domain क्या है मतलब समझे what is doamin meaning in hindi

domain क्या है मतलब समझे what is doamin meaning in hindi

domain क्या है मतलब समझे what is doamin meaning in hindi - अगर आप इन्टरनेट प्रयोग करते है तो आपने जरूर Doamin नाम सुना होगा पर क्या आपको पता है doamin क्या है और doamain का क्या मतलब होता है ( Domain Meaning ) Doamin कैसे और कहा से खरीदा जा सकता है अगर नहीं तो चलिये आज जान लेते है What Is Domain..???

डोमेन क्या होता है
दुनिया मे जिस प्रकार हर इंसान का कोई न कोई नाम होता है ठीक उसी तरह से इन्टरनेट की दुनिया मे भी है | लेकिन शुरुवात मे इन्टरनेट ऐसा नहीं था क्योकि बहुत कम वैबसाइट होने के कारण उनका पता एक IP Address 233.122.112.223 जैसा कुछ होता है |


domain क्या है मतलब समझे




भविष्य की संभावनाओ को देखते हुए डोमेन नाम प्रणाली को बनाया गया क्योकि आज के दौर मे मौजूद करोडो वैबसाइट का परबंधन करना बहुत ही मुश्किल है अगर हर वैबसाइट को पहचानने की वयवस्था न हो तो इन्टरनेट की कोई उपयोगिता नहीं रह जाती है | जब भी कोई न्यू वैबसाइट इन्टरनेट पर डाली जाती है तो उसे एक आईपी एड्रेस दिया जाता है जो अंको मे होता है जैसे - 321.333.554.555. | अब इस तरह के एड्रेस को याद रखना कितना मुश्किल का काम है यह नंबर देखकर ही समझ मे आ जाता है इसी कारण वैबसाइट के लिए डोमेन नाम की व्यवस्था की गई | डोमिन नाम उस वैबसाइट के आईपी एड्रेस का विकल्प होता है | जब कोई इन्टरनेट पर किसी वैबसाइट का एड्रेस डालता है तो डोमेन नाम का सर्वर उसे आई. पी. एड्रेस मे बादल देता है | फिर हम हमारे द्वारा सर्च किए गए वैबसाइट पर पहुँच बना पाते है |
आईपी एड्रेस को याद रखना काफी मुश्किल है जबकि डोमेन को याद रखना काफी आसान है इसलिए यह व्यवस्था पहले के मुक़ाबले बहुत सरल है |
ICANN - इन्टरनेशनल कॉर्पोरेशन फॉर असाइण्ड नेम एंड नम्बर एक अमेरिकी संस्था है जो दुनिया भर के Domain को मैनेज करती है |
अगर आप अपने वैबसाइट के लिए या ब्लॉग के लिए कोई डोमेन लेना चाहते है तो आप ICANN से सर्टिफाइड किसी भी Doamin Name Registar से Doamin Name Registar कर सकते है | जब आप डोमेन खरीद लेते है तो आपको इस तरह का एक एड्रेस मिलता है जैसे - www.kmgweb.in, www.google.com |

Doamin कैसे खरीदे हिन्दी मे जानिए

अगर आप कोई वैबसाइट बनाना चाहते है तो आपको domain name की जरूरत पड़ेगी जिसके लिए आप Domain इन वैबसाइट से खरीद सकते है Godaday, या फिर Bigrock यहा क्लिक से Domain Buy करे |
5जी 4जी 3 जी नेटवर्क तकनीकी क्या है 5g kya hai matlab smajhe

5जी 4जी 3 जी नेटवर्क तकनीकी क्या है 5g kya hai matlab smajhe

5जी 4जी 3 जी नेटवर्क तकनीकी क्या है 5g kya hai matlab smajhe - इंटरनेट का जमाना है तो हम समझा रहे है meaning in hindi 4g 5g 3g नेटवर्क तकनीकी क्या है ?

