत से राज होते है, जो अक्सर राज ही रहते है.
रंग बदलने वाली बिल्ली कीमत 55 करोड़

रंग बदलने वाली बिल्ली कीमत 55 करोड़

रंग बदलने वाली बिल्ली - यह तो सबको पता होगा की गिरगिट रंग बदलता है मतलब गिरगिट जिस स्थान पर बैठती है उसी स्थान का कलर कर लेती है | लेकिन ऐसी बिल्ली के बार मे सुना है क्या आपने जो रंग बदलती है | जी हा ऐसी ही बिल्ली जो गिरगिट की तरह रंग बदलती हो | अगर नहीं सुना तो तो आपको बता दे गुजरात के अंकलेश्वर की शिवदर्शन कालोनी मे रहने वाले गायकवाड़ परिवार के पास ऐसी ही एक बिल्ली है | इस बिल्ली के बारे मे यहा तक कहा जा रहा है की बिल्ली के शरीर पर त्रिशुल, गदा, सीख समुदाय के धार्मिक चिन्ह, अल्लाह भी लिखा हुआ नजर आता है | यह बिल्ली गुजरात के किशोर के पास है |
this cat change color

किशोर को रंग बदलने वाली बिल्ली कैसे मिली ??

गुजरात के अंकलेश्वर की शिवदर्शन कालोनी मे रहने वाले गायकवाड़ बताते है कि वह 2013 मे मुंबई गए थे और एक मंदिर के दर्शन के दौरान उन्होने देखा कि कुछ बच्चे एक बिल्ली को पत्थर से मार रहे थे | किशोर से देखा नहीं गया और वह बिल्ली बच्चो से बचाकर अपने घर ले आए |

रंग बदलने वाली बिल्ली की कीमत -
इस बिल्ली की खासियत क्या है यह तो आपको अब पता चल ही चुका है और इसी खासियत की वजह से लोगो ने इस बिल्ली की कीमत 55 करोड़ लगाई है |

बिल्ली के रंग बदलने का समय -
बिल्ली की रोजाना शरीर का रंग सुबह मे सामान्य होता है लेकिन दिन चढ़ने के साथ साथ इसका रंग हल्का भूरा होता जाता है | जब 3 से 4 बजता है तो इस बीच बिल्ली का रंग हल्का पीला हो जाता है और शाम तक डार्क शेड हो जाता है | रात मे हल्का काला नजर आता है |
 यहा मिलते है किराये पर दूल्हा रिश्तेदार

यहा मिलते है किराये पर दूल्हा रिश्तेदार

क्या आपने कभी वियतनामा का नाम सुना है अगर नहीं तो आज हम आज आपको वियतनाम के बारे मे ही बता रहे है | जी हाँ वियतनाम एक ऐसा देश है जहां पर दूल्हे बेचनी वाली बहुत से कंपनीया है जो दूल्हे बेचने का काम करती है साथ ही यह कंपनिया इस कारीबार से लाखो करोड़ो की कमाई कर रहे है |

वियतनाम मे दूल्हे बेचने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, यहा पर एक दूल्हे को अरेंज कराने वाली कंपनी, दूल्हे के रिश्तेदारों का भी इंतेजाम कर देती है और उसके अनुसार पैसे लेती है | आमतौर पर एक शादी मे दूल्हा और रिश्तेदार का इंतेजाम करने का कंपनीया 4 लाख के आसपास रुपए लेती है | दूल्हे के अलावा जैसे - मम्मी पापा, चाचा चाची, दूसरे अभिभावक और दोस्तो को बुलाया जाता है जिसके पैसे कंपनी अलग से लेती है | यह कंपनिया सहदी के लिए 30 से 400 मेहमानो की व्यवस्था करा देती है |
kiraye pr dulhan

लाखो मे बिकते है दूल्हे क्यो

वियतनामा मे बहुत सी कूवारी लड़कीया माँ बन जाती है और यहा शादी किए बगैर अगर कोई लड़की गर्भवती होती है या माँ बनटी है, तो उसे कलंक माना जाता है | इसलिए यहा पर दूल्हे बेचने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है |  खुद को कलंक से बचाने के लिए वियतनामा मे फर्जी शादियो का चलन तेजी से बढ़ा है | ऐसी कंपनीया गर्भवती की दिखावे की शादी कराने के लिए दूल्हे से लेकर मेहमानो तक ओको किराए पर बुला लेती है और इसके बदले मे लाखो रुपए की वसूली करते है |


दूल्हा कुवरा हो यह जरूरी नहीं
एक गर्भवती लड़की को फर्जी शादी के लिए दूल्हे को करीब एक लाख रुपए देना देना पड़ता है | पहले से गर्भवती लड़की कंपनी से जिस दूल्हे को खरीदती है, यह जरूरी नहीं की वह दूल्हा कुवारा हो | यह बिकाऊ दूल्हे पहले से शादी शुदा होते है | फिर भी कूवारी लड़कीया उसे अपना पति बनाने के लिए खरीदती है और उसके बदले मे कंपनी को लाखो रूपसे देने पर कोई अफसोस नहीं होता |

एक शादी पर 4 लाख का खर्च -
एक शादी मे दूल्हे और रिश्तेदारों की व्यवस्था कराने के बदले मे कंपनीया आमतौर पर 4 लाख रुपए लेती है | कंपनी के अनुसार, शादियो मे कम से कम 20 लोगो को किराए पर बुलाया जाता है पर ज्यादा पैसे वाले लोग 400 से ज्यादा तक मेहमानो की मांग करते है और उन्हे उसके अनुसार पैसा देना पड़ता है |
रानी पद्मावती से जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते rani padmavti itihas fact hindi

रानी पद्मावती से जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते rani padmavti itihas fact hindi

rani padmavti film history - हम सबको को पता है रानी पद्मावटी से जुड़ी फिल्म बहुत जल्द ही सिनेमा घरो मे दस्तक देने है रानी पद्मावती फिल्म 1 दिसंबर 2017 को देखने के लिए लोग तैयार बैठे है | rani padmavti film itihas jankari hindi.

रानी पद्मावती फिल्म मे इतिहास से छेड़छाड़ किया गया संजय लीला भंसाली द्वरा ऐसा इल्जाम उन पर लगाए जा रहे है | चलो जो भी इस फिल्म के बारे मे लेकिन हम आज फिल्म की नहीं बल्कि इतिहास के बारे मे कुछ दिलचस्प बाते बताने वाले है | चलिये जानते है रानी पद्मावती से जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते rani padmavti fact dilchasp bate itihas |



रानी पद्मावती की कहानी साहस और बलिदान की गौरवगाथा है जो इतिहास मे हमेशा और हजारो साल तक अमर रहेगी.



