सुंदर वर वधू चाहिए शादी के लिए तस्वीर shadi ke lie var vadhu chahiye

सुंदर वर वधू चाहिए शादी के लिए तस्वीर shadi ke lie var vadhu chahiye

shadi ke lie ladki ladka var vadhu - एक अच्छी जीवनसाथी की जरूरत भला किसे नहीं होती इसलिए तो लोग शादी के लड़की सुंदर सुशील एंव आकर्षक दिखने वाली चाहते है | कुछ लोगो के जीवन मे अच्छी लड़की ढूंढने पर मिल जाती है लेकिन कुछ तलाश मे रहते है लेकिन उन्हे मिल नहीं पाती | ऐसे मे हम आपको ऑनलाइन शादी के लिए सुंदर लड़की कैसे ढूँढे रास्ता बता रहे है | आज इंटरनेट पर लगभग सभी कार्या किए जा सकते है जिसमे से शादी के लिए लड़की खोजना भी शामिल है | shadi vivah var vadhu chahiye.
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अगर आप भी खोज रहे है लड़की या लड़का शादी के लिए तो आप सबसे पहले यही पर नीचे कमेन्ट माध्यम से अपना नाम पता, आप क्या करते है इत्यादि लिखे या फिर हमे इस ईमेल एड्रेस पर अपने शादी वाली फोटो के साथ भेज दे हम आपकी जाती, सुंदर, नौकरी वाली लड़की शादी के लिए सभी प्रकार की लड़की जो हमारे रिकार्ड मे पहले से मौजूद है उन्हे आपसे संपर्क करवा देंगे |


ऑनलाइन शादी के लिए वर चाहिए वधू चाहिए - 

आज इंटरनेट पर कई तरह की वैबसाइट है जैसे शादी डॉट कॉम, जीवनसाथी, सिंपली मेरी, भारत मेट्रीमनी इत्यादि जहा पर रजिस्टर करके आप खुद के हम उम्र की लड़की शादी के लिए, लड़का वर वधू इत्यादि आसानी से तलाश किया जा सकता है |
अगर चाहते है जल्दी आपके उम्र की लड़की मिल जाए जो आपको पसंद आ जाए साथ ही आपके परिवार को भी तो भारत मेट्रीमनी वैबसाइट पर जाकर रजिस्टर हो | आपको बेहतरीन लड़का लड़की मिलेंगे शादी के लिए | एक सफल एंव सुंखमय जीवन के लिए बेहतर लाइफ पार्टनर की जरूरत होती है इसलिए खुद के जीवन मे आने वाली लड़की बेहतर खोजे अपनाए यह तरीका और पाए बेहतर जीवन साथी |


भारत मेट्रिमनि पर फ्री रजिस्ट्रर से ढूँढे शादी के लिए लड़की - 

  • सबसे पहले आप भारत मेट्रीमनी वैबसाइट पर जाए यहा क्लिक से
  • अब आपको एक फ्री रजिस्ट्रेशन फार्म भरना होगा |
  • रजिस्ट्रेशन फार्म मे अपना नाम, मोबाइल नंबर, आपका कार्य व्यवसाय, एक अच्छा सा फोटो इत्यादि जानकारी देनी होगी |
  • रजिस्टर पूरा होने के बाद आपको जाती धर्म इत्यादि से मैच लड़की या लड़का का फोटो, मोबाइल नंबर सभी जानकारी दिखाई देने लगेगी |
  • अब आपको जो भी लड़की या लड़का शादी के लिए पसंद हो उसकी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर एक डाइरी मे save करे और फिर फोन काल करके रिश्ते की बात शुरू करे |
तो यह 2 तरीके से आप अपनी शादी के लिए लड़की या लड़का ढूंढ सकते है | कोई समस्या आए तो संपर्क कर सकते है |
शादी के 7 पवित्र वचन क्या है जानिए shadi ke 7 vachan