आज इंटरनेट का युग है लोग दोस्तो परिवार से मिले या ना मिले लेकिन इंटरनेट से मिलना नहीं भूलते लेकिन जिस इंटरनेट का हम इस्तेमाल कर रहे है उसमे 1G kya hai, 2G kya hota hai, 3G, 4G kya hota hai, 5G क्या है आपको पता है | अगर नहीं तो आज हम मतलब समझेंगे की 1G, 2G, 3G, 4G, 5G क्या होता है |

एक समय था जब हम 1G का प्रयोग करते थे और आज हम 4G प्रयोग कर रहे है | जब से 4G तकनीकी आया है मानो इन्टरनेट बदल चुका है | आज हम इन्टरनेट पर कुछ भी बहुत ही तेजी से सर्च कर सकते है और अगर आपको 4G धीमा लगता है तो भारतीयो के लिए खुशी की बात है क्योकि बहुत जल्द भारत मे 5G आने वाला है |



smart phone

1जी, 2जी, 3जी, 4जी, 5जी तकनीकी का मतलब हिन्दी मे

पहले तो आपको पता होना चाहिए G का क्या मतलब है तो आपको बता दे G का मतलब जेनरेशन से है और जब भी किसी फोन मे न्यू तकनीकी लाई जाती है तो उसे नेक्स्ट जेनेरेशन का स्मार्टफोन कहा जाता है |
1G तकनीकी मतलब समझे - 1G तकनीकी की शुरुवात सबसे पहले अमेरिका मे हुआ था और यह जो फोन था उसमे बैटरी लाइफ बहुत खराब होती थी साथ ही वाइस क्वालिटी भी बहुत खराब तरह की थी |

2G तकनीकी मतलब समझे - यह तकनीकी GSM पर आधारित है इसमे डिजिटल सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता था | 2G की स्पीड 64 kbps थी | इसकी स्थापना फिनलैंड मे किया गया | इस फोन के फ्यूचर मे एसएमएस, कैमरा, और मेल इत्यादि सर्विस शामिल थी |


3G तकनीकी मतलब समझे - इस तकनीकी मे बड़े गेस, बड़ी फाइले ट्रांसफर और Vidio call फ्यूचर आए साथ ही इन्हे स्मार्टफोन के नाम से जाना जाने लगा | इसमे न्यू डाटा प्लान को शामिल किया गया |

4G तकनीकी मतलब समझे - 4G तकनीकी आने से इंटरनेट स्पीड फास्ट हो गई जोकि 100 mbps की है लेकिन यह 3G से महगा है |

5G तकनीकी मतलब समझे - इस तकनीकी के आने से हाई सिक्यूरिटी मिल सकती है साथ ही यह तकनीकी भविष्य की वायरलेस तकनीकी होगी और इसकी इंटरनेट स्पीड की कोई लिमिट नहीं होगी ऐसा माना जा रहा है |
मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online कैसे पता करे

मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online कैसे पता करे

मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online पता करे - आपका मोबाइल नहीं मिल रहा है तो आप मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online पता कर सकते लेकिन कैसे ? इसका जवाब mobail अगर नहीं मिले तो लोकेशन trace किया जा सकता है | अगर आपका मोबाइल चोरी हो गया है या खो गया है तो आप मोबाइल नंबर से फोन की location पता कर सकते है ?


मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online पता करे


मोबाइल नंबर सही लोकेशन app से कैसे पता करे ?

आपको प्ले स्टोर मे बहुत सारे एप्स मिलेंगे जो दावा करते है की मोबाइल की सही लोकेशन हम पता करके आपको बता सकते है | हमने प्रयोग मे भी लिया है लेकिन वह सब fake होते है और लोकेशन भी सही से नहीं बता पाते है ऐसे मे किस तरह से मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online पता करे के बारे मे आपको चाहिए |

मोबाइल नंबर की सही लोकेशन online कैसे पता करे

अगर आपको अपने मोबाइल की सही लोकेशन पता करना है तो आपको कुछ स्टेप को फॉलो करना होगा -
  • सबसे पहले तो आपको find my device को खोलना है |
  • अब आपको अपने ईमेल id के माध्यम से login करना होगा |
  • अब आप find my device के page पर आ जाएंगे |
  • अब आपको कई तरह के ऑप्शन दिखाई देंगे जिसमे लोकेशन पता करना एक तरीका है |

आप इस माध्यम से अपने silent phone पर ring कर सकते है  साथ ही अपने खोये हुए फोन को lock भी कर सकते है |

पुलिस का मदद से चोरी हुए फोन को पाये
अगर आप ऊपर बताए हुए रास्ते से आपकी फोन की लोकेशन नहीं पता चली तो आप अपने फोन की चोरी का कम्पलेन पुलिस से कर सकते है वह आपके फोन को ढूंढने आपकी मदद करेगी | आप इस वीडियो को देखे कैसे पुलिस आपको फोन को खोजती है
सोलर पैनल घर के लिए की कीमत price 2019 up