रानी पद्मावती से जुड़ी कुछ रोचक दिलचस्प बाते rani padmavti fact rochak itihas jankari

  • इतिहास से हमे जानकारी मिलती है कि रानी पद्मावती का इतिहास 13वी से14वी के बीच का है | पद्मावती का जन्म स्थान सीलोन के सिंहल द्वीप पर हुआ था और आज इस द्वीप को श्री लंका के नाम से दुनिया जानती है | अब आप तिरछी नजर से देखे तो रानी पद्मावती आज के हिसाब से श्रीलंकन राजकुमारी हुई |
  • इतिहास से जानकारी मिलती है रानी पद्मावती के पास तोते से बात करने का हुनर था साथ ही वह रानी पद्मावती एक तोते से बात करती थी जिस तोते का नाम हरी मनि तोता था |
  • क्या आपको लगता है पद्मावती काल्पनिक चरित्र है अगर नहीं तो आपको बता दे कुछ इतिहासकार और दार्शनिक Padmavti को काल्पनिक केरेक्टर बताते है |
  • मालिक मोहम्मद जायसी द्वारा सन 1540 मे पद्मावत नामक ग्रंथ लिखा गया था और इस ग्रंथ मे चित्तौड़ की महारानी पद्मावती की खूबसूरती का बहुत ही अच्छे तरीके बयान किया गया है | इस हिसाब से रानी पद्मावती कोई काल्पनिक केरेक्टर नहीं बल्कि रियल ह्यूमन थी |
  • मेवाड़ के राजपूत राजा रावल रतन सिंह और रानी पद्मवाती की पहली मुलाक़ात उनके स्वययर मे हुई थी | इतिहास से पता चलता है रावल रत्न सिंह स्व्ययर जीतकर रानी पद्मावती से विवाह सम्बंध किया था | जबकि पदमवती से पहले भी रावल रतन सिंह की पत्नीया थी |
  • अलाउद्दीन खिलजी का चित्तौड़ पर चढ़ाई करने पर इतिहासकारो के अलग अलग मत है कुछ इतिहासकारो का कहना है कि खिलजी ने सत्ता और धन के लिए और कुछ का कहना है वह रानी पद्मावती के लिए राजा रतन सिंह से लोहा लिया था |
  • राणा रतन सिंह द्वारा मेवाड़ के पुरोहित राघव चैतन्य को किसी बात के लिए भरी सभा से बेइज्जत करके बाहर कर दिया | इस बात का बदला लेने के लिए राघव चैतन्य ने खिलजी से रानी पद्मावती की खूबसूरती का ब्खान कर दिया था और इस कारण खिलजी रानी पद्मावती को पाने के लिए उतावला था
  • रावण रतन सिंह की मृत्यु खिलजी से युद्ध के दौरान हुई ऐसा कहा जाता है और यह जंग रानी पद्मावती को पाने के लिए किया गया था लेकिन इस युद्ध से भी खिलजी पद्मावती को पा न सका कारण कि रानी पद्मावती को किसी भी हाल मे खिलजी का दास बनना मंजूर न था | इसलिए पद्मावती ने हजारो महिलाओ के साथ जौहर करते हुए अपने आप को आग के हवाले [ आग मे कूदना ] कर दिया |
उल्लू पक्षी के बारे मे 21 रोचक तथ्य और महत्वपूर्ण जानकारी Ullu Pakshi Shubh Ashubh

उल्लू पक्षी के बारे मे 21 रोचक तथ्य और महत्वपूर्ण जानकारी Ullu Pakshi Shubh Ashubh

उल्लू जानकारी - पूरी दुनिया बहुत ही खूबसूरत है और इस खूबसूरत दुनिया मे तरह तरह के पक्षी जानवर मौजूद है और इन्ही मे से एक उल्लू पक्षी है | यह पक्षी दिन मे नहीं देख सकता है केवल रात मे देख सकता है कि खासियत से फेमस है | उल्लू पक्षी को अकेला रहना पसंद होता है |
Owls are birds from the order Strigiformes, which includes about 200 species of mostly solitary and nocturnal birds of prey typified by an upright stance, a large, broad head, binocular vision, binaural...Ullu Pakshi Shubh Ashubh.


owl photo

उल्लू पक्षी के बारे मे रोचक और दिलचस्प बाते - 

उल्लू पक्षी को देख बहुत से लोग डर जाते है क्योकि उल्लू पक्षी देखने मे बहुत डरावने से दिखते है | उल्लू पक्षी एक खतरनाक पक्षी है | वैसे कहा जाता है उल्लू को रात मे केवल दिखाई देता है और दिन मे नहीं लेकिन यह बात 100% सही नहीं है क्योकि उल्लू को दिन मे भी दिखाई देता है लेकिन धुंधला सा दिखाई पड़ता है शायद इस कारण कहा जाता है कि उल्लू को दिन मे नहीं दिखाई देता | उल्लू पक्षी दिखने मे भद्दे से पड़ते है | ऐसे बहुत से लोग है जिन्हे उल्लू पक्षी के बारे मे जानने के लिए उत्सुक रहते है |

TOP 21 Fact About Owl - टॉप 22 रोचक तथ्य उल्लू के बारे मे -

  • पूरी दुनिया मे उल्लू पक्षी आपको मिलेंगे लेकिन अंटार्कटिका मे आपको उल्लू पक्षी नहीं मिलनेगे |
  • उल्लू Owl के कान बहुत ही तेज होता है | यह इतना तेज होता है की शिकार की जरा सी हरकत पर पहचान लेता है |
  • Owl की सबसे अधिक प्रजाति एशिया महादीप मे पाई जाती है |
  • अमेरिका और कनाडा मे उल्लुओ की 19 प्रजातिया पाई जाती है |
  • कहा जाता है बड़ी आंखे बुद्धिमान इंसान की निशानी हाओ और इसलिए उल्लू को बुद्धिमान पक्षी भी माना जाता है |
  • आपको जानकार हैरानी हो सकती लेकिन यह सच है कि उल्लू अपने गर्दन को 270 डिग्री तक घूमा सकता है |
  • उल्लू को पास की वस्तु धुंधली और दूर की वस्तु बिलकुल साफ नजर आती है |
  • चूहा ना तो सुना ही होगा यह उल्लू का सबसे पसंददीदा खाना है |
  • कही कही पर किसान चूहो को खेतो से खात्मा करने के लिए उल्लुओ को पालते है |
  • उल्लू शांति से उड़ान भरता है और समय मिलते ही वह अपने शिकार को एक ही बार मे दबोच लेता है |
  • उल्लू के जीवाश्म का धरती पर होना 6 साल पुराना माना जाता है |
  • भारत मे लोग मानते है कि अगर कौआ सुबह सुबह काऊ काउ गहर घर के पास करे तो समझिए कोई मेहमान घर मे इंट्री लेने वाला है ठीक इसी तरह से चीन मे मान्यता है कि अगर कोई इंसान उल्लू देख ले तो समझिए की पडोस मे कोई पड़ोसी टपकने वाला यानि मरने वाला है और यही दक्षिण अफ्रीका मे भी माना जाता है |
  • हिन्दू धर्म मे उल्लू को धन की देवी लक्ष्मी का वाहन माना जाता है इसलिए वह मूर्ख नहीं हो सकता है साथ ही हिन्दू धर्म मे लोग कहते है कि उल्लू धन और समृद्धि लाता है |
  • उल्लू के पैरो मे टेढ़े नाखूनो वाले चार पंजे होते है इस कारण उल्लू को शिकार को दबोचने मे सुविधा मिलती है |
  • मादा उल्लू नर उल्लू से बड़े होते है साथ ही इकका वजन अधिक होता हाओ और यह काफी आक्रमक दिखाई पड़ते है | उनकी आवाज भी नर से बुलंद होती है |
  • उल्लू अपना शिकार सीधे निगलना पसंद करता है | उल्लू अपने से छोटे उल्लू को चट भी कर देता है |
  • एक खलियान उल्लू एक साल मे 1 हजार चूहो को खा सकता है |
  • उल्लू इन्सानो की सुनने की क्षमता से 10 गुणी धीमी आवाज सुन सकते है साथ ही आपको बता दे उल्लू अपनी आंखे नहीं घूमा सकता है |
  • उल्लू की आंखो पर तीन परत होती है पहला आंखो को साफ रखने के लिए दूसरा सोते हुए और तीसरी पलके आंखे झपकने के लिए |
  • प्राचीन यूनानियों मे बुद्धि के देवी, एथेन के बारे मे कहा जाता है कि वह उल्लू का रूप लेके पृथ्वी पर आई थी |
  • दुनिया का सबसे छोटा उल्लू "Elf Owl" है | जिसका वजन 31 ग्राम और आकार 5 इंच है |
यहा क्रिकेट खेलकर सुलटाते है झगड़े