शादी के 7 पवित्र वचन क्या है जानिए shadi ke 7 vachan

shadi ke 7 vachan - हिन्दू धर्म मे शादी के समय पति पत्नी एक दूसरे को साक्षी मानकर 7 वचन देते है | इन 7 शादी के वचन का दांपत्य जीवन मे बहुत ही महत्व होता है | तो आज हम आपको पति के द्वारा पत्नी के दिए जाने वाले 7 वचन को बता रहे है | विवाह के 7 वचन का मतलब |

शादी का पहला वचन - तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या: वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी!
मतलब - कन्या वर से कहती है कि अगर आप कभी भी तीर्थ यात्रा को जाओगे तो मुझे भी अपने साथ लेकर जाएँगे | कोई व्रत या उपवास या कोई भी अन्य धार्मिक कार्य करेंगे तो आज की तरह मुझे आओने वाम भाग मे जरूर स्थान देंगे | यदि यह सब आपको स्वीकार है तो मैं भी आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हु |
  • किसी भी प्रकार का धार्मिक कार्य को पूरी तरह से सफल होने के लिए पति का पत्नी का होना अनिवार्य माना जाता है | तो इस वचन के माध्यम से धार्मिक कार्यो मे पत्नी की उपस्थिती व महत्व को स्पष्ट किया गया है |



vivah ke 7 vachan


शादी का दूसरा वचन - पुज्यो यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या: वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम!
मतलब - इस वचन मे कन्या वर से वचन मांगती है कि जिस तरह से आप खुद के माता पिता का सम्मान करते है थी उसी तरह से मेरे माता पिता का भी सम्मान करे  तथा कुटुम्ब की मर्यादा के अनुसार धर्मानुष्ठान करते हुए ईश्वर भक्त बने रहें तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूं |
  • यहां इस वचन के द्वारा कन्या की दूरदृष्टि का आभास होता है। उपरोक्त वचन को ध्यान में रख वर को अपने ससुराल पक्ष के साथ सदव्यवहार के लिए अवश्य विचार करना चाहिए |


विवाह का तीसरा वचन - जीवनम अवस्थात्रये पालनां कुर्यात वामांगंयामितदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं तृतीयं!!
मतलब - इस वचन मे कन्या वर से कहती है कि आप मुझे तीनों अवस्थाओ युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था मे मेरा पालन पोषण करेंगे तो फिर ही मे आपके वामांग मे आने को तैयार हु |

विवाह का चौथा वचन - कुटुम्बसंपालनसर्वकार्य कर्तु प्रतिज्ञां यदि कातं कुर्या: वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं चतुर्थ:।।
मतलब - कन्या वचन मागति है कि अभी तक आप घर परिवार की चिंता से स्वतंत्र थे लेकिन अब आप विवाह बंधन मे बंधने जा रहे है | तो भविष्य मे परिवार की समस्त आवशकताओ को पूरा करने की ज़िम्मेदारी आपके कंधो पर है | यदि आप इस भार को उठाने की प्रतिज्ञा करे तो ही मैं आपके वामांग मे आ सकती हु |
  • इस वचन से साफ पता चलता है कन्या वर से उसके भविष्य के उत्तरदायित्वों के प्रति ध्यान आकृष्ट करती है | साथ ही इस वचन मे यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुत्र का विवाह तभी करना चाहिए जब वह अपने पैरो पर खड़ा हो |
शादी का पांचवा वचन - स्वसद्यकार्ये व्यहारकर्मण्ये व्यये मामापि मन्‍त्रयेथा वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: पंचमत्र कन्या!!
मतलब - इस वचन मे कन्या वर से कहती है अपने घर के कामो मे जैसे लेन देन या अन्य किसी प्रकार के खर्च इत्यादि मे अगर आप मेरा भी सलाह लिया करे तो मैं आपके वामांग मे आने को स्वीकार करती हु |