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सोलर पैनल घर के लिए

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सौलर पैनल का नाम तो आप सभी सुना होगा लेकिन यह सौलर पैनल है क्या ? आपको मालूम ही होगा की भारत देश मे बिजली की कीमत मे बहुत ज्यादा इजाफा होता चला जा रहा है | इसलिए अपनी बिजली की आपूर्ति के लिए लोगो का रुझान सौर ऊर्जा की और बढ़ रहा है | सरकार भी जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत सौर पीवी प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए कई सारे कदम बढ़ा रही है | अगर आप इस योजना के तहत सौर पैनल खरीदते है तो गवर्नमेंट आपको सबसिडी प्रदान करती है | सौर पैनल सूर्य की ऊर्जा से आपको रोशनी प्रदान करती है इसलिए इसमे बिजली की खपत नहीं होती है | लेकिन एक बार आपको सौलर पैनल लगाने का खर्च उठाना पढ़ता है |

एक बड़ा Solar Panel बनाने के लिए कई छोटे छोटे Solar cells का उपयोग किया जाता है और इन्हें वैज्ञानिक भाषा में हम solar module के नाम से भी जानते है और इन्हें ही photo voltaic cell भी कहा जाता है और इनकी खासियत यह होती है कि जैसे ही इन पर प्रकाश पड़ता है वैसे ही यह कुछ वोल्टेज उत्पन करते है लेकिन यह मात्रा बहुत कम होती है इसलिए इन्ही छोटे छोटे cells को मिलाकर एक बड़ा solar panel बनाया जाता है ताकि एक पर्याप्त मात्रा में इतना वोल्टेज प्राप्त किया जा सके कि वह हमारे काम के उपकरणों को चलाने लायक हो जाये |

1 KW सोलर पैनल की कीमत 2019

Luminous 1kw सोलर पैनल की कीमत (Pricenmore.Com)

Modelरेटिंगमूल्य
लूम सौर PV मॉड्यूल 3 वाट / 6 वोल्ट3W / 6 वोल्टRs.270
लूम सौर PV मॉड्यूल 10 वाट / 12 वोल्ट10W / 12 वोल्टRs.740
लूम सौर PV मॉड्यूल 20 वाट / 12 वोल्ट20W / 12 वोल्टRs.1,330
लूम सौर PV मॉड्यूल 37 वाट / 12 वोल्ट37W / 12 वोल्टRs.1,970
लूम सौर PV मॉड्यूल 40 वाट / 12 वोल्ट40W / 12 वोल्टRs.2,040
लूम सौर PV मॉड्यूल 60 वाट / 12 वोल्ट60W / 12 वोल्टRs.3060
लूम सौर PV मॉड्यूल 75 वाट / 12 वोल्ट75W / 12 वोल्टRs.3,620
लूम सौर PV मॉड्यूल 80 वाट / 12 वोल्ट80W / 12 वोल्टRs.3,880
लूम सौर PV मॉड्यूल 100 वाट / 12 वोल्ट100W / 12 वोल्टRs.4380
लूम सौर PV मॉड्यूल 150 वाट / 12 वोल्ट150W / 12 वोल्टRs.6440
लूम सौर PV मॉड्यूल 200 वाट / 24 वोल्ट200W / 24 वोल्टRs.8960
लूम सौर PV मॉड्यूल 250 वाट / 24 वोल्ट250W / 24 वोल्टRs.9720
लूम सौर PV मॉड्यूल 270 वाट / 24 वोल्ट270W / 24 वोल्टRs.9720
लूम सौर PV मॉड्यूल 300 वाट / 24 वोल्ट300W / 24 वोल्टRs.10,800

Sukam 1kw सोलर पैनल की कीमत (Solarenergypanels.In)

ModelPrice
10W 12 Volt833
20W 12 Volt1463
50W 12 Volt2513
75W 12 Volt3073
80W 12 Volt4683
100W 12 Volt5873
125W 12 Volt7273
150W 12 Volt8743
250W 24V13678
300W 24 Volt16,513