यहा क्रिकेट खेलकर सुलटाते है झगड़े

हमारे देश मे क्रिकेट दीवाने की कमी नहीं है क्रिकेट खेल हमारे लिए भले मनोरंजन का साधन हो पर पापुआ न्यू गिनी की ट्रोब्रियंड जनजाति के लिए यह अमन शांति बनाए रखने का तरीका है |

न्यू गिनी - आस्ट्रेलिया के उत्तर मे स्थित दुनिया का सबसे बड़ा दिविप है न्यू गिनी मे ट्रोब्रियंड नमक एक जगह है | जहां ट्रोब्रियंड जनजाति के लोग रहते है | जिस तरह दुनिया मे पाई जाने वाली सभी जंजातियों के अपने नियम कायदे होते है |

janjati



इनमे से एक नियम के बारे मे सुनकर चौक जाएँगे आप भी क्योकि यह नियम जुड़ा है लड़ाई झगड़े के निपटारे से | अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या खास है झगड़ा का निपटारा करने मे ??
हम आपको बता दे जब इनके बीच झगड़ा होता है तो वह मर पीट और बहस नहीं करते बल्कि क्रिकेट खेल कर झगड़े को सुलझाते है |
दुल्हन कि एंट्री के लिए यूनिक आइडियाज

इस क्रिकेट मैच मे महिलाए भी लेती है भाग -

इस मैच मे जो जीतता है झगड़े के मुद्दे पर उसी कि बात मानी जाती है | ट्रोब्रियंड जनजाति को सन 1793 मे खोजा गया था | साल 1894 मे ट्रोब्रियंड दीप समूह तब सामने आया था जब यहा एक कैथोलीक मिसन से जुड़े लोग यहा पाहुचे थे | तब इस जगह को "पापुआ न्यू गिनी" के नाम से जाना जाने लगा |



कैसे इस जनजाति ने सीखा क्रिकेट -
साल 1903 मे विलियम गिलमोर नाम के एक ब्रिटिस व्यक्ति ने ट्रोब्रियंड जनजाति के लोगो को क्रिकेट से परिचय कराया | उन्हे क्रिकेट सीखने के पीछे उनके बीच लड़ाई झगड़ा और दुश्मनी को खत्म करना था | हालाकी गिलमोर ने इस जनजाति के लोगो को जिस तरह क्रिकेट खेलना सिखाया था उसके नियमो मे अब बहुत बदलाव आ गए है | वहा के क्रिकेट मैच मे एक टीम मे 40 - 50 सदस्य शामिल हो सकते है |

क्रिकेट मैच शुरू और खत्म कैसे 
क्रिकेट शुरू करने से पहले इस जनजाति के आद्यात्मिक गुरु बेट और बाल को हाथ मे लेकर प्राथना करते है ताकि क्रिकेट मैच के नतिजे सुखद रहे और मैच के दौरान मौसम अच्छा रहे | मैच के पहले और मैच के बीचो बीच मे टीम के सभी सदस्य प्राथना और नाच गाने का प्रदर्शन करते है | यही नहीं जब कोई सदस्य आउट होता है तो उस व्यक्ति को नृत्य या नाचना पड़ता है और उसकी कोरियोग्राफी विपक्षी टीम करती है | मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमे एक दूसरे से अपने भोजन कि अदला बदली करती है |

ग्रीनलैंड के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दीप है यहा कि एक और खासियत है - यहा सामान्य कैरेंसी नहीं चलती बल्कि यहा समान खरीदने के लिए केले के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है |
फिरौन की लाश फोटो इतिहास रहस्य

फिरौन की लाश फोटो इतिहास रहस्य

फिरौन की लाश कहा है, Firon Ka Itihas, फिरौन का रहस्य के बारे मे, फिरौन की लाश फोटो इतिहास रहस्य, फिरौन की कहानी,फिरौन बादशाह, firon ki lash
फिरौन बादशाह कैसे बना 
फिरौन कौन था तो आपको हम बताना चाहेंगे की फिरौन मिस्र मुल्क का बादशाह था | फिरौन के बादशाह बनने के पीछे भी एक कहानी है - कहा जाता है की फिरौन अस्फ़्हान शहर का एक गरीब अत्तार था | उसने कई लोगो से बहुत सारे कर्ज लिए थे और कर्ज न चुकाना पड़े इसलिए अस्फ़्हान से भागकर शाम चला गया | लेकिन शाम मे उसके पास कोई रोजगार नहीं था तो रोजगार की तलाश मे मिस्र जा पाहुचा | मिस्र मे उसने देखा की तरबूज बहुत ही कम मूल्य के है तो उसके दिमाग मे विचार आया इसे शहर मे ले जाकर बेचा जाए तो नाफे का सौदा होगा तो वह चुनाचे गाँव से बहुत सारे तरबूज लिए और चल दिया शहर तरबूज बेचने लेकिन शहर पहुचते पहुचते रास्ते मे कई चुंगी भी आई और फिरौन को हर जगह चुंगी देनी पड़ी | इस तरह उसके पास शहर पहुचते पहुचते केवल एक तरबूज बचा क्योकि बाकी तरबूज चुंगी मे चली गई थी | अब फिरौन समझ चुका था इस मुल्क मे कोई शाही इंतजाम नहीं है साथ ही कोई भी चाहे शाही अफसर बन कर माल वसूल कर सकता है |
कयामत कब आएगा रहस्य
Firon