  • यह वचन पत्नी के अधिकारो को प्रदर्शित करता है | अगर वर द्वारा किसी काम को करने से पहले पत्नी से सलाह ले तो इससे पत्नी का सम्मान बढ़ता है साथ ही पत्नी को अपने अधिकारो के प्रति संतुष्टि का भी आभाष होता है |
विवाह का छठवा वचनन मेपमानमं सविधे सखीना द्यूतं न वा दुर्व्यसनं भंजश्वेत वामाम्गमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं च षष्ठम!!
मतलब - इस वचन मे कन्या कहती है अगर मैं अपने सहेलीयो या किसी अन्य स्त्रीयो के साथ बैठी हु तो आप वहा सबके सम्मुख किसी भी कारण से मेरा अपमान नहीं करेंगे | साथ ही अगर आप खुद को किसी तरह की बुरी लत जैसे जुआ से खुद को दूर रखेगे तो मैं आपने वामांग मे आना स्वीकार करती हु |

विवाह का सातवा वचन - परस्त्रियं मातूसमां समीक्ष्य स्नेहं सदा चेन्मयि कान्त कूर्या। वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: सप्तमंत्र कन्या!!
मतलब - यह विवाह का अंतिम वचन होता है और इस वचन मे कन्या वर मांगती है कि आप पराई स्त्रियो को माता के समान समझेंगे और पति पत्नी के आपसी प्रेम के मध्य अन्य किसी भागीदारी न बनाएँगे | अगर आप यह वचन मुझे दे तो मैं आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हु |
  • इस वचन से पता चलता है कि कन्या अपने भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास करती है |
ऑनलाइन शादी रजिस्ट्रेशन कैसे करे फीस 100 रुपए

ऑनलाइन शादी रजिस्ट्रेशन कैसे करे फीस 100 रुपए

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शादी का सर्टिफिकेट कैसे मिलेगा और इसकी क्या उपयोगिता है आपको अभी हाल ही मे हमने बताया था यहा क्लिक से पढे ......... कुछ राज्यो मे मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना बहुत आसान सा हो गया है क्योकि कई राज्यो मे Online Marriage सर्टिफिकेट बनाने की सर्विस मौजूद है तो चलिये जानते है ऑनलाइन मैरीज़ सर्टिफिकेट बनाने का क्या तरीका है |



ऑनलाइन कहा बनेगा शादी का सर्टिफिकेट
शादी सर्टिफिकेट कोर्ट और राज्य सरकार की वैबसाइट पर जाकर बनवाया जा सकता है दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यो मे राज्य सरकार की वैबसाइट पर मैरिज सर्टिफिकेट का फार्म भर सकते है | इन सभी राज्यो मे Marriage सर्टिफिकेट बनाने का तरीका एक जैसा ही है |



Online Marriage सर्टिफिकेट बनाने का तरीका

  • दिल्ली सरकार का रेवेन्यू डिपार्टमेन्ट ई - डिस्ट्रिक्ट नाम से वैबसाइट चलता है इसके जरिये सरकार लोगो को ऑनलाइन सर्विस दे रही है 
  • पहले आप http://edistrict.delhigovt.nic.in/in/en/Account/Register.html इस लिंक पर क्लिक करे 
  • अगर आप न्यू यूजर है ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा फिर स्क्रीन पर दिए गए इंसट्रेकशन को फॉलो करे |

  • अब आप अपने पति की पूरी जानकारी भरे और " रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज सर्टिफिकेट " पर क्लिक करे फार्म डाउनलोड हो जाएगा | आप इस फार्म मे सारी डिटेल्स भर दे और अपॉइंटमेंट की तारीख सेलेक्ट करे | सबमिट बटन पर क्लिक करके सबमिट कर दे |
  • अब आपको एक टेम्पोरेरी नंबर मिल जाएगा यह टेम्पोरेरी नंबर अक्नोलेजमेंट स्लिप पर भी होगा | आप अपने एप्लीकेशन फार्म और अक्नोलेजमेंट स्लिप का प्रिंट आउट निकालना न भूले | एप्लिकेशन फार्म का काम हो गया |
  • अप्वाइंटमेंट में सब फाइनल होने के बाद जब आपकी एप्लिकेशन अप्रूव हो जाएगी, तो ई-डिस्ट्रिक्ट के पोर्टल पर एप्लिकेशन नंबर डालकर मैरिज सर्टिफिकेट को डाउनलोड कर सकते हैं।