सोलर पैनल घर के लिए 1 KW PRICE

सौलर पैनल खरीदने से पहले आपको यह पता लगा लेना चाहिए आपको कितनी बिजली खपत करनी है | मान लीजिए आप घर मे 1 महीने के अंदर 150 यूनिट बिजली की खपत करते है | इस हिसाब से आप रोजाना 5 यूनिट का प्रयोग करते है | अगर आपका बिजली खर्च इतना ही है तो आप 1 KW का सौलर सिस्टम लगाए |

1 किलोवाट का सोलर पैनल आपको 1 दिन में लगभग 5 -6 यूनिट बिजली दे देता है जिससे कि आप अपने घर के उपकरण चला सकते हैं. अगर आप 5 – 6 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो आपको एक किलोवाट से ज्यादा का सोलर सिस्टम लगवाना पड़ेगा.
सौलर पैनल के बारे मे आज के लिए बस इतना ही आगे हम और भी जानकारी आपके लिए लेकर आएंगे अगर आपको सौलर पैनल सिस्टम के बारे मे कुछ पूछना है तो कमेन्ट मे सवाल लिखे |

भारत के वीर जवान website क्या है ? bharat ke veer javan app

भारत के वीर जवान website क्या है ? bharat ke veer javan app

'भारत के वीर जवान website क्या है ? - बॉलीवुड एक्टर के सुझाव पर गृह मंत्रालय ने 'भारत के वीर जवान website बनाया है क्या है ? वैबसाइट या भारत के वीर जवान App website के माध्यम से आप भारत के वीर सैनिको की मदद कर सकते है | आज आपको 'भारत के वीर जवान website के बारे मे बताने जा 
है जैसे - 'भारत के वीर जवान website क्या है ? 'भारत के वीर जवान app के बारे मे क्या है ?


भारत के वीर जवान app


भारत के वीर जवान app क्या है ?

आपको बता दें, 'भारत के वीर' वेबसाइट या एप के जरिए आम हो या फिर खास कोई भी शहीद सैनिकों के परिवारवालों के बैंक अकाउंट में सीधे पैसा ट्रांसफर कर सकता है। इस वेबसाइट की सफलता के बाद अब इसे एक कदम और आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट में तबदील कर दिया गया है |

अगर आपको अपने देश और देशवासियो से प्रेम है और खासकर वीर जवान सैनिकों से तो आप अपने कमाई का कुछ हिस्सा वीर जवान सैनिकों के परिवार वाले को दान मे दे सकते है |

भारत के वीर जवान app प्रयोग कैसे करे

  • सबसे पहले आपको प्ले स्टोर से भारत के वीर जवान app को download करना है 
  • एप को डाउनलोड करने के बाद आप एप को ओपन करे 
  • अब आपको जिस भी वीर शहीद जवान को डोनेट करना है उसे सेलेक्ट करे |
  • इस तरह से आप भारत के वीर जवान को डोनेट कर सकते है |

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ATM पिन में क्यों होते हैं सिर्फ 4 डिजिट? जानें ऐसे ही 8 सवालों के जवाब

ATM पिन में क्यों होते हैं सिर्फ 4 डिजिट? जानें ऐसे ही 8 सवालों के जवाब

कई बार कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें देख कर कभी न कभी मन में ये सवाल जरूर आता है कि ऐसा क्यों होता है। ATM में 4 डिजिट का पिन ही क्यों होता है? या फिर आईफोन के हर ऐड में हैंडसेट पर 9:41 ही क्यों बजा होता है? हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही 8 सवाल और उनके इंट्रेस्टिंग जवाब...



ATM मशीन का इंवेंशन स्कॉटिश इन्वेंटर John Adrian Shepherd-Barron ने किया था। इसका इस्तेमाल साल 1967 से किया जा रहा है। मशीन बनाते वक्त Shepherd-Barron ने पिन के लिए 6 डिजिट नंबर सजेस्ट किया था। लेकिन हुआ ये कि उनकी वाइफ कैरोलाइन को 6 डिजिट पिन याद करने में दिक्कत आ रही थी, वो सिर्फ 4 डिजिट तक पिन नंबर याद कर पा रही थीं। तब से ATM का पिन मात्र 4 डिजिट का हो गया।

आपको बता दें कि कुछ बैंको के ATM पिन 6 डिजिट के हैं इनमें कोटक महिंद्रा बैंक भी शामिल है।