असली जादूगर क्या होता होता है जाने

मिस्र मे उस समय महामारी [ बीमारी ] फ़ैली हुई थी लोग अधिक सख्या मे मर रहे थे और फिरौन ने इसका फायदा लिया और कब्रिस्तान मे जा बैठा और जब कोई मुर्दा लेकर क्बृस्तान मे आता तो उनसे कहता मे साही अफसर हु, मुरदो पर 5 दिरहम टैक्स लगा है तो मुझे 5 दिरहम दो फिर दफन करो | इस तरीके से उसने कुछ ही समय मे बहुत सारा माल इकठ्ठा कर लिया लेकिन एक दिन इफ़्तेफाक से कोई बड़ा आदमी दफन करने के लिए लाया गया तो फिरौन इस बड़े आदमी के वारीशो से भी पैसे की मांग की लेकिन पैसे नहीं मिले बल्कि फिरौन को गिरफ्तार करके बादशाह तक पहुचा दिया गया और बादशाह को पूरा वाक़या बता दिया गया |



बादशाह ने फिरौन से सवाल किया
तुम्हें कब्रिस्तान पर किसने मुकर्रर किया था ??? फिरौन ने जवाब मे कहा मुझे आप तक पहुचना था इसलिए यह बहाना बनाया था | मैं आपको खबर करना चाहता था की आपके मुल्क मे बहुत ही खराब हालात है | मैंने 3 महीने के समय मे जुल्म के साथ इतना सारा माल इकठ्ठा कर लिया है  | आपको खबर है दूसरे हुक्काम क्या कुछ करते होंगे और यह कह कर अपना सारा माल बादशाह के आगे डाल दिया | फिरौन ने कहा अगर आप इंतजाम मेरे हवाले कर दे तो मैं आपका मुल्क दुरुस्त कर दूंगा | बादशाह को यह बात उसकी बहुत ही पसंद आई फिर बादशाह ने फिरौन को एक छोटा सा ओहदा दे दिया |





फिरौन ने भी बादशाह और आवाम को खुश रखने के लिए अच्छे अच्छे तरीके इख्तियार किए | सिलसिला धीरे धीरे चला और एक दिन फिरौन को तमाम लश्कर का अफसर बना दिया गया | जब मुल्क मिस्र का बादशाह मरा तो वहा की आवाम ने फिरौन को तख्त पर बैठा दिया और इस तरह से फिरौन बन गया मिस्र देश का बादशाह |

फिरौन के बारे मे कुछ तथ्य -
  • फिरौन ने खुदाई का दावा किया की मैं रब हु और सबसे पहले उसके वजीर हामान ने फिरौन को खुदा माना और सजदा किया |
  • फिरौन की लाश अभी भी इजिप्त के म्यूजियम मे रखी हुई है |
  • फिरौन के जमाने मे हजरत मूसा अलैहिस्सलाम नबी थे |
  • फिरौन के मरने के बाद भी उसकी लाश सड़ी नहीं और उसके शरीर के गोस्त बढ़ते है |
  • फिरौन की लाश पर  हर साल14 मार्च को जंगली चूहे छोड़े जाते है और उसका सारा गोश्त चूहे नोच खाते है |
  • फिरौन ने जब खुदाई का दावा तो अलाह पाक ने फरमाया मैं उसके जिस्म से जान [ रूह ]  निकाल लूँगा और उसकी लाश को कयामत तक लोगो के लिए इबरत का निशानी बना दूंगा |
  • फिरौन की लाश अगर आज भी आप देख ले तो आपको लगेगा जैसे कोई आदमी सोया हुआ है |
  • फिरौन की लाश न जमीन लेती है न ही पानी इसलिए उसकी लाश को हवा मे रखा गया है |
माइकल जैक्सन का इतिहास रोचक तथ्य michael jackson fact

माइकल जैक्सन का इतिहास रोचक तथ्य michael jackson fact

michael jackson history, michael jackson girl, michael jackson daughter, vocalist jackson biography death, michael jackson biography, माइकल जैक्सन की बेटी पेरिस जेकसन भी बहुत सुंदर है |
माइकल जैक्सन इतिहास - Michael Jackson History Hindi
माइकल जैक्सन की बेटी का नाम क्या है , माइकल जैक्सन की कहानी पूरा परिवार जानिए के बारे मे 
माइकल जोसफ जैक्सन बहुत ही लोकप्रिय अमरेकी पॉप गायक थे | माइकल जैक्सन को किंग ऑफ पॉप के नाम से भी जाना जाता है | किंग ऑफ पॉप के नाम से प्रसिद्ध माइकल जैक्सन मात्र 11 साल की उम्र मे गायकी की दुनिया मे सिक्का जमा लिया था | माइकल जैक्सन द्वारा बनाए गए अल्बम मे सबसे ज्यादा बिक्री ऑफ द वाल, बैंड, डैंजरस और हिस्ट्री है साथ ही थ्रिलर को अभी तक सबसे ज्यादा बिकने वाला एल्बम माना जाता है | माइकल जैक्सन के बारे मे पूरी जानकारी |
महाबली खाली से जुड़े 25 रोचक तथ्य जो आपको हैरान कर देंगे
michael jackson daughter
माइकल जैक्सन और उनकी बेटी पेरिस जैक्सन
Image Source- Gooogle
एमटीवी पर माइकल जैक्सन का वीडियो प्रोग्राम हुआ था जिसमे उनके विडिओ ने बहुत ही धूम मचाया था | सन 1980 के शुरुवात मे जैक्सन अमरेकी पॉप गायकी और मनोरंजन कि दुनिया मे सबसे लोकप्रिय सितारे बनकर उभरे थे | थ्रिलर विडिओ जैक्सन की संगीत की काया ही बदल दी थी साथ ही गिनीज़ बुक मे जैक्सन ने कई रिकार्ड बनाए और अवार्ड भी जीते | जैक्सन का निधन 25 जून 2009 मे दिल का दौरा आने की वजह से हुआ |