कितने समय मे मिलेगा अपॉइंटमेंट




  • हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत आपको एपोइंटमेंट का समय 15 दिन मे मिल जाएगा |
  • स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत आपको एपोइंटमेंट 60 दिन मे मिल जाएगा |
एपोइंटमेंट पर क्या है जरूरी -
  • एक गवाह ले जाना होगा जो आपकी शादी मे शामिल हुआ हो गवाह के पास एड्रेस प्रूफ होना जरूरी है |
  • सभी डॉकयुमेंट अटेस्टेड होना जरूरी है |
ध्यान देने योग्य बाते - 
  • ऑनलाइन फार्म जमा करते समय वैबसाइट पर अपलोड होनी फाइल का साइज़ 100 KB से ज्यादा नहीं होनी चाहिए 
  • डॉकयुमेंट अटैच जरूर करदे नहीं तो आपकी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है 

मैरिज सर्टिफिकेट लेने के लिए जरूरी दस्तावेज -

  • एड्रेस प्रूफ – हसबैंड और वाइफ दोनों का 
  • जन्मतिथि – ड्राइविंग लाइसेंस (हसबैंड और वाइफ दोनों का)
  • हसबैंड और वाइफ की 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ 
  • एक शादी की फोटोग्राफ 
  • आधार कार्ड 
  • सभी डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी सेल्फ अटे्स्टड होनी चाहिए। 
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए निमंत्रण पत्र भी चाहिए |
Marriage Register Fees
हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपए फीस है |
स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन के लिए 150 रुपए फीस है |
तत्काल मैरिज सर्टिफिकेट के लिए 10 हजार रुपए फीस है |
शादी का रजिस्ट्रेशन अब होगा अनिवार्य shadi registration free

शादी का रजिस्ट्रेशन अब होगा अनिवार्य shadi registration free

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शादी का रजिस्ट्रेशन - शादी लगभग हर कोई समय अनुसार कर ही लेता है पर कानूनन जरूरी होने के बावजूद लोग शादी का रजिस्ट्रेशन तभी कराते है जब उन्हे वीजा आदि का आवेदन करना होता है लेकिन क्या आपको पता है shaadi registration कितना जरूरी है अगर नहीं तो चलिये जानते है शादी का रजिस्ट्रेशन कितना जरूरी है और आगे चल कर इसके क्या क्या फायदे है |




Marriage Certificate -  इस बात का प्रमाण होता है की 2 लोग शादी बंधन मे बधे है | आज के दौर मे जन्म प्रमाण पत्र से ज्यादा शादी के प्रमाण पत्र को अहमियत दी जा रही है इसलिए इसे बनवाना जरूरी है | भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहाँ 2 एक्ट्स के तहत शादियो का रजिस्ट्रेशन होता है -


आपकी शादी हुई है या नहीं है और अगर हुई है तो किस तारीख को हुई है इस बात का सबूत होता है मैरिज सर्टिफिकेट, साथ ही अगर आप इन कार्यो के लिए आवेदन करते है तो मैरिज सर्टिफिकेट काम आता है -



  • बैंक खाता खोलने के लिए
  • पासपोर्ट बनाने के लिए
  • जब कोई दंपति ट्रैवल वीजा या किसी देश मे स्थायी निवाश के लिए आवेदन करता है तो मैरिज सरिटिफिकेट काफी मददगार साबित होता है |
  • जीवन बीमा की फायदे लेने के लिए भी मैरिज सर्टिफिकेट काम आता है { पति या पत्नी मे से किसी की मौत हो गई हो } नौमनी अपने आवेदन की पुष्टि मे कानूनी दस्तावेज पेश नहीं करे तो कोई बीमा कंपनी अर्जी को गंभीरता से नहीं लेती है |
  • 2006 मे सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओ के सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया था |