आपने आईफोन का ऐड गौर से देखा हो तो आप उसमें फोन की स्क्रीन पर हमेशा 9:41 AM का टाइम ही शो होते देखेंगे। दरअसल, ये वही समय है जब दुनिया ने एप्पल के आईफोन की पहली झलक देखी थी। आईफोन और आईपेड के ऐड में 9:41 का वक्त दिखाने का चलन साल 2007 में मेकवर्ल्ड कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो से शुरू हुआ। इसी इवेंट में एप्पल के तत्कालीन CEO स्टीव जॉब्स ने एक हिस्टोरिकल की-नोट प्रेजेंटेशन दिया था, और आईफोन की पहली झलक दिखाई थी। इवेंट से पहले जॉब्स ने सोचा कि क्यों ना जब आईफोन दुनिया के सामने आए तो उसकी स्क्रीन पर वही टाइम दिखे जो ऑडियंस की घड़ी में हो रहा हो। प्लानिंग के मुताबिक 9 बजे शुरू होने वाला प्रेजेंटेशन 40 मिनट में पूरा हो जाना था और उसके बाद आईफोन की झलक दिखानी थी।


इसका कारण मैनुअल टाइपराइटर्स के समय से जुड़ा हुआ है। पहले मैनुअल टाइपराइटर में अल्फाबेटिकल ऑर्डर में ही Keys को अरेंज किया गया था, लेकिन उस समय टाइपिस्ट इतना फास्ट टाइप करते थे कि टाइपराइटर जल्दी खराब हो जते। ऐसे में टाइपिंग स्पीड को स्लो करने के लिए Keys को QWERTY स्टाइल में अरेंज कर दिया गया। इस रैंडम अरेंजमेंट को ही स्टैंडर्ड मान लिया गया और ये आज तक फॉलो किए जा रहे हैं।


माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज XP ऑपरेटिंग सिस्टम का वो सिंपल और अट्रैक्टिव सा वॉलपेपर आपको भी याद होगा। इसका नाम Bliss है। इसमें रोलिंग ग्रीन हिल्स, ब्लू स्काई और सफेद खूबसूरत बादल दिखाई देता है। दरअसल, ये कैलिफोर्निया स्थित सोनोमा काउंटी के अमेरिकन विटिकल्चरल एरिया का फोटो है। नेशनल जिओग्राफी के फोटोग्राफर Charles O'Rear ने 1996 में ये लैंडस्केप फोटो खींची थी।


एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स नया और इनोवेटिव लोगो बनाना चाहते थे। इस काम के लिए उन्होंने Rob Janoff को हायर किया। लोगो के कटे होने का कारण बताते हुए Janoff कहते हैं कि हम चाहते थे लोग इसे एप्पल ही समझें चेरी नहीं। हालांकि, एप्पल 'bite' को कम्प्यूटर के 'Byte' से भी जेड़कर देखा जाता है।
आपको बता दें कि साल 1976 में एप्पल के तीसरे को-फाउंडर Ronald Wayne ने एप्पल का पहला लोगो डिजाइन किया था। इसमें एप्पल के पेड़ के नीचे बैठे न्यूटन को दिखाया गया था


कुछ लोगों का मानना है कि ये कोई लाइट सेंसर है। वहीं, कुछ का कहना है कि ये माइक्रोफोन हो सकता है। कइयों का मानना तो ये है कि ये कोई रिसेट बटन है। अगर आपको भी ऐसा ही कुछ लगता है तो आपको बता दें कि ऐसा कुछ भी नहीं है। सच तो ये है कि ये एक माइक्रोफोन है लेकिन ये आपकी आवाज नहीं सुनता। इसे नॉइज कैंसलिंग माइक्रोफोन कहते हैं। ये बैकग्राउंड नॉइस को कम करने का काम करता है, जिससे कॉलर को क्रिस्टल क्लियर वॉइस सुनाई दे।


फेसबुक के नीले रंग में रंगे होने के पीछे सीधा सा कारण है। इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का कलर ब्लाइंड होना। न्यूयॉर्कर को दिए अपने एक इंटरव्यू में मार्क ने कहा की उन्हें लाल और हरा रंग दिखाई नहीं देता है। इसलिए नीला रंग उनके लिए सबसे आसान रंग है। फेसबुक शुरू से ही एक ही रंग में रंगा हुआ है। मार्के इसे हमेशा से जितना हो सके उतना सादा बनाना चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने फेसबुक को नीले रंग में रंग दिया।