Michael Jackson Facts in Hindi- माइकल जैकसन रोचक तथ्य

  • माइकल जैक्सन ने पॉप म्यूजुक को 1 नए मुकाम पर पहुचा दिया |
  • माइकल जैक्सन मात्र एक ऐसे कलाकार है जिनहे सबसे ज्यादा अवार्ड मिले है साथ ही 23 गिनीज़ बूक रिकार्ड भी है |
  • माइकल जैक्सन जब हँसते थे तो जल्दी उनकी हसी रुकती नहीं थी साथ बहुत ज़ोर से हसते थे |
  • Michael Jackson भगवान मे बहुत ज्यादा विश्वाश रखते थे इसलिए जब भी उनका कोई प्रोग्राम शुरू होता था तो पहले God से प्राथना करते थे साथ ही जब उन्हे आवर्ड प्राप्त होता था तो वह Winning Speech भी देते थे |
  • माइकल जैक्सन ने अपने चहरे की कई बार सर्जरी कारवाई थी और कहा जाता है उन्हे सर्जरी कराने की लत भी थी |
  • MR. T नाम का Michael Jackson ने एक बॉडीगार्ड रखा था और इस बॉडीगार्ड को एक रात के लिए 3 हजार $ डालर देते थे |
  • जैक्सन का फेवरेट कार्टून Pinocchio था |
  • सेक्स से संबन्धित कोई भी बात जैक्सन कोडवर्ड भाषा मे करते थे |
  • कारण जो भी हो लेकिन एक बार जैक्सन अपने दूसरे बेटे को सन 2002 मे बालकनी से नीचे लटका दिया था जिस कारण वह सुर्ख़ियो मे भी रहे |
  • लेडी डायना का नाम आपने सुना ही होगा तो आपको बता दे जैक्सन इस प्रकार की स्टाइलिश लड़कीया बहुत ज्यादा पसंद आती थी |
  • Michael Jackson के पास खुद के एंटी ग्रेवटी बूट भी थे और इस बूट के जरिये जैक्सन Live Performance मे काफी आगे तक झुक जाते थे |
  • कहा जाता है जैक्सन अपने अंतिम क्षड़ो मे बदल गए थे और वह फर्श पर ही पिशाब कर दिया करते थे |
  • मृतक कलाकार मे सबसे ज्यादा कमाई करने वाले कलाकार Michael Jackson है |
  • माइकल जैक्सन को Kid पोर्नोग्राफ़ी की लत लगी थी इसका प्रमाण उनके बाथरूम मे दिवारे पर लगे बच्चो की न्यूड फोटो से पता लगता है |
  • Michael Jackson का Live Vidio अंतिम यात्रा को 2.5 अरब लोगो ने देखा था और यह अभी तक सबसे ज्यादा देखे जाने वाली Live Boradcast है |
  • Michael Jackson के अलविदा हो जाने का दिन 25 जून समय 3:15 PM था और इस दिन विकिपीडिया, ट्विटर, AOL's साथ ही Instant Massenger यह सभी क्रेश हो गए थे |
विजय माल्या के बारे टॉप 10 रोचक जानकारी

विजय माल्या के बारे टॉप 10 रोचक जानकारी

विजय माल्या कौन है विजय माल्या गिरफ्तार कब होगा विजय माल्या के बारे मे पूरी जानकारी और भी कई सवाल इन्टरनेट पर सर्च किए जाते है साथ ही विजय माल्या को रंगीला भगोड़ा नाम से भी जाने लगा है लेकिन जिसे विजय माल्या को रंगीला या भगोड़ा के नाम से जाना जा रहा है उसके बारे मे रोचक तथ्य या खासियत क्या आपको पता है अगर नहीं तो आज हम आपको विजय माल्या के बारे मे टॉप 10 रोचक जानकारी देने वाले है आइये जानते है -

vijay mallya photo

Top 10 Rochak About Vijay Mallya

  • विजय माल्या के बारे मे मीडिया के अनुसार कहा गया है वह बहुत ही धार्मिक व्यक्ति है और वह जब तक भारत मे रहे तब तक हर साल सबरीमाला मंदिर जरूर जाते थे साथ ही उनकी द्वारा जब भी किंगफिशर एयरक्राफ्ट के लिए विमान खरीदते थे तो उसे तिरुपति ले जाया करते थे |

  • माल्या हिन्दी इंगलिश के साथ और भी कई भाषाए बोलना जानते है जैसे बंगाली, कन्नड, कोकड़ी, गुजराती, फ्रेंच इत्यादि |
  • विजय माल्या को अगर कुछ भी खरीदना होता था तो उसे खरीदने से पहले उसके बारे मे पहले पूरी जानकारी प्राप्त कर लेते है मतलब वह ब्रांड के नाम पर कुछ भी नहीं खरीद लेते साथ ही उन्हे जो पसंद आता वही चीज खरीदेते है |
  • विजय माल्या द्वारा 175000$ डालर रुपए की बोली लगाकर टीपू सुल्तान की तलवार हासिल किया था साथ ही उस तलवार को भारत वापस भी ले आए | ठीक इसी तरह से महात्मा गांधी की चीजों को अमेरिका से 1.8 मिलियन डालर की बोली अमेरिका मे लगाकर भारत वापस ले आए |
  • विजय माल्या को टेक्नॉलजी मे बहुत ही Instrested है साथ ही उन्हे नई नई चीजे टेक्नॉलजी के बारे मे जानना अच्छा लगता है ब्लैकबेरी उनका फेवरेट ब्रांड रहा है |

  • विजय माल्या को काम करना अच्छा लगता है मीडिया के मुताबिक उन्हे वह कम छुट्टी लेते थे चाहे ऑफिस हो पार्टी काम करते रहते थे |
  • विजय माल्या का फेवरेट कलर लाल है इसलिए उनका घर हो या फिर ऑफिस हर जगह लाल रंग दिखाई देता है |
  • विजय माल्या ज्वेलरी के शौकीन माने जाते है साथ ही उनके हाथ मे हीरे का ब्रेसलेट भी दिखाई देता है वीजेएम ब्रेसलेट मे भगवान वेंकेटश्वर का लाकेट भी है | विजय माल्या कान मे दादी जी के दिये इयरिंग को पहनते है |
  • विजय माल्या के पिता की मृत्यु सन 1983 मे हुई ही फिर उन्हे UB ग्रुप द्वारा संभाला गया था |
यह था विजय माल्या के बारे मे कुछ खास जानकारी जो एक रोचक तथ्य की तरह ही लगता है |
रोने वाला पेड़ के बारे मे विचित्र जानकारी

रोने वाला पेड़ के बारे मे विचित्र जानकारी

रोने वाले पेड़ की की कहानी - आज हम आपको रोने वाले पेड़ से लेकर दुनिया मे मौजूद विचित्र पेड़ो के बारे विचित्र बाते बताने वाले है | दुनिया और परकृति मे ऐसी कई चीज मौजूद है जो हमे अच्म्भित कर देती है जैसे रोने वाला पेड़ प्रकृति मे कई तरह के पेड़ पाए जाते है लेकिन पेड़ो मे कोई पेड़ ऐसा भी होता है जो उन्हे खाश बनाता है थी ठीक इसी तरह अमेरिका के जंगलो मे मेट्रिक या मेड्रक नाम का ऐसा ही पेड़ पाया जाता है जो बिलकुल बच्चो की तरह रोता है अगर किसी इंसान द्वारा इस पेड़ को हिलाया जाए या उखाड़ा जाए या मारा जाए या तोड़ा जाए तो यह बिलकुल इंसान के बच्चे की तरह रोने लगता है और इसलिए इस पेड़ को रोने वाला पेड़ भी कहा जाता है |