शादी रजिस्ट्रेशन कैसे करे तरीका - 
हिन्दू एक्ट या स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन करना बहुत ही आसान है पति पत्नी जहां रहते है उस क्षेत्र के सबडीवीजनल मजिस्ट्रेट ( एसडीएम ) के दफ्तर मे अर्जी दे सकते है | अर्जी पर पति पत्नी दोनों के हस्ताक्षर होने चाइए | अर्जी देते वक्त उसके साथ लगाए गए दस्तावेज़ की जांचपरख होती है उसके बाद शादी के लिए एक दिन तह किया जाता है जिसकी सूचना दंपति की दे दिया जाता है | सूचना मिलने पर वहाँ पहुंचे और शादी का रजिस्ट्रेन्शन करा ले | रजिस्ट्रेशन के समय एक गैजेटेड ऑफिसर को भी मौजूद रहना पड़ता है | प्रमाणपत्र उसी दिन जारी कर दिया जाता है |

शादी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ - 
  • सबसे पहले आवेदन पत्र पूरी तरह से भरा हुआ साथ मे ही पति पत्नी और उनके माता पिता के हस्ताक्षर होने जरूरी है | 
  • रिहाइस का प्रमाण पत्र जैसे वॉटर आईडी कार्ड/राशन कार्ड/ पासपोर्ट/ ड्राइवनिग लाइसेन्स/ पति और पत्नी का जन्म प्रमाणपत्र और पति पत्नी दोनों के 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, शादी का एक फोटोग्राफ
  • सारे दस्तावेज़ सैल्फ़ अटैस्टेड होने चाहिए और साथ ही शादी का एक निमंत्रण पत्र भी लगाना होता है |
  • दूल्हा या दुल्हन को उस तहसील का निवासी हो जहां शादी रजिस्टर्शन कराई जानी है और सबसे जरूरी है दूल्हा की उम्र 21 और दुल्हन की 18 कम से कम होनी चाहिए |
शादी प्रमाणपत्र के फायदे -
  • भारत मे स्थित विदेशी दूतावासो या विदेश मे किसी को पत्नी पत्नी साबित केरने के लिए विवाह प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है |
  • विवाह प्रमाणपत्र होने से महिलाओ मे विश्वाश और सामाजिक सुरक्षा का एहसास जगता है |
  • पति पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद ( दहेज, तलाक गुजाराभत्ता लेने आदि ) होने की स्थिति मे विवाह प्रमाणपत्र काफी मददगार साबित होता है |
  • बाल विवाह पर लगाम लगाने मे मदद मिलती है क्योकि अगर आपकी उम्र शादी की नहीं है तो विवाह का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा |
  • शादीसुदा हो या तलाकसुदा दोनों सूरत मे विवाह प्रमाणपत्र काम आता है | महिलाओ के लिए यह दस्तावेज़ ज्यादा उपयोगी है क्योकि तलाक के बाद महिलाओ को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की जरूरत पुरुषो की तुलना मे ज्यादा होती है |

शादी रजिट्रेशन कराने का तरीका -
हिन्दू मैरीज़ एक्ट के तहत कोई भी अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन करा सकता है तरीका निम्न है -
  • दंपति को रजिस्ट्रार के यहाँ आवेदन करना होता है यह रजिस्ट्रार या उस क्षेत्र का होगा जहां शादी हुई हो या फिर वहाँ का जहां पत्नी पत्नी मे से कोई कम से कम 6 महीने से रह रहा हो |
  • दंपति को शादी के 1 महीने के अनादर गवाह के साथ रजिस्ट्रार के सामने हाजिर होना होगा साथ मे माता पिता, दोस्त जोई भी हो सकता है |
  • रजिस्ट्रार मे देरी होने पर 5 साला तक रजिस्ट्रार को माफी देने का अधिकार है इससे ज्यड़ा वक्त होने पर संबन्धित डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार के पास इस का अधिकार है |