नोकिया के लोगो में जो दो हाथ दिखाई देते हैं वो कोई इलस्ट्रेशन या इमेज नहीं है बल्कि ये फिनलैंड के दो मॉडल्स के हाथ हैं। एक हाथ बच्चे का है और दूसरा मेल का। कंपनी ने इन मॉडल्स को एजेंसी के जरिए हायर किया था। Janne Lehtinen नाम के आर्टिस्ट ने इस लोगो को फिनिशिंग दी है।

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दुनिया में कैसे आया एटीएम, पहली बार कहाँ निकला "पैसा"

दुनिया में कैसे आया एटीएम, पहली बार कहाँ निकला "पैसा"

हममे से हर एक व्‍यक्‍ति रोजाना ATM यानी की आटोमेटिड टैलर मशीन का उपयोग करता है। लेकिन आपको पता है ATM मशीन का अविष्कार कैसे हुआ? किसने बनाया इसे? और क्या है इसका भारत से कनेक्शन? और कहां इससे पहली बार पैसे निकाले गए? आइए आपको बताते हैं कैसे हुआ ATM मशीन का अविष्कार? और किस भारतीय ने इसे बनाया।

आज के दौर में जबकि पूरी दुनिया में बैंकिंग व्यवस्था बेहद एडवांस हो चुकी है और यहां तक कि मोबाइल पर आ चुकी है, वहां हर व्‍यक्‍ति ATM को न केवल ठीक से जानता है बल्कि उसका प्रयोग भी करता है। भारत में भी हर बैंक का ATM है और यह अब बेहद अनिवार्य जरूरत बन गई है।

ATM का पूरा नाम आटोमेटिड टैलर मशीन यानी की स्वचालित गणक मशीन है। भारत में इसे ATM ही कहा जाता है जबकि यूरोप, अमेरिका व रूस आदि में आटोमेटिक बैंकिंग मशीन, कैश पाइंट, होल इन द वॉल, बैंनकोमैट कहा जाता है।

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ATM एक ऐसी मशीन है, जिसका कनेक्शन कंप्यूटर से होता है। यह निर्धारित बैंकों के कस्टमर को कैश या नकदी पैसे उपलब्ध कराने में सहायक होता है। खास बात यह है कि इस कैश ट्रांजेक्‍शन में कस्टमर को कैशियर, क्लर्क या बैंक टैलर आवश्यकता नहीं होती है।

दुनिया में ATM मशीन के अविष्कार का विचार एक साथ कई देशों में आया। यह जापान, स्वीडन, अमेरिका और इंग्लैंड में जन्म और विकसित हुआ। हालांकि सबसे पहले इसका प्रयोग कहां शुरू हुआ यह अभी तय नहीं हो पाया है।

बहरहाल, देखा जाए तो विश्व में ATM के अविष्कार को लेकर कई देशों के अलग-अलग दावे हैं। लंदन और न्यूयॉर्क में सबसे पहले इससे प्रयोग में लाए जाने के उल्लेख मिलते हैं। 1960 के दशक में इसे बैंकोग्राफ के नाम से जाना जाता था।




कुछ दावों के अनुसार ATM का सबसे पहले प्रयोग 1961 में सिटी बैंक ऑफ न्यूयॉर्क के ग्राहकों के लिए किया गया था। हालांकि ग्राहकों ने तब इसे अस्वीकृत कर दिया था। इस कारण छह माह के बाद ही इससे हटा लिया गया था। इसके बाद टोक्यो, जापान में 1966 में इसका उपयोग हुआ था।

यूरोप में यानी की ब्रिटेन की राजधानी लंदन में ATM का प्रयोग किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इंग्लैंड ने प्रयोग में लाई गई मशीन के अविष्कार का श्रेय जॉन शेपर्ड को जाता है। हालांकि इसके विकास में इंजीनियर डे ला रूई का भी महत्त्वपूर्ण योगदान है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जॉन शेपर्ड का जन्म। ब्रिटिशकालीन भारत में ही हुआ था। जॉन भारत में पूर्वोत्तचर राज्य असम के शिलांग और वर्तमान में मेघालय के शिलांग के जन्में थे। जॉन शेफर्ड बैरन का जन्म 23 जून 1925 को मेघालय के शिलांग में हुआ था। उनके स्कॉटिश पिता विलफ्रिड बैरन चीफ इंजीनियर थे।