Medrak tree

ऐसा ही एक पेड़ कनाडा के पहाड़ी क्षेत्रो मे भी पाया जाता है लेकिन इसकी खासियत कुछ और है इस पेड़ के तने मे अगर छेद किया जाए तो मीठा रस निकलने लगता है और यह रस गन्ने के रस भी ज्यादा मीठा होता है |



आपको यह तो मालूम होगा की आस्ट्रेलिया के जंगलो मे कई प्रकार के पेड़ पाये जाते है लेकिन एक खाश बात आपको नहीं मालूम होगी कि आस्ट्रेलिया के जंगलो मे पाये जाने पेड़ को दिशा सूचक के नाम से भी जाना जाता है इसका कारण पंक्तिया हमेशा उत्तर मे दक्षिण मे ही रहना और इस पेड़ की तने के एक भाग पूर्व और दूसरा भाग पच्छिम दिशा मे रहना |

पेड़ो के बारे मे विचित्र बाते -

  • जापान मे एक ऐसा पेड़ पाया जाता है जो सूर्ययास्त होने के समय धुआ छोड़ते है |
  • पेड़ो पर फूल आना - लगभग सभी पेड़ो पर पहले फूल आता है उसके बाद ही पहल लेकिन अफ्रीका मे विटिशिया नाम का एक ऐसा पेड़ पाया जाता है जिस पर बिना फूलो के फल आ जाते है |
  • अब अमेरिका के पेड़ की बात बताए तो आपको आश्चर्य होगा क्योकि यहा पर जोगुआ ट्री नेशनल पार्क मे तुरंत बढ्ने वाला पेड़ पाया जाता है जिसका नाम यूका है |
  • अगर तेजाब शरीर पर गिर जाए तो क्या होगा आपको मालूम ही होगा शरीर गलने लगेग ठीक इसी तरह का एक पेड़ अमेज़न के वनो मे मौजूद कुछ पेड़ो मे से पीले रंग का एक मैटरियल या पदार्थ गिरता है या झड़ता है और यह पदार्थ मनुष्य या इंसान के बदन [ शरीर body ] पर गिर जाए तो वह भाग [ जहां पदार्थ गिरा हुआ } गलने लगेगा |
  • पानी [ वर्षा ] बरसाने वाला पेड़ शायद आपने इसके बारे मे सुना होगा अगर नहीं सुना तो जान ले इंडोनेशिया के जंगलो मे वर्षा करने वाले पेड़ पाये जाते है और यह पेड़ 1 मिनट मे पानी की 1 हजार बुँदे टपकाते है |
  • अमेरिका मे कुछ ऐसे पेड़ पाये जाते है जो हवा मे झूमते है साथ ही यह पेड़ अपने फलो के माध्यम से ऐसी आवाज निकालते है जैसे घंटियो से आवाज आ रही हो |
  • द्रैंडडिओसा नाम का पेड़ लैटिन अमेरिका मे पाया जाता है और यह पेड़ पूरे साल रोते ही रहते है | इस रोने वाले पेड़ पर छोटे छोटे सुंदर फल लगते है | इन फूलो पर सुबह और रात मे लाल चमकदार बुँदे झलकने लगती है इस पेड़ पर अगर थोड़ी सी हवा भी लगती है तो रोने लगते है |
NASA  -  जानिए इंसानो का सौरमण्डल मे प्रवेश गजब की जानकारी

NASA - जानिए इंसानो का सौरमण्डल मे प्रवेश गजब की जानकारी

Enter the solar systemइंसानो का सौरमण्डल मे प्रवेश विस्तृत जानकारी मनुष्य वास्तव में सौर मंडल में गहराई से जाना चाहता है तो उसे परंपरागत रासायनिक रॉकेट की तुलना में तेजी से और अधिक कुशल प्रणाली वाले रॉकेट्स की आवश्यकता है। रासायनिक प्रणोदक द्वारा संचालित रॉकेट इंजन पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा को तोड़ने के लिए तो काफी है, लेकिन अंतरिक्ष में इस्तेमाल होने पर वे बहुत ज्यादा ईंधन का इस्तेमाल करते हैं और किसी अंतरिक्ष यान के बल पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं देते है। 200 किलोवाट सौर ऊर्जा के साथ, VASIMR इंजन का इस्तेमाल lunar tug के रूप में किया जा सकता है।

हमारी हाल की पोस्ट सौरमंडल मे 8 ग्रहो का स्वरूप यहा क्लिक से पढे 

solar system rocket

200 किलोवाट सौर ऊर्जा के साथ, VASIMR इंजन का इस्तेमाल lunar tug के रूप में किया जा सकता है। मनुष्य वास्तव में सौर मंडल में गहराई से जाना चाहता है तो उसे परंपरागत रासायनिक रॉकेट की तुलना में तेजी से और अधिक कुशल प्रणाली वाले रॉकेट्स की आवश्यकता है। रासायनिक प्रणोदक द्वारा संचालित रॉकेट इंजन पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा को तोड़ने के लिए तो काफी है, लेकिन अंतरिक्ष में इस्तेमाल होने पर वे बहुत ज्यादा ईंधन का इस्तेमाल करते हैं और किसी अंतरिक्ष यान के बल पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं देते


NASA भी यह जानता है शायद इसलिए ही इसने 2015 में उन्नत संचालन प्रणाली के विकास के लिए तीन अलग-अलग कम्पनियो को ठेके दिए है। इनमें से सबसे दिलचस्प है प्लाज्मा आधारित रॉकेट जो आर्गन ईंधन पर चलता है, इसे उत्तेजित करता है, प्लाज्मा उत्पन्न करता है और फिर इसे उच्च गति पर एक नोजल के बाहर धकेलता है। इस समाधान से महीनों के बजाय पृथ्वी और मंगल के बीच यात्रा के लिए सिर्फ कुछ हफ्तों का समय लगता है।

Plasma Feather
परीक्षण फायरिंग के दौरान प्लाज्मा पंख का एक दृश्य।
लेकिन इस क्षमता को समझने के लिए ह्यूस्टन स्थित विज्ञापन एस्ट्रा रॉकेट कंपनी को पहले दिखाना चाहिए कि इसके प्लाज्मा रॉकेट, VASIMR लंबे समय तक लगातार चालू रह सकता है। NASA के तीन साल के $ 9 मिलियन का अनुबंध को पूरा करने के लिए कंपनी को अपने प्लाज्मा रॉकेट को 2018 तक 100 घंटे में 100 किलोवाट बिजली स्तर तक पहुँचाने की आवश्यकता है।


विज्ञापन एस्ट्रा ने एक रिपोर्ट में बताया है कि कम्पनी इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। कंपनी ने अनुबंध के दूसरे वर्ष के बाद नासा के साथ एक सफल प्रदर्शन की समीक्षा पूरी कर ली है और अब रॉकेट इंजन द्वारा उत्पादित थर्मल लोड को संभालने के लिए अपने बड़े वैक्यूम चैम्बर में महत्वपूर्ण बदलाव करने के दौरान कुल 10 घंटों के लिए इंजन को निकाल दिया गया है।

वैक्यूम चैंबर में VASIMR इंजन को लोड करते हुए
कम्पनी के संस्थापक Franklin Chang-Diaz ने बताया कि "जब Ars ने 2017 की शुरुआत में इस कम्पनी का दौरा किया, तो वह एक बार में 30 सेकंड के लिए अपनी रॉकेट स्पंदन कर रहा था। अब, कंपनी एक समय में लगभग पांच मिनट के लिए VASIMR की तैनाती कर रही है।" उन्होंने कहा, "सीमाएं अभी रॉकेट और वैक्यूम चैम्बर दोनों के सभी नए हार्डवेयर से नमी को बाहर निकल रही हैं।" "यह पंपों को डुबाता है, इसलिए बहुत सी कंडीशनिंग है जिसे थोड़ा कम किया जाना चाहिए।"

हालाँकि कंपनी ने अपने नए हार्डवेयर की जांच को जारी रखा है, बीच में परिक्षण के साथ यह धीरे-धीरे आगे की तरफ बढ़ रही है। विज्ञापन एस्ट्रा के लक्ष्य 2018 के शुरू होने तक 100 घंटे तक का परीक्षण करना है।

वह स्थान जहां से प्लाज्मा रॉकेट इंजन से बाहर आता है।
प्रारंभ में, कंपनी प्लाज्मा रॉकेट को धरती और चंद्रमा या मंगल ग्रह के बीच सामान को लाने ले जाने वाले साधन के रूप में ही देखती है। सौर शक्ति वाले पैनलों के साथ रॉकेट अपेक्षाकृत कम दबाव पर होता है और इसलिए यह धीमी गति लेकिन कुशलता से भार को आगे बढ़ाएगा। लेकिन अंतरिक्ष आधारित परमाणु रिएक्टर से अधिक शक्ति के साथ यह बहुत अधिक गति तक पहुंच सकता है जिससे मनुष्य सौर प्रणाली के माध्यम से तेजी से यात्रा कर सकते है।
भूलकर भी सूर्य ग्रहण खुले नेत्रों से न देखें - Solar eclipse dangerous eye

भूलकर भी सूर्य ग्रहण खुले नेत्रों से न देखें - Solar eclipse dangerous eye

सूर्य ग्रहण - अमेरिका के लोग महाद्वीप में होने वाले दुर्लभ सूर्य ग्रहण को देखने के लिए चश्मे और अन्य सुरक्षा के साथ तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, नेत्र चिकित्सक दृष्टि सुरक्षा जानकारी को स्पष्ट कर रहे हैं-और इस सूर्य ग्रहण को सुरक्षा के बिना देखने पर होने वाले खतरों पर प्रकाश डाल रहे है |

Solar eclipse pic

सब जानते है कि ग्रहण के दौरान सूर्य को देखना सामान्य रूप से आँखों को नुकसान पहुंचा सकता है लेकिन JAMA and JAMA Ophthalmology द्वारा प्रकाशित लेखों की एक श्रृंखला में नेत्र रोग विशेषज्ञों का एक समूह विस्तार से बताता है कि कैसे ग्रहण के दौरान सूर्य का प्रकाश रेटिना को नुकसान पहुंचाता है और इस दुर्लभ घटना के लिए तकनीकों द्वारा देखने के बारे में कुछ गलत धारणाएं फैलती हैं। उन्होंने इस मामले पर अध्ययन किया है कि जब आप एक ग्रहण के दौरान आंखों पर बिना सुरक्षा के बाहर जाते हैं तो क्या होता है ?


इस रिपोर्ट् को द वेंडरबिल्ट आई इंस्टीट्यूट, नैशविले, टेनेसी के David Calkins और Paul Sternberg ने लिखा है जो खुद भी इस ग्रहण का अनुभव करेंगे। इसमें वे कहते हैं कि कई लोगों को गलत धारणा है कि ग्रहण के दौरान सूर्य को देखना सुरक्षित रहता है। ये चंद्रमा डिस्क नहीं लेकिन सूर्य की सुंदर कोरोना सब कुछ कवर करेगा। यह उन लोगों के लिए है जो इस ग्रहण को देखने जा रहे है। रास्ते पर उन लोगों के लिए, सूर्य के कोर को दो मिनट और 41 सेकंड से भी काम समय में हटा दिया जाएगा। "हालांकि, अधिकांश लोगों के लिए, इस घटना के दौरान सूर्य के कोर का कुछ हिस्सा दिखाई देगा।"

यदि ग्रहण के दौरान दर्शकों ने उनकी सुरक्षा को दूर किया है, तो चंद्रमा को एक तरफ जाने से पहले इसको वापस इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। अन्यथा, आप की आँखों को नुकसान हो सकता है इसलिए सभी को पूरे समय सावधान रहना चाहिए।


उन्होंने बताया कि मुख्य सूरज की रोशनी लगभग 1,350 वाट प्रति वर्ग मीटर विकिरण पर बहुत तेज होती है। हमारी आंखों की रिफ्लेक्टिव नेचर साथ, यह रेटीना में 1.5 मिमी तक जाता है। यह रेटिना में रंगीन दृष्टि के लिए जिम्मेदार फोटोरिसेप्टर कोन सेल्स है और यह हमारी आँखों को तेज दृष्टि प्रदान करता है।

दो विशिष्ट तरीकों से आंखों को नुकसान पहुंचाती है सूर्य की रोशनी -

अपनी नग्न आंखों की गेंद को सूर्य के प्रकाश में खुलने से सौर रेटिनोपैथी ( फोटिक रेटिनोपैथी या सौर रेटिनिटिस) होता है, जिसमें रेटिना विशेष रूप से बर्न्स और फोटोकैमिकल टॉक्सिसिटी को दो प्रकार से नुकसान होता है।

इसको आसानी से समझा जा सकता है। सूरज की रोशनी का एक बड़ा हिस्सा निकट-अवरक्त विकिरण (700 से 1500 नैनोमीटर) है, जो गर्मी पैदा कर सकता है और इस तरह यह जलता है क्योंकि हमारी आंखों में दर्द रिसेप्टर्स की कमी होती है, हम सूर्य को बिना देखे भी अपनी आँखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

लेकिन, नेत्र विशेषज्ञों का कहना है "अधिक चिंताजनकता" फोटोकेमिकल टॉक्सिसिटी है। सूर्य से दिखाई जाने वाली रोशनी का बड़ा झटका आंख में फोटोएक्टिव सामग्री डालता है जिस से मुक्त कण और प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों से आँखों में खुजली होती है। इनमें हेम प्रोटीन, मेलेनोसॉम्स, लाइपोफससीन और अन्य रसायन शामिल हैं। एक बार उत्पन्न होने पर, मुक्त कण और प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियां कई प्रकार के अणुओं पर हमला कर सकती हैं और झिल्ली को तोड़ सकती हैं, जिससे आँखों में टिशु और सेल्स डैमेज हो सकते है। एक बार रेटिना टिशु नष्ट हो जाता है तो इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सकता।