ATM बनाने वाले जॉन शेफॉर्ड को ही एटीएम के पिन का भी अविष्कारक कहा गया। उन्होंने ही चार नंबर के पिन का भी अविष्कार किया, जिसका आज भी प्रचलन है। इसका प्रयोग 27 जून, 1967 में लंदन के बार्केले बैंक ने किया था।

जॉन शेफर्ड बैरन की मृत्यु् हाल ही में यानी की 15 मई 2010 को हुई थी।

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डिजिटल मार्केटिंग कोर्स क्या है digital marketing course in hindi

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digital marketing course kya hai in hindi - डिजिटल मार्केटिंग कोर्स क्या है लोग इन हिन्दी मे जानने की कोशिश करते है | ऐसे मे हमारी के माध्यम से आज आपको डिजिटल मार्केटिंग क्या है के बारे मे बताने वाले है | आज के दौर मे डिजिटल मार्केटिंग की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है और इस कारण इस क्षेत्र मे बहुत सारे जॉब्स नौकरी भी बढ़ती चली जा रही है | इसलिए इंटरनेट पर लोग search कर रहे है - डिजिटल मार्केटिंग क्या है इन हिंदी डिजिटल मार्केटिंग कोर्स डिजिटल मार्केटिंग में करियर डिजिटल मार्केटिंग कोर्स इन हिंदी डिजिटल मार्केटिंग कोर्स फीस डिजिटल मार्केटिंग कोर्स इन हिंदी पीडीएफ व्हाट इस डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग कोर्स digital marketing course


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डिजिटल मार्केटिंग के बारे मे क्या है

डिजिटल मार्केटिंग मे करियर के बारे मे जानने से पहले आपको बता दे डिजिटल मार्केटिंग क्या है तो आपको बता दे - अपनी वस्तुओ या सेवाओ को डिजिटल तरीके से बेचना या सेवाए प्रदान करना डिजिटल मार्केटिंग कहलाता है | जैसे - मोबाइल रिचार्ज, paytm shop से कुछ खरीदना |

अब आपको यह तो समझ मे आ चुका है कि डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट के प्रयोग से और phone tablet computer के माध्यम से किया जाता है |

डिजिटल मार्केटिंग मे करियर -

आज के समय मे डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र मे करियर बनाना चाहते है तो आप सबसे डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र मे बढ़िया नालेज प्राप्त करे | हम आपको आगे कुछ डिजिटल मार्केटिंग मे उपलबध्य क्षेत्र के बारे मे बताने जा रहे है -

सर्च इंजन ओप्टीमाईजेशन SEO 
जब आप गूगल या याहू search मे कुछ सर्च करते है तो आपके सामने कई परिणाम खुल कर सामने आते है और यह परिणाम का जो क्रम होता है | जैसे - सबसे ऊपर कोई परिणाम आना | यह सब seo का कमाल होता है | तो आप इस क्षेत्र मे निपुण होकर भी डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ सकते है |

डिजिटल मार्केटिंग की शुरुवात कैसे करे

  • आज के समय मे ऐसे बहुत से ब्लॉग इंटरनेट पर मौजूद है जो online digital marketing course की पूरी जानकारी आपको बताते है |
  • डिजिटल मार्केटिंग करने के बारे ऐसे बहुत से प्रोग्राम किए जाते है जिसमे आपको शामिल होना चाहिए और अधिक जानकारी डिजिटल मार्केटिंग की लेनी चाहिए |
  • सबसे अच्छा तरीका है आप अपना खुद की वैबसाइट [ ब्लॉग ] की शुरुवात करे | यहा क्लिक से जाने वैबसाइट कैसे बनाए |
डिजिटल मार्केटिंग करने वालो की वेतन - 
आपको जान कर हैरानी हो सकती है लेकिन यह सच है एक डिजिटल मार्केटिंग करने वाले की वेतन 20 हजार से 1 लाख तक या इससे भी अधिक हर महीने हो सकती है | इतना ही नहीं अगर आपकी पकड़ अच्छी डिजिटल मार्केटिंग मे हो चुकी है तो आप कुछ ही सालो मे खुद के बॉस और खुद का ऑफिस भी बना पाओगे |


अगर आपको डिजिटल मार्केटिंग के बारे मे कुछ पुंछना है तो आप अपने सवाल कमेन्ट मे लिखे हम आपको बहुत जल्दी ही आपके सवालो के जवाब देंगे |