लेखकों का कहना है कि ब्रिटेन में 1993 ग्रहण के दौरान 45 लोगों ने अपनी आंखों को क्षतिग्रस्त कर लिया था, जो इस विचार को समर्थन प्रदान करता है कि सौर कोशिकाओं के लगातार नष्ट होने का कारण फोटोकेमिकल टॉक्सिसिटी है। उन मामलों में अधिकांश क्षति स्थायी नहीं थीं। 7 महीने बाद 45 में से केवल 4 में सुस्त लक्षण असहजता और दृष्टि समस्या थी।

लेकिन, ज़ाहिर है, अपरिवर्तनीय क्षति अधिक लंबी है और बड़ी एक्सपोजर की संभावना है। मियामी के बसकॉम पामर नेत्र विश्वविद्यालय कीTa C. Chang और Kara Cavuoto द्वारा प्रकाशित एक केस रिपोर्ट में 12 वर्षीय लड़की में स्थायी चोटों की जानकारी दीगयी थी। लगभग एक मिनट के लिए सूर्य को देखने पर उसकी आँखों को बहुत नुकसान हुआ था। नेत्र विशेषज्ञों ने उनकी क्षतिग्रस्त रेटिना की फोटो को प्रस्तुत किया, जिनमें से एक ऑप्टिकल कॉसहेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) द्वारा प्राप्त किया गया था, जो आंख के लिए अल्ट्रासाउंड की तरह है जिसमे क्रॉस-अनुभागीय टिशु चित्र बनाने के लिए प्रकाश का उपयोग करता है। फोटो में को उसके फव्वारे में उज्ज्वल धब्बों (सफेद तीर देखें) दिखते है जहां फोटोरिस्टर सेगमेंट को सूर्य की क्षति ने नष्ट कर दिया था। काफी परीक्षण करने के बाद भी उसकी दृष्टि बेहतर नहीं थी।

सूर्य ग्रहण से बचने के तरीके - Ways to avoid sun eclipse

  • JAMA में, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडीसिन के Neil Bressler और सहकर्मियों ने बताया कि ग्रहण को कैसे सुरक्षित तरीके से देख सकते है। 
  • सबसे पहले तो अपनी नग्न आंखों या अनफ़िल्टर्ड दूरबीन, चश्मा, कैमरा लेंस, या अन्य ऑप्टिक्स उपकरणों के साथ ग्रहण को न देखें। भले ही आपने ग्रहण के दौरान चश्मा पहना हो लेकिन फिर भी ऐसी कोई भी वस्तु जो प्रकाश पर केंद्रित है, उसका उपयोग न करे। NASA का कहना है कि केंद्रित सौर किरणे फिल्टर को नुकसान पहुंचा सकती हैं और अपनी आंखों में प्रवेश कर सकती है।
ग्रहण को सुरक्षित देखने के लिए - To see eclipse safe
  • नंबर 14 वेल्डर चश्मा पहने जो कि वेल्डिंग आपूर्ति भंडार पर उपलब्ध है। - पिनहोल प्रोजेक्टर - इसमें आप एक पिनहोल के माध्यम से सूरज की रोशनी को देखने योग्य सतह पर प्रदर्शित करके ग्रहण देख सकते है 
  • अल्युमिनिड माइलर फिल्टर / वाणिज्यिक चश्मा जिनमें कोई भी क्षति या खरोंच नहीं हो का इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकन एस्ट्रोनोमिकल सोसाइटी का कहना है कि आईएसओ 12312-2 अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानक को पूरा करने के लिए इन्हें मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए। 
  • यदि आपको डर है कि आपकी आँखें सूर्य के प्रकाश से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, तो तत्काल एक नेत्र चिकित्सक को दिखाए, जो आपको क्लीनिकल मूल्यांकन और परीक्षण जैसे ओसीटी के साथ इलाज करेंगे।
छिपकली इंसानों के अंगों को फिर से उगाने में मदद करेगा

छिपकली इंसानों के अंगों को फिर से उगाने में मदद करेगा

छिपकली - जी हा ! छिपकली से उग आएंगे इंसान के अंग शोधकर्ताओं ने एक आणविक विधि की पहचान की है जो salamanders छिपकली को अपने अंगों को फिर से उगाने में मदद करेगा। इस विधि या शोध से इंसानों में भी इसके परिणाम की व्याख्या कर सकता है।

Lizard Pic

Lizard will help organize human organisms again

Salamanders पूरे अंग को फिर से उगा सकते हैं, चाहे उनके अंगों को कितनी भी बार काटा गया हो। इसकी यह क्षमता एकदम यूनीक है क्योंकि salamanders के अंग में त्वचा, मांसपेशियां, और हड्डियां हैं। और ये प्राणी अपने अंग दुबारा बनाने के लिए ऊत्तकों को बदल सकता है।


यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन्होंने वर्तमान अध्ययन का आयोजन किया, पूरे अंग को फिर से उगाने की salamanders की क्षमता " ERK pathway " की वजह से है। इस ERK pathway को हमेशा एक्टिव रहने की जरूरत होती है ताकि ये salamanders अपने अंगों को वापस उगा सके।


शोधकर्ताओं ने कहा कि salamanders स्तनपायी कोशिकाओं में पूरी तरह से सक्रिय नहीं है। लेकिन, जब इसे प्रयोगशाला सेटिंग में सक्रिय रखा जाता है, तो कोशिकाओं में रिप्रोग्रामिंग की अधिक संभावना होती है और परिणामस्वरूप, ऊतकों को पुनर्जन्म हो पाता है। ERK pathway कोशिका के सतह पर प्रोटीन की मदद करता है जो सेल के नाभिक को संकेत भेजता है। आगे के शोध से शोधकर्ताओं ने मानव अंगों को फिर से उगाने में दद कर सकता है।

अध्ययन में यह भी बताया गया है कि केवल कुछ ही जानवर शरीर के अंगों का पुनर्जन्म क्यों कर सकते हैं। हालांकि मनुष्य में पुनर्योजी क्षमता सीमित है, अन्य जीव, जैसे कि छिपकली, अपने हृदय, आंखों, रीढ़ की हड्डी, पूंछ के कुछ हिस्सों सहित जटिल संरचनाओं को वापस उगाने में सक्षम है।

इस प्राणी से हमें एक प्रकार के ERK pathway का पता चला है। जिससे इनके अंग वापस आ जाते हैं। अगर इंसानों में ऐसे ही किसी pathway को हम जनरेट कर पाएं तो शायद इंसानों में भी हम ऐसा ही कुछ कर सकते हैं। फिलहाल इस पर काफी शोध किए जाने बाकी हैं।